पेपर बोट ने ट्राइफेक्टा, एडवेंट, ए91 से जुटाई 30 करोड़ रुपये की फंडिंग

By yourstory हिन्दी
March 10, 2020, Updated on : Tue Mar 10 2020 09:31:30 GMT+0000
पेपर बोट ने ट्राइफेक्टा, एडवेंट, ए91 से जुटाई 30 करोड़ रुपये की फंडिंग
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बेवरेजेस और स्नैक्स के लिए ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पेपर बोट (Paper Boat) ने एडवेंट मैनेजमेंट (Advent Management), ए 91 इमर्जिंग फंड (A91 Emerging Fund) और ट्रिफेक्टा वेंचर (Trifecta Venture) से दो अलग-अलग राउंड की फंडिंग में 30 करोड़ रुपये जुटाए हैं।


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सांकेतिक चित्र



गुरुग्राम स्थित पेपर बोट की पैरेंट कंपनी हेक्टर बेवरेजेस ने फरवरी 2020 में ट्राइफेक्टा से कर्ज में 10 करोड़ रुपये जुटाए थे। YourStory द्वारा एक्सेस किए गए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के साथ फाइलिंग के अनुसार, हेक्टर बेवरेजेस ने ट्रिफेक्टा को 100 डिबेंचर 10 लाख रुपये प्रति डिबेंचर पर जारी किए हैं।


इसके अलावा, नवंबर 2019 में, एडवेंट मैनेजमेंट और ए91 इमर्जिंग फंड ने हेक्टर बेवरेजेस में 9.99 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस लेनदेन के लिए, हेक्टर बेवरेज ने एडवेंट मैनेजमेंट और ए91 इमर्जिंग फंड में से प्रत्येक को 1,25,711 शेयर जारी किए।


रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के यहां दर्ज फाइलिंग के अनुसार, A91 ने पहले से ही चल रहे फंडिंग राउंड के हिस्से के रूप में 20 मार्च को हेक्टर में $1.45 मिलियन की शुरुआती किश्त का निवेश किया है।


कोका कोला इंडिया के पूर्व एग्जीक्यूटिव नीरज कक्कड़ और नीरज बियानी द्वारा 2010 में स्थापित, हेक्टर बेवरेजेस ने शुरू में एक एनर्जी ड्रिंक के साथ जिंगा (Tzinga) के साथ शुरुआत की थी। लेकिन धीरे-धीरे, इसको पेपर बोट ब्रांड के तहत रीब्रांड किया गया जो फ्रूट-बेस्ड ड्रिंक बेचता है।


यह आम पन्ना, जलजीरा, जामुन काला खट्टा, चिली अमरूद, निम्बू पानी, कोकम, नीर मोर, कांजी, गन्ने का रस, लीची रस, सेब, नारंगी, ठंडाई, नीर और नारियल पानी जैसे पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थों की एक श्रृंखला प्रदान करता है। जूस के अलावा, स्टार्टअप अब अन्य FMCG सेगमेंट और टियर II और III क्षेत्रों में टैप कर रहा है। पेपर बोट ने हाल ही में कुछ पारंपरिक स्नैक्स जैसे पीनट चिक्की, तिल चिक्की, आम पापड़ जैसे स्मॉल आइटम भी लॉन्च किए हैं।


वित्त वर्ष 2019 में, हेक्टर बेवरेज ने 189.56 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। इसके पीछे का कारण कंपनी ने अपना डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाया है। कंपनी ने अपने डिस्ट्रीब्यूशन का विस्तार अधिक टीयर II और III बाजारों तक पहुंचने के लिए किया था। यह वित्त वर्ष 18 तक 116.94 करोड़ रुपये से 62 प्रतिशत की वृद्धि थी।


फाइलिंग के अनुसार वित्त वर्ष 19 में इसके घाटे में 1.92 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है - जो वित्त वर्ष 2018 में 61.03 करोड़ रुपये से कम होकर वित्त वर्ष 2019 में 59.88 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। A91 की बात करें तो यह मिडको-स्टेज इन्वेस्टमेंट फर्म है, जो सिकोइया कैपिटल के तीन पूर्व प्रबंध निदेशकों द्वारा स्थापित है - वी.टी. भारद्वाज, अभय पांडे और गौतम मागो।


फंड की योजना सीरीज बी या सी स्टेज के आसपास के मिड-स्टेज स्टार्टअप में 10-30 मिलियन डॉलर का निवेश करने की है। यह $300 मिलियन-फंड से स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सेवाओं और उपभोक्ता ब्रांडों में निवेश करना चाहता है, जो कि वर्तमान में बढ़ रहा है।


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