पेप्सी और गोदरेज को सर्विस दे रही है दो दोस्तों की बनाई ये कंपनी, 1.6 करोड़ का है टर्नओवर

पेप्सी और गोदरेज को सर्विस दे रही है दो दोस्तों की बनाई ये कंपनी, 1.6 करोड़ का है टर्नओवर

Sunday June 23, 2019,

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तेजी से बदलते फैशन और ट्रेंड्स के दौर में, ऑनलाइन शॉपिंग लोगों के लिए एक प्रमुख विकल्प बन गया है। वो दिन अब चले गए जब हम अपने वार्डरोब को कपड़ों से सजाने के लिए एक दुकान से दूसरे दुकान पर जाते थे। वेस्टर्न आउटफिट से लेकर एथनिक पहनावे तक और कैजुअल वियर से लेकर पार्टीज तक, सबकुछ ऑनलाइन उपलब्ध है। भारत वर्तमान में ईकॉमर्स में तेजी से ग्रोथ देख रहा है और इसी ग्रोथ का लाभ उठा रहा है पोस्टफोल्ड। पोस्टफोल्ड दो दोस्त आशीष गुरनानी और आश्रय थाताई द्वारा शुरू किया गया एक ऑनलाइन क्लोदिंग ब्रांड है। स्टाइल-कॉन्शियस जनरेशन की डिमांड को पूरा करने के लिए गुरुग्राम से 2015 में पोस्टफोल्ड की स्थापना की गई थी। SMBStory के साथ एक बातचीत में, आशीष ने बताया कि कैसे उन्होंने अमेरिका में अपने दोस्त में को-फाउंडर ढूंढ़ा। उन्होंने ये भी बताया कि कैसे भारत वापस आने के बाद दोनों ने एक ही लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम शुरू किया और दोनों साथ भागीदार बन गए।


Ashish Gurnani and Aashray Thatai

आशीष और आश्रय

संपादित अंश:

पोस्टफोल्ड क्या है? आपको इस ब्रांड को लॉन्च करने का आइडिया कैसे आया?

आशीष गुरनानी: आश्रय और मैं अमेरिका में हमारे हॉस्टल की बिल्डिंग में मिले थे। हम जल्द ही दोस्त और फिर रूममेट्स बन गए। चूंकि हम लंबे समय तक अमेरिका में थे, इसलिए हमारे कपड़ों की जरूरतें भी बदल गईं। हमें कैजुअल, ऑफिस वियर से लेकर पार्टी आउटफिट तक कई तरह के विकल्प आसानी से मिल जाते थे। सात साल बाद, जब हम भारत वापस आए, तो हमने भारतीय परिधान बाजार में एक खाई देखी और विश्लेषण किया तो पाया कि सस्ते कपड़े खराब क्वालिटी वाले हैं और अच्छी क्वालिटी वाले कपड़े काफी महंगे हैं। सबसे चौंकाने वाला फैक्ट यह है कि भारत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ब्रांडों में सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है लेकिन फिर भी हाई क्वालिटी और शानदार दिखने वाले कपड़े ढूंढ़ने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। 


इसीलिए हमने इस बात पर गहराई से रिसर्च करने का फैसला किया कि लक्जरी ब्रांड इतना हाई प्रीमियम क्यों वसूलते हैं, जबकि उनके डिजाइन भी बहुत अलग नहीं थे। हमें पता चला कि अगर इस्तेमाल किया गया फैब्रिक हाई क्वालिटी वाला है, तो भी कीमत 10 गुना मार्क-अप को सही नहीं ठहराती है। इसलिए, हम एक बिजनेस मॉडल लाए, जहां हम हाई क्वालिटी वाले फैब्रिक का उपयोग करके कपड़ों का निर्माण करते हैं और निर्धारित लागत कम रखते हैं, और अनुभवी स्टाइलिस्टों के साथ कपड़े क्यूरेट करते हैं ताकि हम डेस्क से लेकर डिनर तक लोगों को उनकी पसंद के कपड़े उपलब्ध करा सकें। पोस्टफोल्ड की स्थापना 5 लाख रुपये की बूटस्ट्रैप्ड पूंजी के साथ की गई थी। पिछले साल, पोस्टफोल्ड ने 1.6 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया।


अपने प्रोडक्ट्स के बारे में बताएं। आप फैब्रिक कहां से लाते हैं?

