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ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए India Post और Shiprocket ने की पार्टनरशिप

इस समझौते से डाक घर निर्यात केंद्र और शिपरॉकेट के बीच तकनीकी एकीकरण होगा और शिपरॉकेट का उपयोग करके भारत स्थित विक्रेताओं को सीधे शिपरॉकेट प्लेटफॉर्म से ही ई-पीबीई और शिपिंग लेबल उत्पन्न करने में सक्षम बनाया जाएगा.

ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए India Post और Shiprocket ने की पार्टनरशिप

Wednesday September 06, 2023 , 3 min Read

डाक विभाग (India Post) ने देश में ई-कॉमर्स के लिए एक निर्यात इकोसिस्टम सृजित करने की पहल के तहत, प्रमुख ई-कॉमर्स सक्षम प्लेटफार्मों में से एक, बिगफुट रिटेल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (Shiprocket) के साथ एक समझौता किया है. इस सहयोग का उद्देश्य इंडिया पोस्ट की व्यापक उपस्थिति और विश्वसनीय शिपिंग समाधानों का लाभ उठाकर ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ाना है.

नयी दिल्ली में मंगलवार को महानिदेशक (डाक सेवा) आलोक शर्मा, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल दिल्ली मंजू कुमार और शिपरॉकेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) साहिल गोयल की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गये. यह समझौता भारत के सीमा पार ई-कॉमर्स परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

डाक सेवाओं के महानिदेशक आलोक शर्मा ने इस मौके पर कहा, “भारतीय डाक ने हाल के दिनों में विदेशी डाकघरों के विस्तार, डाकघरों के माध्यम से वाणिज्यिक निर्यात को सक्षम करने के लिए निर्यात के डाक बिल की शुरुआत जैसे कई कदम उठाए हैं.”

शर्मा ने कहा, “प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय ट्रैक्ड पैकेट सेवा और देश भर में डाक घर निर्यात केंद्र (डीएनके) की स्थापना , ऑनलाइन ऑर्डर प्रोसेसिंग, निर्यात दस्तावेज, अनुपालन और सीमा शुल्क निकासी को इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बिल ऑफ एक्सपोर्ट (पीबीई) के माध्यम से सरल बना दिया गया है, जिसे डीएनके पोर्टल पर दाखिल किया जा सकता है. विभिन्न एजेंसियों और ई-मार्केटप्लेस के साथ डीएनके पोर्टल के एकीकरण से देश के दूरदराज के क्षेत्रों के कारीगरों, शिल्पकारों और एसएमई विक्रेताओं को लाभ होगा. अभी तक 600 से अधिक डीएनके शुरू हो चुके हैं.”

इस समझौते से डाक घर निर्यात केंद्र और शिपरॉकेट के बीच तकनीकी एकीकरण होगा और शिपरॉकेट का उपयोग करके भारत स्थित विक्रेताओं को सीधे शिपरॉकेट प्लेटफॉर्म से ही ई-पीबीई और शिपिंग लेबल उत्पन्न करने में सक्षम बनाया जाएगा. निर्यातक पैकेजिंग, लेबल प्रिंटिंग, पिकअप सुविधा का लाभ उठा सकते हैं और देश के किसी भी हिस्से में अपने शिपमेंट को निकटतम डीएनके में भेज सकते हैं.

सीपीएमजी दिल्ली की मंजू कुमार ने कार्यक्रम के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला कि ई-कॉमर्स आर्थिक विकास और नवाचार के एक शक्तिशाली चालक के रूप में उभरा है और इस सहयोग का उद्देश्य व्यापक डाकघर बुनियादी ढांचे का उपयोग करके शिपरॉकेट मंच पर और अधिक छोटे व्यवसायों को शामिल करने के लिए सक्षम बनाना है.

Shiprocket के सीईओ साहिल गोयल ने कहा, “हम इंडिया पोस्ट के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करते हुए रोमांचित हैं, एक ऐसा सहयोग जो सूक्ष्म ,लघु और मध्यम उद्यम के लिए ई-कॉमर्स और वैश्विक व्यापार के परिदृश्य को नया स्वरुप देने के लिए तैयार है. इंडिया पोस्ट के साथ मिलकर, हम दुनिया भर में 200 से अधिक गंतव्यों के लिए तेज, अधिक सुरक्षित और अधिक कुशल वैश्विक पार्सल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमारा लक्ष्य न केवल अपनी पहुंच का विस्तार करना है बल्कि डाक घर निर्यात केंद्रों (डीएनके) के माध्यम से लागत और वितरण समय को भी कम करना है.”

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक्स एग्रीगेटर्स और ई-मार्केट प्लेस लीडर्स के साथ मिलकर काम करते हैं. पिछले सप्ताह अमेज़ॅन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद यह समझौता इंडिया पोस्ट की निर्यातोन्मुख पहल में नवीनतम कार्यक्रम है.

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