मुंबई के इस दंपति ने माफ कर दी बच्चों की स्कूल की फीस, महामारी के बीच खुद की बचत से गरीबों को दे रहे हैं खाना

मिगजा शेख और फैयाज ने मुंबई के उपनगरीय इलाके में कोविड-19 संकट के दौरान वंचितों को भोजन वितरित करने के लिए अपनी व्यक्तिगत बचत का उपयोग किया।

मुंबई के इस दंपति ने माफ कर दी बच्चों की स्कूल की फीस,  महामारी के बीच खुद की बचत से गरीबों को दे रहे हैं खाना

Thursday July 30, 2020,

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मुंबई के मिगजा शेख और उनके पति फैयाज शहर के उपनगर मलाड में ज़ील (Zeal) इंग्लिश मीडियम स्कूल चलाते हैं।


द लॉजिकल इंडियन कि एक रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में, दंपति ने कक्षा 1 से 10 तक के 300 से अधिक छात्रों के लिए अपने स्कूल की फीस माफ कर दी, महामारी के कारण कुछ छात्रों ने पैसे देने में असमर्थता जताई थी


ग़रीबों को खाना देते हुए मिगज़ा शेख़ और फ़ैयाज़।

ग़रीबों को खाना देते हुए मिगज़ा शेख़ और फ़ैयाज़।


हालांकि, इस बात ने उन्हें जरूरतमंदों को भोजन वितरित करने से नहीं रोका। मिगज़ा और फैयाज़ ने देखा कि कई बेरोजगार व्यक्ति एक दिन में दो वक्त का भोजन भी खरीदने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। और, यही वह समय था जब उन्होंने समाज के लिए कुछ करने की ठानी


“ज्यादातर लोग जो यहां रहते हैं, वे प्रवासी और दिहाड़ी मजदूर हैं। उनकी हालत को देखते हुए, हमने कुछ एनजीओ के साथ संपर्क किया और खिचड़ी का वितरण शुरू किया। लेकिन इसके तुरंत बाद, हमने महसूस किया कि यह पर्याप्त नहीं था। हमें पता चला कि हमने जितना सोचा था, उससे कहीं ज्यादा खराब स्थिति है। इसलिए, हमने लोगों की मदद करने का फैसला किया, मिगज़ा ने द हिंदुस्तान टाइम्स को बताया।

अब तक, दंपति ने अपनी व्यक्तिगत बचत का उपयोग करके 1,800 से अधिक लोगों को भोजन वितरित किया है, जिसे उन्होंने अपने लिये घर बनाने के लिए बचाए थे।


फैयाज़ ने कहा, “मैं एक कंपनी के लिए भी काम करता हूं। जब संसाधनों की मांग बढ़ी, तो मैंने अपनी भविष्य निधि बचत (provident fund savings) का उपयोग करने का निर्णय लिया। मैंने अब तक लगभग 4.5 लाख रुपये खर्च किए हैं।”

एक बार जब दंपति ने अपनी पहल शुरू की, तो उन्हें भोजन के लिए बहुत सारे अनुरोध मिले। उन्हें शुरुआत में एक एनजीओ से कुछ वित्तीय सहायता मिली, हालांकि, बाद के चरणों में बंद हो गई।


दंपति के प्रयासों ने देश भर के नेटिज़न्स से सराहना प्राप्त की, जिसमें उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी शामिल थे, जिन्होंने दंपति की पहल को स्वीकार करते हुए ट्विटर पर सराहा। उन्होंने प्रयास में योगदान करने की अपनी इच्छा से भी अवगत कराया।



Edited by रविकांत पारीक