कुछ ऐसी है अपने सिक्यॉरिटी बिजनेस से 150 करोड़ रुपये कमाने वाली शैली लाड की कहानी

By Rekha Balakrishnan
March 16, 2020, Updated on : Thu Apr 08 2021 10:45:45 GMT+0000
कुछ ऐसी है अपने सिक्यॉरिटी बिजनेस से 150 करोड़ रुपये कमाने वाली शैली लाड की कहानी
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वोक्सारा प्राइवेट लिमिटेड की कहानी की उस वक्त शुरू हुई जब एक सुहाने दिन पर शैली लाड अपने पिता के साथ लंदन घूमने गई थीं। वे अलग-अलग प्वॉइंट पर सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर सामान्य बात कर रहे थे। यह इंग्लैंड के छोटे काउंटी में स्मार्ट शहरों के लिए एक प्रोजेक्ट था। यहीं से उन्हें अपने बिजनेस का आइडिया मिला।


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शैली गुजरे दिनों को याद करके बताती हैं,

'इससे मुझे अपने रिसर्च के टॉपिक- पानी के जरिए बनने वाली बिजली के फायदे पर डिस्कशन करने की प्रेरणा मिली। इस पर हमने प्रोजेक्ट SEMA पर काम करते वक्त अमल किया। यह एक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट था जिसे इंग्लैंड के छोटे शहरों में शुरू किया गया। इस आइडिया से मोमेंटम मिलने के बाद हम भारतीय प्रवासियों के लिए संभावित परिदृश्यों पर चर्चा करने लगे। मेरे पिता के सहयोग से ये आइडिया संभावनाओं में बदल गए और मेरे वेंचर की नींव पड़ी।'


उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ना

शैली अपने परिवार में उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ने वाली पहली शख्स नहीं थीं। उनके पिता ने क्रिस्टल ग्रुप ऑफ कंपनीज की स्थापना की थी जो कुछ साल बाद उपभोक्ताओं को कई सर्विसेज (इंटीग्रेटेड फैसिलिटीज मैनेजमेंट, एविएशन सर्विस इत्यादि) देने वाली कंपनी में तब्दील हो गई।


अपने पिता की सबसे बड़ी बेटी होने के नाते क्रिस्टल में उनकी भूमिका मैनपावर-बेस्ड सर्विस इंडस्ट्री में नए विकास और कारोबार के विस्तार की देखरेख करने की थी। शैली ने नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी से स्ट्रैटजिक मैनेजमेंट एंड कंसल्टिंग में BA और रॉयल हॉलोवे, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से बिजनेस कंसल्टिंग में MSc किया है।


वह बताती हैं,

'मैंने 12 साल की उम्र में खानदानी कारोबार का हिस्सा बनने के बजाय खुद का उद्यम शुरू करने का फैसला किया था। अपनी मास्टर्स की पढ़ाई पूरा करने के बाद मैंने भारत में आईटी इंडस्ट्री की ओर ध्यान दिया क्योंकि मुझे इसमें काफी गुंजाइश नजर आई। इन आइडियाज के माध्यम से 2014 में वोक्सारा की नींव पड़ी थी। हमने शुरुआत में सर्विलांस सिक्यॉरिटी बिजनेस सॉल्यूशंस मुहैया कराने पर फोकस किया और फिर अगले कुछ वर्षों में 100 प्रतिशत आईटी बिजनेस में तब्दील हो गए।'



स्मार्ट शहरों में वोक्सारा

आज वोक्सारा स्मार्ट शहरों के साथ साइबर सिक्यॉरिटी बेहतर करने की दिशा में काम करती है। यह सिस्टम इंटीग्रेटर जैसे आईटी कंपोनेंट्स के अन्य क्षेत्रों कारोबार का विस्तार करने की योजना भी बना रही है।


अगर सरल शब्दों में कहें तो वोक्सारा तकनीकी प्रगति की मदद से सिक्यॉरिटी सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। भारत सरकार ने 2015 में 100 स्मार्ट सिटीज बनाने का ऐलान किया था जो साइबर सिक्यॉरिटी सर्विसेज के लिए वरदान साबित हुई क्योंकि इनकी डिमांड तेजी से बढ़ी। कुंभ मेले के साथ वोक्सारा को एक बड़े स्तर के प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिला।


शैली ने देश के सबसे बड़े धार्मिक मेले के प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया,

'कुंभ मेला पहला बड़ा मौका था जब हमें बतौर स्टार्टअप ऑपरेशन के पहले छह महीनों में विप्रो से कॉन्ट्रैक्ट मिला। यह उस वक्त सुरक्षित शहर परियोजना के तहत आने वाले शुरुआती चुनिंदा शहरों में से एक था और देश का सबसे बड़ा धार्मिक कार्यक्रम होने के नाते इसका अतिरिक्त महत्व था। हमने इस प्रोजेक्ट पर काम करते वक्त नंबर प्लेट पहचानने, लोगों की गिनती करने और ICCC जैसी कई AI आधारित टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। हमें सिर्फ दो महीनों में इतने बड़े प्रोजेक्ट को अंजाम देने के लिए काफी सराहना मिली और FSAI की ओर से 'बेस्ट इंडियन सेफ सिटीसर्वश्रेष्ठ भारतीय सुरक्षित शहर' के रूप में भी नामित किया गया।'


भविष्य की योजनाएं

वोक्सारा कई सालों से गोंदिया और माथेरान जैसी कई सेफ सिटीज के साथ-साथ नासिक, नामची और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे स्मार्ट शहरों से जुड़ा हुआ है। शैली का कहना है,

'हमने ऑयल एवं गैस इंडस्ट्री और हवाई अड्डों पर कई प्रोजेक्ट्स को अंजाम दिया है। हमारे सबसे बड़े प्रोजेक्ट में एक मुंबई एयरपोर्ट था। वहां हमने अपनी तरह के 85 कैमरे लगाए जिनका वजन लगभग 35 किलोग्राम था और हर एक में 20 लेंस लगे थे। ये 2.13 किलोमीटर के दायरे में फैले थे। इसमें एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) का इस्तेमाल उड़ान से लेकर बेल्ट तक की चोरी, विमान के लैंडिंग प्वाइंट की चेकिंग के साथ-साथ अगर लागू हो तो पार्किंग पेनल्टी जारी करने के लिए किया गया था।'


शैली का कहना है कि उन्होंने अब तक अपनी सफलता की कहानी गिनाई है लेकिन सबसे बड़ी चुनौती उन्हें महिला के रूप में स्वीकार करना है। यह समस्या न सिर्फ बिजनेस बल्कि आईटी इंडस्ट्री में भी है।


वह कहती हैं,

'यह कठिन लड़ाई है फिर भी संतोषजनक है।'


वोक्सारा की मार्च 2020 तक मौजूदा आमदनी 150 करोड़ रुपये है जबकि मार्च 2021 का अनुमान तकरीबन 300 करोड़ रुपये है। शैली के पास भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं।


उनका कहना है,

'हम SI (सिस्टम इंटीग्रेटर) के रूप में विभिन्न आईटी वेंचर में विस्तार करने का योजना है जो एक ही छत के नीचे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में सभी तरह की टेक्नोलॉजी को एक साथ लाता है और उनका एक साथ निर्बाध तरीके से संचालन करता है। हम नए टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स के रिसर्च एंड डेवेलपमेंट (R&D) के लिए प्रोडक्शन यूनिट भी लगा रहे हैं। यह हमारे उपभोक्ताओं के लिए बेहतर और अधिक प्रभावी सेवाएं लाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग इंडस्ट्री पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करेगी।'

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