नीति आयोग के नए CEO नियुक्त किए गए परमेश्वरन अय्यर, 30 जून को खत्म हो रहा अमिताभ कांत का कार्यकाल

By Vishal Jaiswal
June 24, 2022, Updated on : Sat Aug 13 2022 13:06:21 GMT+0000
नीति आयोग के नए CEO नियुक्त किए गए परमेश्वरन अय्यर, 30 जून को खत्म हो रहा अमिताभ कांत का कार्यकाल
निवर्तमान सीईओ अमिताभ कांत का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है. परमेश्वरन अय्यर का कार्यकाल दो साल के लिए रहेगा. जुलाई, 2020 में अय्यर ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था.
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स्वच्छ भारत मिशन का नेतृत्व करने वाले रिटायर्ड सिविल सेवा अधिकारी परमेश्वरन अय्यर को भारत सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग (Niti Aayog) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की.


निवर्तमान सीईओ अमिताभ कांत का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है. अय्यर का कार्यकाल दो साल के लिए रहेगा. जुलाई, 2020 में अय्यर ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था.


कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि अय्यर की नियुक्ति उन्हीं नियमों और शर्तों पर की गई है, जो कांत के लिए लागू थीं.


1981 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अय़्यर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है.


साल 2009 में आईएएस की नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वह विश्व बैंक के साथ जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ के लिए रूप में जुड़े थे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में भी काम किया था.


साल 2016 में वियतनाम स्थित विश्व बैंक के हनोई कार्यालय में प्रोग्राम लीडर औऱ स्वच्छता विशेषज्ञ के रूप में काम करने के दौरान ही भारत ने उनसे संपर्क किया था और उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी.


बता दें कि, निवर्तमान सीईओ अमिताभ कांत 1980 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वो नीति आयोग के दूसरे सीईओ हैं. कांत को 17 फरवरी, 2016 को दो साल के कार्यकाल के लिए सरकार द्वारा नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया था.


उन्हें पहले एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था जिसके बाद उनका कार्यकाल 30 जून 2019 को खत्म होने वाला था लेकिन सरकार ने उनके कार्यकाल को 2 साल का और विस्तार दे दिया था.