सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को आसान बनाने के लिए उठाया ये बड़ा कदम

By रविकांत पारीक
May 01, 2022, Updated on : Sun May 01 2022 05:31:15 GMT+0000
सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को आसान बनाने के लिए उठाया ये बड़ा कदम
कारोबार में आसानी की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए अनिवार्य परीक्षण में नियामक ओवरलैप हटाया गया
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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) 'इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकता) आदेश, 2012' के तहत निर्दिष्ट वस्तुओं (जैसे लैपटॉप, वायरलेस कीबोर्ड, पीओएस मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) का अनिवार्य पंजीकरण करता है।


दूरसंचार विभाग (DOT) ने दूरसंचार के लिए उपयोग किए जाने में सक्षम उपकरणों के लिए 5 सितंबर 2017 को जारी भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) नियम, 2017 के तहत दूरसंचार उपकरण (MTCTE) के अनिवार्य परीक्षण और प्रमाणन को निर्दिष्ट किया है।


टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के साथ, स्मार्ट वॉच, स्मार्ट कैमरा इत्यादि जैसे कुछ उत्पादों के संबंध में नियामक ओवरलैप का संज्ञान लिया गया था। DOT और MTCTE के ओवरलैपिंग क्षेत्राधिकार के संबंध में उद्योगों और उद्योग संघों से भी अभ्यावेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें इस बात का भी उल्लेख किया गया कि इस तरह के व्यापक रूप से उपयोग किये जाने वाले नए उत्पादों को समय पर बाजार लाने के लिए यह एक बाधा है। यह उद्योग के लिए अनुपालन लागत भी बढ़ाता है।


DOT ने MEITY के परामर्श से इस मुद्दे की जांच की और अब निम्नलिखित उत्पादों को MTCTE शासन के दायरे से छूट देने का निर्णय लिया है: -


  • मोबाइल उपयोगकर्ता उपकरण/मोबाइल हैंडसेट (मोबाइल फोन)
  • सर्वर
  • स्मार्ट वॉच
  • स्मार्ट कैमरा
  • पीओएस मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइस)


व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले इन उत्पादों पर छूट अनुपालन बोझ को कम करेगी और उद्योग को अपने उत्पादों को तेजी से बाजार में लाने में सक्षम बनाएगी। यह आयात में होने वाले विलम्ब को कम करेगा।


यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सकारात्मक परिकल्पना के अनुरूप है कि नियामक व्यवस्था एकदम स्पष्ट और सरलीकृत होनी चाहिए। यह नियामक सुधार इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण कंपनियों के लिए कारोबार में आसानी में सुधार करेगा और भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान देगा। इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना नियत समय में जारी की जाएगी।