मिलें भारतीय नौसेना में पहली महिला पायलट बनीं बिहार की शिवांगी स्वरूप से

भारतीय नौसेना दिवस...

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देश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में काफी काम किया जा रहा है। मोदी सरकार ने पिछले पांच साल के कार्यकाल में कई ऐसे कार्य किए हैं, जिनसे न सिर्फ महिलाओं में विश्वास जागा है, बल्कि वो आत्मनिर्भर भी हुईं हैं।

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फोटो साभार: सोशल मीडिया

भारतीय नौसेना की सब लेफ्टिनेंट शिवांगी स्वरूप देश की पहली नौसेना महिला पायलट बन गईं। कोच्चि के नेवी बेस में नौसेना के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने अपनी ड्यूटी ज्वॉइन की। इस मौके पर शिवांगी ने कहा कि नौसेना की पहली महिला पायलट बनना मेरे लिए गर्व की अनुभूति है। यह एक अलग अहसास है। महिलाएं नौसेना में तो काफी समय से हैं, लेकिन कॉकपिट में नहीं थीं। वे सिर्फ पर्यवेक्षक थीं।


देश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में काफी काम किया जा रहा है। मोदी सरकार ने पिछले पांच साल के कार्यकाल में कई ऐसे कार्य किए हैं, जिनसे न सिर्फ महिलाओं में विश्वास जागा है, बल्कि वो आत्मनिर्भर भी हुईं हैं।


मुजफ्फरपुर (बिहार) की रहने वाली 24 वर्षीय सब लेफ्टिनेंट शिवांगी ने बताया कि बचपन में घर के करीब हेलीकॉप्टर उतरने पर काफी लोग देखने के लिए जमा हो जाते थे। उनमें वह भी शामिल होती थीं। ऐसे ही एक हेलीकॉप्टर के पायलट को देख उन्हें पायलट बनने की प्रेरणा मिली। उनके परिवार ने इस सपने को पूरा करने में मदद की। उन्होंने कभी रक्षा बलों में शामिल होने की उनकी इच्छा पर सवाल नहीं उठाया। शिवांगी को भारतीय नौसेना अकादमी में 27 एनओसी कोर्स के तहत एसएसी (पायलट) के तौर पर शामिल किया गया था।


सब लेफ्टिनेंट शिवांगी के पिता सरकारी स्कूल में अध्यापक और मां गृहिणी हैं। शिवांगी ने प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर के डीएवी पब्लिक स्कूल से हासिल की। शिवांगी ने 12वीं तक की पढ़ाई डीएवी-बखरी से की है। इसके बाद सिक्किम मणिपाल प्रौद्योगिकी संस्थान से बीटेक किया। शिवांगी ने 27 एनओसी कोर्स के तहत एसएसी (पायलट) परीक्षा उत्तीर्ण की और नेवी में कमीशन हासिल किया। इसी साल भावना कांत भारतीय वायुसेना की पहली महिला पायलट बनी थीं।





वर्ष 2013 और 2018 के बीच पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या में लगभग 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें सिर्फ 2017 में 20.95 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआर एंड डी) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी, 2018 तक देश भर के सिविल पुलिस, जिला सशस्त्र रिजर्व और सशस्त्र पुलिस में कुल 1.69 लाख महिला कर्मियों में से 27, 167 अकेले महाराष्ट्र में थीं। अगर केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्सेस की बात करें तो 1 जनवरी, 2018 तक महिला कर्मियों की क्षमता 28,061 थी।


सब लेफ्टिनेंट शिवांगी के नौसेना में पायलट बनने से उन महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी, जो रक्षा बल में शामिल होना चाहती हैं। शिवांगी का सपना शुरू से ही पायलट बनने का था। उन्होंने दक्षिणी नौसेना कमान के वाइस एडमिरल एके चावला से अपना 'क्वालिफिकेशन विंग' प्राप्त किया। शिवांगी नौसेना के निगरानी विमान डोर्नियर को उड़ाएंगी। इसके अलावा भी शिवांगी को नौसेना के कई विमानों को उड़ानों का अभ्यास है।


एयरफोर्स की फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह ने 30 मई, 2019 को एक नया इतिहास रच दिया। वह दिन में हॉक एडवांस्ड जेट में मिशन को अंजाम देने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बन गईं। वायुसेना के अनुसार फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा स्थित वायसेना अड्डे पर लड़ाकू विमान 4 एयरक्राफ्ट की सैन्य उड़ान पूरी कर विमान से उतारने के बाद दिन में पूरी तरह हॉफ एडवांस्ड जेट विमान संचालित करने वाली पहली महिला लड़ाकू पायलट बन गईं।


मोहना सिंह को दो महिलाओं भावना कंठ और अवनी चतुर्वेदी के साथ जून 2016 में लड़ाकू पायलट प्रशिक्षण के लिए लड़ाकू शाखा में चुना गया था।




 



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