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SEBI ने धोखाधड़ी के लिए 6 संस्थाओं पर लगाया 62 लाख रुपये का जुर्माना

SEBI ने धोखाधड़ी के लिए 6 संस्थाओं पर लगाया 62 लाख रुपये का जुर्माना

Tuesday February 21, 2023 , 3 min Read

पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने मंगलवार को नॉर्थ ईस्टर्न कैरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (North Eastern Carrying Corporation Ltd - NECC) के शेयरों में धोखाधड़ी व्यापार प्रथाओं में शामिल होने के लिए छह इकाइयों पर कुल 62 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. नियामक ने रियलस्टेप एजेंसीज (Realstep Agencies) पर 15 लाख रुपये, उत्कर्ष जैन, वान्या जैन (NECC के प्रमोटर), सायराबानू मोहम्मद रफीक फनसवाला और मालतीबेन अशोकभाई दारजी पर 10-10 लाख रुपये और चरमसुख आईटी मार्केटिंग (Charamsukh IT Marketing) पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. (Sebi fines Rs 62 lakh on 6 entities for fraudulent trading)

सेबी द्वारा दिसंबर 2016 से अप्रैल 2017 की अवधि के लिए NECC के शेयरों की जांच के बाद यह आदेश आया है.

यह आरोप लगाया गया था कि उत्कर्ष, वान्या, रियलस्टेप, फनासवाला, दारजी और चरमसुख आईटी मार्केटिंग ने PFUTP (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं का निषेध) मानदंडों के प्रावधानों का उल्लंघन किया था.

रेगुलेटर ने अपनी जांच में पाया कि उत्कर्ष और वान्या ने शेयरों की बिक्री की और जिस दिन ऐसी ट्रेडिंग हुई, उस दिन के लिए बाजार में ट्रेडिंग का भ्रामक रूप पेश किया.

ट्रेडों ने सामान्य बाजार तंत्र को दरकिनार कर दिया, जिससे एनईसीसी के शेयरों में कारोबार करने वाले वास्तविक निवेशकों के हितों पर असर पड़ा.

सेबी के अनुसार, चरमसुख आईटी मार्केटिंग और रियलस्टेप, उत्कर्ष और वन्या जैन की जुड़ी हुई इकाइयां थीं, जिन्होंने पर्याप्त मात्रा में खरीद ऑर्डर देकर और उनकी खरीद ऑर्डर दरों से मेल खाते हुए अपने शेयरों को उतारने और एनईसीसी के शेयर से बाहर निकलने में मदद की.

नियामक ने यह भी पाया कि रियलस्टेप, फनासवाला और दारजी ने एनईसीसी के शेयरों में सर्कुलर ट्रेडों के निष्पादन के माध्यम से शेयर में बाजार की मात्रा का 14.06 प्रतिशत योगदान करके कृत्रिम मात्रा बनाई है.

ऐसे कृत्यों के माध्यम से, संस्थाओं ने पीएफयूटीपी मानदंडों के प्रावधानों का उल्लंघन किया है.

एक अलग आदेश में, नियामक ने आरबी ट्रेडर्स (RB Traders) और उसके मालिक राज बहादुर भदौरिया को अनधिकृत निवेश सलाहकार सेवाओं में शामिल होने के लिए छह महीने की अवधि के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया और उन पर 8 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.

साथ ही, उन्हें ऐसी सेवाओं के संबंध में निवेशकों से जुटाए गए धन को वापस करने के लिए कहा गया है.

नियामक के अनुसार, वे सेबी से पंजीकरण प्राप्त किए बिना निवेश सलाहकारों की गतिविधियों में शामिल थे, जो आईए नियमों का उल्लंघन है.

आपको बता दें कि, इससे पहले बीते साल, जून महीने में सेबी ने फर्जी ट्रेडिंग के लिए 9 संस्थाओं पर 1.62 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.