कोविड-19 रोगियों के सही होने की सर्वश्रेष्ठ दर वाले दुनिया के देशों में शामिल है भारत : पीएम मोदी

By भाषा पीटीआई
July 18, 2020, Updated on : Sat Jul 18 2020 04:57:09 GMT+0000
कोविड-19 रोगियों के सही होने की सर्वश्रेष्ठ दर वाले दुनिया के देशों में शामिल है भारत : पीएम मोदी
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

संयुक्त राष्ट्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने के सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत की मूलभूत स्वास्थ्य प्रणाली से देश को दुनिया के उन राष्ट्रों में शामिल करने में मदद मिली है जो संक्रमितों के सही होने की दर के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ हैं।


k

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: TheIndianExpress)


भारत को पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुने जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले संबोधन में मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण सभी देशों के लचीलेपन की गहराई से परख हुई है।


उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) के उच्चस्तरीय सत्र में डिजिटल संबोधन में कहा,

‘‘भारत में हमने महामारी के खिलाफ लड़ाई को सरकार तथा समाज के प्रयासों को मिलाकर जन आंदोलन बनाने की कोशिश की।’’

पीएम मोदी ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में देश की मूलभूत स्वास्थ्य प्रणाली देश को संक्रमित रोगियों के सही होने की सर्वश्रेष्ठ दर वाले दुनिया के राष्ट्रों में शामिल करने में मदद कर रही है।


भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामले शुक्रवार को 10 लाख के पार चले गये। अभी तक देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 25,602 लोगों की मौत हो चुकी है। दुनियाभर में 1.3 करोड़ लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं और करीब छह लाख लोगों की जान जा चुकी है।


भारत में शुक्रवार को संक्रमण से उबर चुके लोगों की कुल संख्या 6,35,756 हो गयी।


प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और 300 अरब डॉलर से अधिक के पैकेज की घोषणा की है।



पीएम मोदी ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी, आधुनिक बुनियादी संरचना का निर्माण होगा और तकनीक संचालित प्रणाली तैयार होगी।


उन्होंने ‘कोविड-19 के बाद बहुपक्षवाद: 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हमें किस तरह के संयुक्त राष्ट्र की जरूरत’ विषयक सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने एक ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को रखा है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ समेकित हो।’’


पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर मानव प्रगति में संयुक्त राष्ट्र के अनेक योगदानों को रेखांकित किया जाना चाहिए तथा यह आज की दुनिया में इस वैश्विक निकाय की भूमिका तथा प्रासंगिकता का मूल्यांकन करने और इसके बेहतर भविष्य को आकार देने का भी अवसर है।


उन्होंने कहा कि भारत ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) समेत ईसीओएसओसी के एजेंडा को आकार देने में योगदान दिया है जिसमें घरेलू प्रयास भी शामिल हैं। भारत ‘एजेंडा 2030’ तथा ‘एसडीजी’ को प्राप्त करने में पुन: अहम भूमिका निभा रहा है।


उन्होंने कहा,

‘‘हम अन्य विकासशील देशों की भी उनके सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में सहयोग दे रहे हैं।’’


पीएम मोदी ने कहा,

‘‘भारत में दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा रहता है। हमें अपने उत्तरदायित्वों और जिम्मेदारियों का पूरा भान है। हम जानते हैं कि अगर भारत अपने विकास लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहता है तो यह वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में भी दूरगामी कदम बढ़ाएगा।’’

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने राज्यों, स्थानीय सरकारों, सिविल सोसाइटी, समुदायों और लोगों को शामिल करके ‘संपूर्ण समाज’ की सोच को अपनाया है।



Edited by रविकांत पारीक

Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 Shares
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close