Sula Vineyards का IPO 12 दिसंबर को, OLA का IPO कब?

By रविकांत पारीक
December 07, 2022, Updated on : Wed Dec 07 2022 16:33:40 GMT+0000
Sula Vineyards का IPO 12 दिसंबर को, OLA का IPO कब?
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देश के सबसे बड़े वाइन उत्पादकों में से एक सुला वाइनयार्ड्स (Sula Vineyards) का IPO आगामी 12 दिसंबर को खुलेगा. Sula की टीम ने YourStory से बात करते हुए इसकी पुष्टि की है.


कंपनी के DRHP (draft red herring prospectus) के मुताबिक, यह इश्यू पूरी तरह से कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जो अपनी करीब 2.56 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे.


सुला वाइनयार्ड्स 2003 में इनकॉर्पोरेट हुई थी. नासिक स्थित कंपनी RASA, Dindori, The source, Satori, Madera और Dia सहित लोकप्रिय ब्रांडों के के तहत वाइन बेचती है.


सुला को Verlinvest, Everstone Capital, Visvires, Saama Capital, और DSG Consumer Partners सहित विभिन्न निजी इक्विटी फंडों और संस्थागत निवेशकों का समर्थन प्राप्त है.


Kotak Mahindra Capital Company, CLSA India और IIFL Securities कंपनी के बुक रनिंग मैनेजर हैं, जबकि KFin Technologies को इश्यू के रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया है.

OLA का IPO कब?

OLA अगले साल तक आईपीओ लाने पर विचार कर सकती है, हालांकि इसके लिए अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है. ओला के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल ने कहा कि अचानक आई महामारी में मंदी को छोड़कर कारोबार लगातार फायदे में है और यह परिपक्व हो गया है.


उन्होंने कहा कि ओला की आय में सालाना आधार पर 25 से 30 फीसदी की दर से बढ़ोतरी होती रहेगी. अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी उबर की तरह, ओला ने महामारी और लॉकडाउन के दौरान अपने कारोबार में भारी गिरावट देखी. अब यह स्थिति बदल गई है और महामारी से पहले की तुलना में अधिक राइड मिलने लगी है.


आईपीओ लाने की अपनी पुनर्योजना पर अग्रवाल ने कहा कि कंपनी पिछले साल के अंत में ओला राइड कारोबार में आईपीओ के लिए लाने की योजना बना रही थी, लेकिन यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण अपनी योजना को टाल दिया था. अब जब चीजें स्थिर होने लगी हैं, तो अगले साल तक आईपीओ लाने का विचार किया जा रहा है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.


कंपनी, जो 150 से अधिक शहरों में काम करती है, राइड के लिए अपने इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय के माध्यम से लाभ उठाने की योजना बना रही है. ओला इलेक्ट्रिक द्वारा निर्मित कुछ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को राइडिंग के लिए चलाया जाएगा और ड्राइवरों को इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. वाहनों की खरीद का समर्थन करने के लिए ओला की एक इन-हाउस वित्तीय सेवा कंपनी भी है.


अग्रवाल ने कहा कि ओला इलेक्ट्रिक राइड में अग्रणी भूमिका निभाएगी क्योंकि अभी इस क्षेत्र में कुछ खास नहीं हो रहा है.उन्होंने कहा कि कंपनी दोनों व्यवसायों के बीच तालमेल के क्षेत्रों पर काम कर रही है और जल्द ही पूरी योजना की घोषणा करेगी.


पिछले साल जुटाए गए फंड के आधार पर, ओला-राइड व्यवसाय का मूल्य वर्तमान में 7.3 अरब डॉलर है और इसे बैजूस, स्विगी, ओयो और सीरम इंस्टीट्यूट के साथ देश की शीर्ष पांच गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में स्थान दिया गया है.


ओला इलेक्ट्रिक का मूल्य 5 अरब डॉलर आंका गया है. यह यात्री कारों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों के निर्माण करने की योजना बना रही है. रिसर्च ऐंड मार्केट्स डॉट कॉम के अनुसार वर्ष 2027 तक राइड-शेयरिंग कारोबार का बेड़ा 97 लाख से अधिक के होने की उम्मीद है, जो फिलहाल 70.2 लाख है.


आंकड़ों के अनुसार यह प्रति वर्ष 5.5 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. स्टेटिस्टा के डेटा का अनुमान है कि 2022 में राइड-शेयरिंग और टैक्सी सेगमेंट में राजस्व 11.75 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. और यही 2026 में 12.92 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.

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