स्‍वच्‍छता अभियान के अंतर्गत भारत सरकार के मंत्रालय ने कबाड़ बेचकर कमाए 22 करोड़

By yourstory हिन्दी
December 30, 2022, Updated on : Fri Dec 30 2022 11:22:00 GMT+0000
स्‍वच्‍छता अभियान के अंतर्गत भारत सरकार के मंत्रालय ने कबाड़ बेचकर कमाए 22 करोड़
कबाड़ बेचकर 22 करोड़ रुपए कमाने का संभवत: पहला और अनोखा मामला है.
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बीते कुछ समय से मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान का एक नया रूप सामने निकल कर आ रहा है. दरअसल सरकार से जुड़े विभिन्न विभाग और मंत्रालय अपने ऑफिस या विभाग से जड़ी इमारतों को न केवल स्वच्छ बना रहे हैं साथ ही इससे मिले कबाड़ को बेचकर रकम भी जुटा रहे हैं.


ऐसा ही एक सफाई अभियान भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी चलाया. ऐसा करके उन्‍होंने न सिर्फ 22 करोड़ रुपए कमाए बल्कि टनों कचरा साफ करने के बाद मंत्रालय में अच्‍छी-खासी जगह भी खाली हो गई है. इसे कहते हैं एक पंथ तीन काज. कचरे की सफाई भी हुई, 22 करोड़ की आय भी और जगह खाली हुई सो अलग.   


कहा जा रहा है कि कई टन कचरे की सफाई के बाद मंत्रालय में तकरीबन  कई लाख वर्गफुट जगह खाली हो गई है. मंत्रालय अब इस जगह का कोई और बेहतर इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है.

 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बात की जानकारी दी है. उन्‍होंने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के 20 शहरों में स्थित विभिन्‍न दफ्तरों में बड़े पैमाने पर ऑडिट की कार्रवाई पूरी की गई. इसके बाद तकरीबन 11 लाख वर्गफुट जगह खाली हुई है.


अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह ऑडिट और सफाई की कार्रवाई भी दरअसल स्‍वच्‍छ भारत अभियान का ही हिस्‍सा थी. वे पत्रकारों के साथ अनौपचारिक तौर पर बातचीत कर रहे थे, जिस दौरान उन्‍होंने यह बात कही. उन्‍होंने बताया कि सफाई के बाद निकले कबाड़ से मंत्रालय

को 22 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है.


इस साल 29 सितंबर से ऑडिट और साफ-सफाई का यह काम शुरू हुआ था. पहला दौरा अहमदाबाद के दूरदर्शन केंद्र का था और आखिरी भोपाल का. इस पूरे समय में देश के 20 शहरों में मंत्रालय के विभिन्‍न दफ्तरों में ऑडिट और सफाई की इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया.      

 

मुंबई शहर में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जुड़ी जितनी भी इमारतें हैं, उनका अनुराग ठाकुर ने औचक निरीक्षण किया, जिसके बाद तकरीबन 90 हजार वर्गफुट जगह खाली कराई गई. मंत्रालय के सभी दफ्तर शहर की सबसे प्राइम लोकेशंस पर बने हुए हैं. यदि इन जगहों को मंत्रालय किराए पर दे तब भी उससे अच्‍छी-खासी आमदनी हो सकती है.  


जिन 20 शहरों में मंत्रालय का यह सफाई अभियान चला है, उनमें प्रमुख हैं दिल्ली, मुम्बई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कुन्‍नूर, चेन्नई, त्रिचूर, तिरुवनंतपुरम, जबलपुर, चंडीगढ़, लखनऊ, कोयंबटूर, अमृतसर, संभलपुर, पुडुचेरी, बरहमपुर और भोपाल.


Edited by Manisha Pandey