सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर! अक्टूबर-दिसंबर के लिए GPF पर ब्याज का हो गया ऐलान

By Ritika Singh
October 07, 2022, Updated on : Fri Oct 07 2022 11:06:14 GMT+0000
सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर! अक्टूबर-दिसंबर के लिए GPF पर ब्याज का हो गया ऐलान
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक कार्य विभाग की ओर से इस बारे में सर्कुलर जारी हो गया है.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) और ऐसी ही अन्य प्रोविडेंट फंड स्कीम्स के लिए ब्याज दरों की घोषणा कर दी है. मंत्रालय ने GPF और ऐसे ही अन्य फंड्स के लिए अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही में ब्याज को अपरिवर्तित रखा है. वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक कार्य विभाग की ओर से इस बारे में सर्कुलर जारी हो गया है. सर्कुलर में कहा गया है, 'आम जानकारी के लिए यह घोषित किया जाता है कि वर्ष 2022-23 के दौरान सामान्य भविष्य निधि (General Provident Fund) और उसी प्रकार की अन्य निधियों के सब्सक्राइबर्स की कुल जमा रकम पर दी जाने वाली ब्याज दर 1 अक्टूबर 2022 से 31 दिसंबर 2022 तक 7.1 प्रतिशत होगी. यह दर 1 अक्टूबर से लागू होगी.'


संबंधित निधियां इस तरह हैं-


1. सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं)

2. अंशदायी भविष्य निधि (भारत)

3. अखिल भारतीय सेवा भविष्य निधि

4. राज्य रेलवे भविष्य निधि

5. सामान्य भविष्य निधि (रक्षा सेवाएं)

6. भारतीय आयुध विभाग भविष्य निधि

7. भारतीय आयुध कारखाना कामगार भविष्य निधि

8. भारतीय नौसेना गोदी कामगार भविष्य निधि

9. रक्षा सेवा अधिकारी भविष्य निधि

10. सशस्त्र सेना कार्मिक भविष्य निधि

क्या है GPF?

GPF एक तरह का प्रोविडेंट फंड अकाउंट ही है लेकिन यह हर तरह के इंप्लॉइज के लिए नहीं होता है. GPF का फायदा केवल सरकारी कर्मचारियों को ही मिलता है. इसका फायदा लेने के लिए सरकारी कर्मचारियों को अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा GPF में डालना होता है. सरकारी कर्मचारियों के एक निश्चित वर्ग के लिए GPF में योगदान करना अनिवार्य है. इंप्लॉयमेंट टर्म के दौरान इंप्लॉइज द्वारा जीपीएफ में किए गए योगदान से तैयार कुल अमाउंट को रिटायरमेंट के वक्त इंप्लॉई को भुगतान किया जाता है. GPF में सरकार योगदान नहीं करती, केवल कर्मचारी की ओर से योगदान होता है. सरकार की ओर से कर्मचारी के पेंशन फंड (Pension Fund) में योगदान जाता है. GPF की ब्याज दर में वित्त मंत्रालय हर तिमाही पर बदलाव करता है.

कुछ स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज दरें बढ़ीं

सरकार ने कुछ स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Scheme) पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में 0.3 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. हालांकि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस पर ब्याज दर को 7.1 प्रतिशत सालाना पर बरकरार रखा गया है. इसके अलावा राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC), सुकन्या समृद्धि स्कीम (SSY) और डाकघर रिकरिंग डिपॉजिट (RD) पर भी ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. NSC पर ब्याज 6.8 प्रतिशत सालाना, सुकन्या समृद्धि पर 7.6 प्रतिशत सालाना और 5 साल वाली डाकघर RD पर 5.8 प्रतिशत सालाना पर ही कायम रखा गया है. वहीं पांच अन्य स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स, जिन पर मिलने वाली आय कर योग्य होती है, पर ब्याज दरों में 0.3 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है. इस बारे में डिटेल में पढ़ें...