2023 तक EBITDA मुनाफा हासिल करने की राह पर है Paytm: विजय शेखर शर्मा

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Paytm की वार्षिक रिपोर्ट (Paytm Annual Report) में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने निवेशकों के लिए एक नोट लिखा. इसमें उन्होंने कहा कि कंपनी सितंबर 2023 तक कारोबार लाभप्रदता (paytm operational profitability) हासिल करने की राह पर है.

विजय शेखर शर्मा ने कहा, "मेरा मानना ​​​​है कि पिछले एक साल में, हमारी टीम ने हमारे रेवेन्यू और मुनाफे में बड़े पैमाने पर सुधार करते हुए बहुत अच्छा काम किया है. यह हमारे पेमेंट्स और क्रेडिट बिजनेसेज में निवेश की अनुमति देता है. साथ ही साथ हमारे EBITDA नुकसान को कम करता है. हम अपने बिजनेस में ग़ज़ब की तेजी देख रहे हैं. सितंबर 2023 की तिमाही तक परिचालन लाभप्रदता (ESOP लागत से पहले EBITDA) हासिल करने की राह पर हैं."

Paytm के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ विजय शेखर शर्मा

One97 Communications, फिनटेक डेकाकॉर्न (वह कंपनी जिसकी टोटल वैल्यू 10 बिलियन डॉलर या अधिक हो) Paytm की पैरेंट कंपनी ने शुक्रवार को पिछले वित्त वर्ष में 1,704 करोड़ रुपये के नुकसान की तुलना में 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष में 1,441 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (lower net loss) दर्ज किया. स्टॉक एक्सचेंजों के साथ दायर कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कारोबार से पेटीएम का रेवेन्यू वित्त वर्ष 22 में सालाना 77% बढ़कर 4,974 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष में 2,802 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया गया था.

वित्त वर्ष 2022 के लिए फिनटेक कंपनी का कुल खर्च, हालांकि, पिछले वर्ष के 4,783.0 रुपये की तुलना में 59% सालाना बढ़कर 7,601.1 करोड़ रुपये हो गया.

इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2012 में पेटीएम का Ebitda मार्जिन वित्त वर्ष 2021 में -59% की तुलना में वित्त वर्ष 2022 में -30.5% तक सुधरा. वित्त वर्ष 2021 में 60.7% की तुलना में वित्त वर्ष 2022 में इसका शुद्ध लाभ मार्जिन -48.2% हो गया.

वित्त वर्ष 2022 में पेटीएम के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा इसके पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज के कारोबार से आया. जो वित्त वर्ष 2022 में 83% बढ़कर 3,858 करोड़ रुपये हो गया. यह वित्त वर्ष 2021 में 2,109 करोड़ रुपये था.

कॉमर्स और क्लाउड सर्विसेज से कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022 में 59% बढ़कर 1,105 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह 693 करोड़ रुपये था.

पेमेंट्स सर्विसेज के कारोबार से पेटीएम के रेवेन्यू में मजबूत वृद्धि का श्रेय इसके मंथली ट्रांजेक्टिंग यूजर बेस (MTU) की वृद्धि को दिया जाता है, जो कि Q4 2022 में 70 मिलियन था. पिछले साल की समान तिमाही में, एमटीयू आधार सिर्फ 50.4 मिलियन.

फिनटेक दिग्गज कंपनी का उधार कारोबार (lending business) वित्त वर्ष 22 में बढ़ता रहा. इसके ऋण देने वाले भागीदारों ने वित्त वर्ष 2022 में प्लेटफॉर्मस के जरिए 15.2 मिलियन से अधिक के लोन डिस्बर्स किए. वित्त वर्ष 2021 में तुलना में 478% की वृद्धि दर्ज की. वित्त वर्ष 2021 में 1,409 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 2022 में लोन की वैल्यू 441% बढ़कर 7,623 करोड़ रुपये हो गई.

पिछले महीने, पेटीएम ने खुलासा किया कि उसके बाय नाउ पे लेटर (Buy Now Pay Later - BNPL) लोन मॉडल ने अपने लोन बिजनेस में 60% से अधिक का योगदान दिया. इसके बाद पर्सनल लोन और मर्चेंट्स लोन सेगमेंट की बारी आती है. उसी समय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नॉन-बैंक प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) जारीकर्ताओं को क्रेडिट लाइनों का उपयोग करके PPI इंस्ट्रूमेंट्स को लोड नहीं करने का निर्देश दिया, जिससे BNPL सेक्टर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है.

वहीं, अगर पेटीएम के शेयरों की ओर रूख करें तो, शुक्रवार सुबह एक्सचेंजों पर 720 रुपये प्रति पीस पर खुले लेकिन दिन के अंत में 705 रुपये के निचले स्तर पर बंद हुए. नवंबर 2021 में शेयर बाजारों में अपनी कमजोर शुरुआत के बाद, कंपनी के शेयर की कीमत में गिरावट आई थी और लिस्टिंग के बाद से इसमें 54% से अधिक की कमी आई थी. पेटीएम पिछले साल 2,150 रुपये प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर शेयर मार्केट पर सूचीबद्ध हुआ था.

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