इंदौर ने स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार पांचवीं बार 'सबसे स्वच्छ शहर' की उपाधि प्राप्त की

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वच्छ अमृत महोत्सव में भारत के सबसे ज्यादा स्वच्छ शहरों को सम्मानित किया। 9 शहर 5-सितारा जबकि 143 शहर 3-सितारा कचरा मुक्त शहर घोषित किए गए। सफाई मित्र सुरक्षा चुनौती में इंदौर, नवी मुंबई और नेल्लोर शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरकर सामने आए।

इंदौर ने स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार पांचवीं बार 'सबसे स्वच्छ शहर' की उपाधि प्राप्त की

Saturday November 20, 2021,

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के भाग के रूप में आयोजित किए गए स्वच्छ अमृत महोत्सव में भारत के सबसे स्वच्छ शहरों के विजेताओं को सम्मानित किया।


इस पुरस्कार समारोह का आयोजन स्वच्छ भारत अभियान (शहरी) के विभिन्न पहलों के अंतर्गत कस्बों/शहरों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा स्वच्छता के लिए अपनाए गए अच्छे कार्यों की पहचान करने के लिए किया गया, इसमें स्वच्छ सर्वेक्षण 2021,सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज और शहरों के लिए कचरा मुक्त स्टार रेटिंग के प्रमाणपत्र जैसे विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत 300 से ज्यादा पुरस्कारों का वितरण किया गया।

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लगातार पांचवें वर्ष, इंदौर को स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत भारत का सबसे स्वच्छ शहर होने के खिताब से सम्मानित किया गया, जबकि सूरत और विजयवाड़ा ने '1 लाख से ज्यादा आबादी' की श्रेणी में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर सफलता प्राप्त की। '1 लाख से कम' जनसंख्या वाली श्रेणी में, वीटा, लोनावाला और सासवड क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे और सभी महाराष्ट्र में स्थित हैं।


वाराणसी 'सर्वश्रेष्ठ गंगा शहर' के रूप में उभरकर सामने आया, जबकि अहमदाबाद छावनी ने 'भारत की सबसे स्वच्छ छावनी' का खिताब जीता, इसके बाद मेरठ छावनी और दिल्ली छावनी को यह स्थान प्राप्त हुआ। होशंगाबाद (मध्य प्रदेश),'फास्टेस्ट मूवर' की श्रेणी में 'फास्टेस्ट मूवर सिटी' ('1 लाख से ज्यादा आबादी' श्रेणी में) के रूप में उभरा, जो 2020 की रैंकिंग में 361 वें स्थान से 274वें स्थान की छलांग के साथ इस वर्ष 87वें स्थान पर अवस्थित है, इस प्रकार से उसने शीर्ष 100 शहरों में अपना स्थान प्राप्त कर लिया है।


राज्य पुरस्कारों में, छत्तीसगढ़ लगातार तीसरे वर्ष '100 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों" की श्रेणी में 'सबसे स्वच्छ राज्य' के रूप में उभरा, जबकि झारखंड ने दूसरी बार "100 से कम यूएलबी श्रेणी" में सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार जीता। कर्नाटक और मिजोरम क्रमशः बड़े (100 से अधिक यूएलबी) और छोटे (100 से कम यूएलबी) राज्य की श्रेणी में ''फास्टेस्टमूवर स्टेट्स' बन कर उभरे।


राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि इस वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों का विशेष महत्व है क्योंकि हम 'आजादी का अमृत महोत्सव' मना रहे हैं।


उन्होंने कहा कि सफाईमित्रों और सफाई कर्मियों ने कोविड महामारी के दौरान भी लगातार अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि असुरक्षित सफाई प्रथाओं के कारण किसी भी सफाईकर्मी के जीवन को कोई खतरा उत्पन्न न हो।


राष्ट्रपति ने कहा कि शहरों को साफ-सुथरा रखने के लिए ठोस कचरे का प्रभावी प्रबंधन बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने बल देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारत की पारंपरिक जीवनशैली का अभिन्न अंग है। आज पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण पर बल दे रही है, जिसमें संसाधनों में कमी करने, पुन: उपयोग करने और पुनर्चक्रण करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि 'वेस्ट टू वेल्थ' के विचार से अच्छे उदाहरण प्राप्त हो रहे हैं और इन क्षेत्रों में कई स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उद्यमिता और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सही योजनाएं विकसित की जा सकती हैं।