मनप्रीत और रानी हॉकी इंडिया के साल के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी बने

मनप्रीत और रानी हॉकी इंडिया के साल के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी बने

Monday March 09, 2020,

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नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और भारतीय टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को तीसरे हॉकी इंडिया वार्षिक पुरस्कार 2019 में रविवार को ध्रुव बत्रा साल के सर्वश्रेष्ठ भारतीय पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया जबकि महिला टीम की कप्तान रानी को साल की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी चुना गया।


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फोटो क्रेडिट: news18



मनप्रीत और रानी को ट्रॉफी के अलावा 25-25 लाख रुपये की इनामी राशि मिली। मनप्रीत ने इन पुरस्कारों की दौड़ में हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और सुरेंद्र कुमार को पछाड़ा जबकि रानी ने दीप ग्रेस एक्का, गुरजीत कौर और सविता को पीछे छोड़ा।


टोक्यो ओलंपिक 1964 की स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे हरबिंदर सिंह को मेजर ध्यान चंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया। वह 1968 मैक्सिको और 1972 म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के भी सदस्य रहे। उन्हें 30 लाख रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई।


हॉकी इंडिया वार्षिक पुरस्कारों के दौरान खिलाड़ियों को एक करोड़ 64 लाख 50 हजार रुपये की इनामी राशि सौंपी गई। भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने पिछले साल क्रमश: मनप्रीत और रानी की अगुआई में टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालीफाई किया।


मनप्रीत को पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के 2019 के साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष हॉकी खिलाड़ी के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वह यह पुरस्कार हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। रानी भी जनवरी में विश्व खेलों की साल की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाली पहली हॉकी खिलाड़ी बनी थी।


इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदा खेल एवं युवा मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा,

‘‘मेरा हमेशा से मानना है कि हॉकी भारतीय खेल के स्तंभ हैं। यह भारतीय खेल की आत्मा है। हॉकी का स्तर अलग है और इसमें कोई दो राय नहीं है।’’





उन्होंने कहा,

‘‘मैं आश्वासन देता हूं कि हॉकी को सरकार की ओर से जिस भी तरह के समर्थन की जरूरत होगी वह हम मुहैया कराएंगे।’’


इसके अलावा भारत की ओर से 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए दीप ग्रेस एक्का, कोथाजीत सिंह खादंगबाम और सविता जबकि 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए हरमनप्रीत सिंह, ललित कुमार उपाध्याय और निक्की प्रधान को ‘माइलस्टोन पुरस्कार’ दिया गया। एक्का, कोथाजीत और सविता को एक-एक लाख रुपये जबकि हरमनप्रीत, ललित और निक्की को 50-50 हजार रुपये की इनामी राशि दी गई।


मनप्रीत को एफआईएच का 2019 का साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, लालरेमसियामी को एफआईएच की 2019 की एफआईएच की साल की उभरती हुई महिला खिलाड़ी और विवेक सागर प्रसाद को 2019 का एफआईएच का साल का उभरता हुआ पुरुष खिलाड़ी बनने के लिए सम्मानित किया गया। मनप्रीत को 10 लाख जबकि लालरेमसियामी और विवेक को पांच-पांच लाख रुपये की इनामी राशि दी गई। रानी को भी ‘वर्ल्ड गेम्स एथलीट आफ द ईयर 2019’ पुरस्कार के लिए 10 लाख रुपये की इनामी राशि दी गई।


साल की ‘उत्कृष्ट उपलब्धि’ के लिए ओडिशा सरकार के खेल एवं युवा सेवा विभाग को हॉकी इंडिया प्रेंजिडेंट्स अवार्ड दिया गया जबकि ‘बहुमूल्य योगदान’ के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण को हॉकी इंडिया जमन लाल शर्मा पुरस्कार दिया गया।





राष्ट्रीय टीमों के मिश्रित पुरस्कार में कृष्ण बी पाठक को साल के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का बलजीत सिंह पुरस्कार, हरमनप्रीत सिंह को साल के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर का परगट सिंह पुरस्कार, नेहा गोयल को साल की सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर का अजीत पाल सिंह पुरस्कार और मनदीप सिंह को साल के सर्वश्रेष्ठ फारवर्ड का धनराज पिल्लै पुरस्कार दिया गया। इन सभी को पांच-पांच लाख रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफी दी गई।


विवेक को साल का सर्वश्रेष्ठ उभरता हुआ पुरुष खिलाड़ी (अंडर 21) के जुगराज सिंह पुरस्कार जबकि लालरेमसियामी को साल की सर्वश्रेष्ठ उभरती हुई महिला खिलाड़ी (अंडर 21) के असुंता लाकड़ा पुरस्कार के लिए चुना गया। इन दोनों को 10-10 लाख रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफी मिली।


मनप्रीत ने पुरस्कार हासिल करने के बाद कहा,

‘‘हमारी टीम के लिए पिछला साल काफी अच्छा रहा और मैं इस पुरस्कार को अपने टीम के साथियों और कोचों को समर्पित करता हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि यह पुरस्कार मुझे ही नहीं बल्कि अन्य खिलाड़ियों को भी देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।’’


हॉकी इंडिया के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने सभी विजेताओं को बधाई दी। एफआईएच अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष के रूप में वह भारतीय टीमों की प्रगति देखकर खुश हैं।


उन्होंने कहा,

‘‘भारतीय हॉकी को शीर्ष स्तर पर पहुंचाने के लिए मैं हॉकी इंडिया को उनके प्रयासों के लिए बधाई देता हूं। भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों के स्तर में सुधार हुआ है और वे दुनिया की किसी भी टीम को हराने में सक्षम हैं।’’