पर्यटन मंत्रालय ने महिला सशक्तीकरण के लिए एमओयू पर किए हस्ताक्षर, महिलाओं के कौशल विकास पर होगा काम

By yourstory हिन्दी
August 22, 2020, Updated on : Sat Aug 22 2020 04:01:31 GMT+0000
पर्यटन मंत्रालय ने महिला सशक्तीकरण के लिए एमओयू पर किए हस्ताक्षर, महिलाओं के कौशल विकास पर होगा काम
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

इस पहल के माध्यम से, एफएलओ और टीएएआई, व्यक्तिगत और आतिथ्य कौशल, एक अधिक लचीला कार्य संतुलन और बहुत कम पूंजी के साथ उद्यमिता के लिए अधिक विकल्पों को प्रदान करने पर बल देगा।

(चित्र साभार: पीआईबी हिन्दी)

(चित्र साभार: पीआईबी हिन्दी)



केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री प्रहलाद सिंह पटेल की उपस्थिति में, ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) और फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (एफएलओ) के साथ पर्यटन मंत्रालय ने महिला सशक्तीकरण के लिए एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।


इस पहल के माध्यम से, एफएलओ और टीएएआई, व्यक्तिगत और आतिथ्य कौशल, एक अधिक लचीला कार्य संतुलन और बहुत कम पूंजी के साथ उद्यमिता के लिए अधिक विकल्पों को प्रदान करने पर बल देगा।


इस अवसर पर श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे देश में महिलाएं विभिन्न कार्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट भूमिका अदा करती हैं। हमारे पास डॉक्टरों, पायलटों, वैज्ञानिकों, व्यावसायियों के रूप में सर्वश्रेष्ठ महिलाएं उपलब्ध हैं। महिलाओं ने साहसिक गतिविधियों और खेलों जैसे पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, साइकिलिंग आदि में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आज हमारे देश की महिलाएं सशस्त्र बलों की एक महत्वपूर्ण घटक हैं। और हम एक ऐसा राष्ट्र है जहां पर महिलाओं ने देश की प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों को संभाला है।


यह समझौता ज्ञापन, पर्यटन मंत्रालय, टीएएआई और एफएलओ के बीच सहयोग और सामंजस्य के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।





राज्य पर्यटन विभागों और राज्य पर्यटन निगमों के साथ-साथ एफएलओ और टीएएआई के राज्य के समूहों के माध्यम से जागरूकता उत्पन्न की जा सकेगी, जिससे महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया जा सकेगा, यह पर्यटन उद्योग में महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य कर सकता है और उनके आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित कर सकता है।


इस सहयोग के माध्यम से, जमीनी स्तर की महिलाओं, अर्ध शहरी, शहरी क्षेत्रों में मध्यमिक स्तर और शहरी शिक्षित बेरोजगार महिलाओं को शुरुआत करने और काम करने में मदद मिलेगी।


एफएलओ और टीएएआई, महिलाओं को संबंधित हितधारकों के साथ जोड़ने, उनके आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट रूपों में प्रशिक्षण देने, राष्ट्र के विकास में समान भागीदार के रूप में उनकी स्वयं-जागरूकता को बढ़ाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करने की प्रक्रिया में सुविधा प्रदाता के रूप में कार्य करेंगे।


(सौजन्य से- PIB दिल्ली)


Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close