डाकघर की किस स्कीम में निवेश पर रहता है टैक्स बेनिफिट, किस पर नहीं; चार्ट से समझें

By Ritika Singh
January 19, 2023, Updated on : Mon Jan 30 2023 17:06:42 GMT+0000
डाकघर की किस स्कीम में निवेश पर रहता है टैक्स बेनिफिट, किस पर नहीं; चार्ट से समझें
डाकघर की बचत योजनाओं में से कुछ पर टैक्स बेनिफिट भी रहता है.
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मौजूदा वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही जनवरी-मार्च चल रही है और जल्द ही यह वित्त वर्ष खत्म हो जाएगा. ऐसे में जिन टैक्सपेयर्स ने टैक्स सेविंग (Tax Saving) नहीं की है और टैक्स का बोझ कम करना चाहते हैं, उन्हें इस दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाने की जरूरत है. अगर आप डाकघर की बचत योजनाओं पर भरोसा करते हैं और इन्हें सुविधाजनक मानते हैं तो बता दें कि इन स्कीम्स में से कुछ पर टैक्स बेनिफिट (Income Tax Benefit) भी रहता है. ऐसी स्कीम्स में निवेश कर आप आयकर कानून के सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन (Tax Deduction) क्लेम कर सकते हैं.


सेक्शन 80C के तहत टैक्स सेविंग विकल्पों में निवेश कर 1.50 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि डाकघर की कौन सी बचत योजना पर टैक्स बेनिफिट रहता है और किस योजना में यह फायदा नहीं मिलता है...

चार्ट से समझें

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हर तीन महीने पर तय होती हैं डाकघर स्कीम्स पर ब्याज दरें

डाकघर की बचत योजनाओं को छोटी बचत योजनाएं कहा जाता है. इन बचत योजनाओं पर ब्याज दरें हर तिमाही पर तय होती हैं. सरकार ने जनवरी-मार्च 2023 के लिए डाकघर टर्म डिपॉजिट, NSC, मंथली इनकम अकाउंट स्कीम, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और किसान विकास पत्र समेत 5 स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2023 से लागू हो रही है. हालांकि, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), डाकघर RD, सुकन्या समृद्धि स्कीम और डाकघर बचत खाते की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है.


सरकार ने KVP के लिए मैच्योरिटी पीरियड और ब्याज दर दोनों में संशोधन किया है. इसके तहत किसान विकास पत्र अब 123 महीने के बजाय 120 महीने में ही मैच्यो​र हो जाएगा. इससे पहले अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही के लिए भी किसान विकास पत्र की ब्याज दर में बढ़ोतरी की गई थी और मैच्योरिटी पीरियड को 124 माह से घटाकर 123 माह किया गया था.

डाकघर में जमा एक-एक पैसा है सेफ

अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो ग्राहक की कुल मिलाकर केवल 5 लाख रुपये तक की जमा ही सुरक्षित है. यानी भले ही ग्राहक के एक बैंक की विभिन्न ब्रांच में कितने ही पैसे जमा हों लेकिन अगर बैंक दिवालिया हो गया तो उसे कुल मिलाकर मैक्सिमम 5 लाख रुपये ही वापस मिलेंगे. लेकिन डाकघर में ऐसा नहीं है. पोस्ट ऑफिस में आपकी जमा का एक-एक पैसा सुरक्षित रहता है.