RBI ने 5 सहकारी बैंकों पर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया, ग्राहकों पर नहीं होगा कोई असर

केंद्रीय बैंक ने कहा कि इन सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाने का फैसला बैंकिंग नियामक के नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आधार पर लिया गया है.

RBI ने 5 सहकारी बैंकों पर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया, ग्राहकों पर नहीं होगा कोई असर

Tuesday September 06, 2022,

3 min Read

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन में खामी को लेकर पांच सहकारी बैंकों पर 10 हजार रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है. आरबीआई ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि बेंगलुरु स्थित कर्नाटक स्टेट कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. उसे आवासीय वित्त संबंधी बैंकिंग प्रावधानों का पालन नहीं करने का दोषी पाया गया है.

इसके अलावा ठाणे भारत सहकारी बैंक लिमिटेड पर 15 लाख रुपये का जुर्माना अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहक हितों का ध्यान नहीं रखने की वजह से लगाया गया है. आरबीआई ने झांसी स्थित रानी लक्ष्मीबाई अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर पांच लाख रुपये, तमिलनाडु के तंजौर स्थित निकोल्सन कोऑपरेटिव टाउन बैंक पर दो लाख रुपये और राउरकेला स्थित द अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि इन सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाने का फैसला बैंकिंग नियामक के नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आधार पर लिया गया है.

आरबीआई की तरफ से समय-समय पर बैंकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती रही है. बैंकों पर नियमों का उल्लंघन करने और दूसरी वजहों से ऐसी कार्रवाई होती है. इससे पहले 9 अगस्त को आरबीआई ने कई नियमों के उल्लंघन के मामले में आठ सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया था. सबसे अधिक 40 लाख रुपये का जुर्माना गुजरात के मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया गया था.

वहीं, महाराष्ट्र के इंदापुर शहरी सहकारी बैंक, इंदापुर पर सात लाख रुपये और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था. महाराष्ट्र के वरुद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, वरुद, मध्य प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, यवतमाल, गुना के एक सहकारी बैंक तथा पणजी के गोवा राज्य सहकारी बैंक पर भी जुर्माना लगाया गया था.

इसके साथ ही, आरबीआई ने पांच सहकारी बैंकों की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए उन पर धन निकासी सहित कई प्रतिबंध लगाए थे. इनमें जयप्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक, बासमतनगर द करमाला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, सोलापुर, दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक, विजयवाड़ा, लखनऊ शहरी सहकारी बैंक और शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, सीतापुर शामिल थे.

इससे पहले भी आरबीआई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ सहकारी बैंक, नाशिक जिला गिरना सहकारी बैंक और कर्नाटक के मल्लिकार्जुन पत्तन सहकारी बैंक पर भी पाबंदिया लगाई थीं. इन बैंकों की वित्तीय सेहत खराब होने के चलते भारतीय रिजर्व बैंक ने यह कदम उठाया था.


Edited by Vishal Jaiswal