भारत जनवरी में राष्ट्रमंडल निशानेबाजी और तीरंदाजी चैम्पियनशिप की मेजबानी करेगा

By भाषा पीटीआई
February 25, 2020, Updated on : Tue Feb 25 2020 07:01:31 GMT+0000
भारत जनवरी में राष्ट्रमंडल निशानेबाजी और तीरंदाजी चैम्पियनशिप की मेजबानी करेगा
सीजीएफ ने 21 से 23 फरवरी तक चली कार्यकारी बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया। इस फैसले को भारत की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा जिसने निशानेबाजी को हटाये जाने के बाद 2022 बर्मिंघम खेलों के बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
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लंदन, भारत राष्ट्रमंडल निशानेबाजी और तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी जनवरी 2022 में चंडीगढ़ में करेगा और बर्मिंघम में होने वाले खेलों में इसके पदकों को ‘प्रतिस्पर्धी देशों की रैंकिंग’ के लिए शामिल किया जायेगा।


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सांकेतिक चित्र (फोटो क्रेडिट: khaskhabar)



राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इन दोनों स्पर्धाओं के पदकों को हालांकि राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह के एक सप्ताह अंतिम तालिका में जोड़ा जाएगा।


सीजीएफ ने यहां 21 से 23 फरवरी तक चली कार्यकारी बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया। इस फैसले को भारत की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा जिसने निशानेबाजी को हटाये जाने के बाद 2022 बर्मिंघम खेलों के बहिष्कार की चेतावनी दी थी।


सीजीएफ की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया,

‘‘भारत में राष्ट्रमंडल तीरंदाजी और निशानेबाजी चैम्पियनशिप का आयोजन 2022 में होगा। इसके आयोजन से जुड़े मामले को सीजीएफ के कार्यकारी बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया है।’’


इन दोनों स्पर्धाओं का आयोजन चंडीगढ़ में जनवरी 2022 में होगा जबकि राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 27 जुलाई से सात अगस्त 2022 तक होगा।


विज्ञप्ति में कहा गया,

‘‘इस फैसले से यह साफ हो गया कि चंडीगढ़ 2022 और बर्मिंघम 2022 अलग-अलग राष्ट्रमंडल खेल प्रतियोगिताएं होंगी।’’


इसके मुताबिक,

‘‘बर्मिंघम 2022 खेलों के समापन समारोह के एक सप्ताह बाद सीजीएफ पदक तालिका जारी करेगा जिसमें चंडीगढ़ 2022 राष्ट्रमंडल निशानेबाजी और तीरंदाजी चैम्पियनशिप के पदकों को प्रतिस्पर्धी देशों की वैध रैंकिंग के रूप में जारी किया जाएगा।’’


इससे पहले जुलाई 2019 में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाये जाने के विरोध में इसका बहिष्कार करने की घमकी दी थी।


सीजीएफ अध्यक्ष लुइस मार्टिन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड ग्रेवेमबर्ग के नवंबर में भारत दौरे के बाद आईओए ने दिसंबर में वार्षिक आम सभा की बैठक के बाद इस बहिष्कार को वापस ले लिया था।


आईओए ने इसके बाद निशानेबाजी के साथ तीरंदाजी की मेजबानी का प्रस्ताव इस शर्त के साथ रखा था कि इसके पदकों को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की तालिका में जोड़ा जाए।


भारत सरकार ने भी तुरंत दोनों प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए मंजूरी दे दी थी। निशानेबाजी चैंपियनशिप के खर्च के बड़े हिस्से को भारतीय राष्ट्रीय राइफल महासंघ (एनआरएआई) द्वारा पूरा किया जाना है जबकि तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए पूरी राशि भारत सरकार देगी।


भारत के इस प्रस्ताव का अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ और विश्व तीरंदाजी ने भी समर्थन किया था।


सीजीएफ अध्यक्ष मार्टिन ने कहा,

‘‘मुझे खुशी है कि भारत के राष्ट्रमंडल निशानेबाजी और तीरंदाजी चैम्पियनशिप को जनवरी 2022 में चंडीगढ़ में आयोजित करने की महत्वकांक्षी योजना को मंजूरी मिल गयी।’’


उन्होंने कहा,

‘‘राष्ट्रमंडल तीरंदाजी और निशानेबाजी खिलाड़ियों को अब एक शानदार प्रतियोगिता में भाग लेने का अभूतपूर्व मौका मिलेगा जो राष्ट्रमंडल खेलों की सर्वश्रेष्ठ क्षमता को प्रदर्शित करेगा और राष्ट्रमंडल खेल अभियान को बढ़ावा देगा।’’


उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल को मजबूती देने वाले इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए भारतीय राष्ट्रमंडल संघ और आईओए के साथ एनआरएआई तथा भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया।


आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा,

‘‘हमें खुशी है कि सीजीएफ ने हमारे प्रस्ताव को मंजूरी दी। राष्ट्रमंडल तीरंदाजी और निशानेबाजी चैंपियनशिप के आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हम सभी हितधारकों के साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं।’’


उन्होंने कहा,

‘‘हमारे प्रस्ताव से राष्ट्रमंडल खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक मौके मिलेंगे। हमें राष्ट्रमंडल के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों और तीरंदाजों का 2022 में चंडीगढ़ में स्वागत करने का इंतजार रहेगा। भारतीय टीम भी चंडीगढ़ 2022 और बर्मिंघम 2022 खेलों में भाग लेने का इंतजार कर रही है।’’


निशानेबाजी और तीरंदाजी राष्ट्रमंडल खेलों में वैकल्पिक खेल की सूची में हैं। निशानेबाजी का आयोजन 1966 से हर बार (1970 एडिनबर्ग को छोड़कर) राष्ट्रमंडल खेलों में होता आ रहा है। तीरंदाजी का आयोजन 1982 (ब्रिसबेन) और 2010 (दिल्ली) राष्ट्रमंडल खेलों में हुआ है।


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