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डिलीवरी के 14 दिन बाद ही IAS अधिकारी नवजात शिशु के साथ काम पर वापिस लौटी

डिलीवरी के 14 दिन बाद ही IAS अधिकारी नवजात शिशु के साथ काम पर वापिस लौटी

Tuesday October 13, 2020 , 2 min Read

मोदीनगर की सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट सौम्या पांडे कहती हैं,

"मैं एक IAS अधिकारी हूं, इसलिए मुझे अपनी सर्विस को देखना होगा।"

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अपने नवजात शिशु के साथ मोदीनगर की SDM सौम्या पांडे, फोटो साभार : Twitter

अपनी ड्यूटी पर सराहनीय योगदान देने वाली मोदीनगर की SDM सौम्या पांडे (जिन्हें इस जुलाई में गाजियाबाद जिले में कोविड-19 के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था) बच्ची को जन्म देने के 14 दिन बाद ही कार्यालय पहुंच गईं।


ANI से बात करते हुए सौम्या कहती हैं,

"मैं एक IAS अधिकारी हूं इसलिए मुझे अपनी सेवा को देखना होगा। कोविड -19 के कारण सभी हम सभी पर बड़ी ज़िम्मेदारी है। ईश्वर ने औरत को बच्चे को जन्म देने और देखभाल करने की काबिलियत दी है। ग्रामीण भारत में, औरतें प्रसव के आखिर दिनों में प्रिग्नेंसी में अपने घर-गृहस्थी और जीवनयापन से संबंधित काम करती हैं, जन्म देने के बाद बच्चे की देखभाल करती हैं और अपने काम व घर को मैनेज भी करती हैं। ये ईश्वर की कृपा है कि मैं अपनी तीन हफ्ते की बेटी के साथ प्रशासनिक काम करने में सक्षम हूं।”


साथ ही उन्होंने कहा,

"मेरे परिवार ने मेरा बहुत साथ और सहयोगी दिया है। मेरी पूरी तहसील और गाजियाबाद जिला प्रशासन ने जो कि मेरे लिए एक परिवार की तरह है, ने मुझे गर्भावस्था और प्रसव के बाद अपना सहयोगी दिया। साथ ही मैं जिला मजिस्ट्रेट और प्रशासन के कर्मचारियों के प्रति आभारी हूं।"


SDM ने यह भी कहा,

"जुलाई से सितंबर तक, मैं गाजियाबाद में सीओवीआईडी ​​के लिए नोडल अधिकारी थी। सितंबर में मुझे अपने ऑपरेशन के दौरान 22 दिनों की छुट्टी मिली। डिलीवरी के दो हफ्ते बाद मैंने तहसील जॉइन कर ली।"


अंत में उन्होंने कहा,

"हर प्रेग्नेंट वुमन को COVID-19 पेंडेमिक में घर के बाहर काम करते समय ज़रूरी प्रिकॉशन्स बरतने चाहिए।"


अपनी ड्यूटी के प्रति एक महिला ऑफिसर का समर्पण देखते बनता है। ऐसी महिलाएं समाज के लिए उदाहरण हैं।