IIT Kanpur के इस इनोवेशन की बदौलत अब डीजल के बजाए सौर ऊर्जा पर चलेगी नाव

By yourstory हिन्दी
December 14, 2022, Updated on : Wed Dec 14 2022 09:02:24 GMT+0000
IIT Kanpur के इस इनोवेशन की बदौलत अब डीजल के बजाए सौर ऊर्जा पर चलेगी नाव
आईआईटी कानपुर ने कड़ा घाट कौशांबी में i-Ghat, जोकि RCC-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर ग्रिड है, को लॉन्च करने के साथ अगली पीढ़ी के वाटरफ्रंट इंफ्रास्ट्रक्चर का समर्थन किया है. यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वैश्विक आईटी दिग्गज, NTT DATA द्वारा समर्थित i-Ghat सुविधा का उद्घाटन किया.
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आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) में एक स्टार्टअप Acquafront Infrastructure Private Limited (AIPL), ने कड़ा घाट, कौशाम्बी में अगली पीढ़ी की अवधारणा "आई-घाट" (i-Ghat) विकसित की है. यह भारत में नदी घाटों को निर्मल करने का एक अनूठा भविष्यवादी प्रस्ताव है. आई-घाट में स्टील इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग जेली (SIFJ) तकनीक का उपयोग करके सौर ऊर्जा और बिजली से चलने वाली नावों के साथ प्रबलित-सीमेंट कंक्रीट (RCC) आधारित फ्लोट्स को एकीकृत करना और डीजल की नावों के कारण होने वाले शोर और वायु प्रदूषण को कम करना भी शामिल है. यह परियोजना 80 से अधिक देशों में मौजूद एक वैश्विक डिजिटल व्यवसाय और आईटी सेवाओं के अग्रणी NTT DATA द्वारा समर्थित है.


कड़ा घाट, कौशाम्बी में आई-घाट सुविधा सितंबर, 2022 में चालू की गई थी और हाल ही में इसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया है. डॉ. हर्ष विनायक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, NTT DATA, प्रो. अंकुश शर्मा, प्रोफेसर-इन-चार्ज (इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन), आईआईटी कानपुर और कौशाम्बी के जिलाधिकारी सुजीत कुमार इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.


आई-घाट परियोजना अत्याधुनिक फ्लोटिंग चार्जिंग स्टेशन से सुसज्जित है जिसमें बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक-बोट्स के लिए बैटरी स्वैप सुविधा उपलब्ध है जो आरसीसी-आधारित फ्लोटिंग सोलर ग्रिड के माध्यम से कैप्चर की गई सौर ऊर्जा का उपयोग करती हैं. यह पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, जिससे वायु और ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होता है और एक स्थायी दुनिया के लिए टेक इनोवेशन का समर्थन करने के NTT DATA के उद्देश्य के साथ संरेखित करता है.


गौरी बाहुलकर, डायरेक्टर ग्लोबल सीएसआर एंड इंडिया क्लाइंट एक्सपीरियंस सेंटर्स, NTT DATA सर्विसेज ने कहा, "अगली पीढ़ी की तकनीक विकसित करने के लिए नवोन्मेषी प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करने की एसआईआईसी की कार्यशैली में हमें हमेशा विश्वास रहा है और आईआईटी कानपुर के इन्क्यूबेशन सेंटर के साथ जुड़कर हमें खुशी है. जो अपनी तैनात तकनीक के माध्यम से समाज के लिए सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करने का एक लंबा इतिहास साझा करता है."


आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा, “आईआईटी कानपुर में इनोवेशन इकोसिस्टम का तेजी से विस्तार हो रहा है, हमें और हमारे स्टार्टअप्स को लगातार समर्थन देने के लिए मैं NTT DATA का आभारी हूं. मैं इस परियोजना को विकसित करने के लिए SIFJ टेक्नोलॉजी की तैनाती के लिए AIPL को बधाई देता हूं, जो एक स्थायी दृष्टिकोण के माध्यम से आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है."


अंकित पटेल और अचिन अग्रवाल द्वारा स्थापित AIPL वाराणसी में खिडकिया घाट पर गंगा नदी पर दुनिया के पहले फ्लोटिंग सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन सहित बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के लिए फ्लोटिंग समाधान विकसित कर रहा है. अंकित पटेल ने कहा, “नदियों ने हमेशा भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में एक प्रमुख भूमिका निभाई है, लेकिन पिछली सदी में औद्योगीकरण और असमान विकास ने इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचाया है. इन युगों पुराने संबंधों को पुनर्जीवित करने के लिए पानी के बुनियादी ढांचे के लिए स्थायी समाधानों के साथ विकास को गति देने के लिए आधुनिक रास्ते की आवश्यकता है. SIFJ तकनीक को भारत और विकासशील देशों के लिए अनूठी स्थिति को संबोधित करने के लिए विकसित किया गया है."


इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन के प्रभारी प्रोफेसर अंकुश शर्मा ने कहा, "AIPL की आई-घाट तकनीक स्थानीय आबादी और सहायकों के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने का एक उल्लेखनीय प्रयास है. NTT DATA के समर्थन ने परियोजना को और अधिक शक्ति और गति प्रदान की है.”


Edited by रविकांत पारीक