आशीष गुरनानी: हमारा लक्ष्य अच्छी कीमतों पर बेहतर क्वालिटी वाले प्रोडक्ट प्रदान करना है। हम सब कुछ घर में डिजाइन और सोर्स करते हैं और गुरुग्राम, नोएडा और लुधियाना में स्थित मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के साथ काम करते हैं ताकि हमारे क्रिएशन को सही पहचान मिल सके। हमने सभी बिचौलियों को इस प्रक्रिया से हटा दिया है ताकि हमारे ग्राहकों को बेस्ट क्वालिटी और वास्तविक कीमतों तक पहुंच मिल सके। हमारे ज्यादातर कपड़े सुपीमा कॉटन (Supima cotton) से बने होते हैं, जो कि एक शानदार कॉटन होता है, जिसमें एक्स्ट्रा-लॉन्ग स्टेपल फाइबर होता है जो कॉटन को मजबूती, कोमलता और रंग निखारने का काम करता है। हम भारत में कुछ ही लाइसेंस प्राप्त सुपीमा कपास के खुदरा विक्रेताओं में से एक हैं और 20 से 35 वर्ष के बीच के पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए हमारी साइट पर लगभग 600 स्टॉक कीपिंग यूनिट हैं।


अन्य कपड़ों के ब्रांड भारतीय बाजार में हावी हैं, ऐसे में आप चुनौतियों से कैसे पार पाते हैं?

आशीष गुरनानी: सबसे चुनौतीपूर्ण इस भीड़ भरे बाजार में खड़ा होना रहा है। हालांकि हमने अपने मिशन और उसके मूल्यों के प्रति सच्चा रहकर जगह बनाई। हमारा मिशन हमेशा महान गुणवत्ता प्रदान करना रहा है और हम इसमें सफल रहे हैं। हालांकि प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा है, मुझे लगता है कि भले ही इस फील्ड में बहुत सारे प्लेयर्स क्यों न हों, यहां सभी के लिए जगह बाकी है। यह बाजार विविधतापूर्ण है और बड़े स्तर पर क्वालिटी और अच्छे कपड़े देने में सक्षम है। इसलिए, हर ब्रांड ग्राहकों के लिए कुछ नया पेश करता है। दूसरी बड़ी चुनौती ईकॉमर्स पोर्टलों पर छूट के साथ प्रतिस्पर्धा करना है। हम Myntra, Jabong और Koovs में सूचीबद्ध हैं और इन पोर्टलों की फ्लैगशिप सेल प्रोडक्ट्स की कीमत तय करने में चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करती है।


आपकी यात्रा में प्रमुख मील के पत्थर क्या रहे हैं?

आशीष गुरनानी: कपड़े की क्वालिटी के साथ हम अपने ग्राहकों को जो सुविधा देते हैं वो है बी 2 बी सेगमेंट में प्रवेश करने का अवसर और यह हमारी यात्रा में सबसे बड़ा मील का पत्थर रहा है। हमारे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वाले अधिकांश पेशेवरों ने अपनी कंपनियों में हमारे प्रोडक्ट्स की सिफारिश की है। और, दो महीने पहले, हमने कर्मचारियों और उनके संरक्षकों के लिए हाई क्वालिटी वाले प्रमोशनल कपड़े तैयार करने के लिए बी 2 बी कैंपेन शुरू किया और पेप्सी, गोदरेज, और लिंक्डइन जैसे ब्रांड तक अपनी पहुंच बढ़ाई। हमने अपने लॉजिस्टिक्स पार्टनर DTDC के माध्यम से अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार किया है।


आपकी भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं?

आशीष गुरनानी: निकट भविष्य में, हम अपने प्लेटफॉर्म को डिजिटल रूप से विस्तारित करने और अधिक संग्रह के साथ आने की योजना बना रहे हैं। हम एक रिटेल आउटलेट खोलने की भी योजना बना रहे हैं, लेकिन यह अभी थोड़ा दूर है।