IIM अहमदाबाद से पढ़ाई कर छोटे किसानों के लिए शुरू किया स्टार्टअप, 33 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई

By yourstory हिन्दी
December 09, 2022, Updated on : Tue Dec 13 2022 05:32:19 GMT+0000
IIM अहमदाबाद से पढ़ाई कर छोटे किसानों के लिए शुरू किया स्टार्टअप, 33 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई
सीड फंडिग राउंड का नेतृत्व ओरियोस वेंचर पार्टनर्स (Orios Venture Partners) ने किया था, जिसमें ओमनिवोर (Omnivore), आरटीपी ग्लोबल (RTP Global), बेटर कैपिटल (Better Capital) और कुणाल शाह सहित अन्य एंजेल निवेशकों की भागीदारी थी.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

नेचर बेस्ड सॉल्यूशंस के माध्यम से कार्बन क्रेडिट उत्पन्न करने के लिए एक टेक प्लेटफॉर्म Varaha ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने सीड फंडिंग में 40 लाख डॉलर (करीब 33 करोड़ रुपये) जुटाए हैं. Varaha इस फंडिंग का इस्तेमाल टैलेंट हायरिंग और पूरे दक्षिण एशिया में अपने ऑपरेशन का विस्तार करने के लिए करेगा.


सीड फंडिग राउंड का नेतृत्व ओरियोस वेंचर पार्टनर्स (Orios Venture Partners) ने किया था, जिसमें ओमनिवोर (Omnivore), आरटीपी ग्लोबल (RTP Global), बेटर कैपिटल (Better Capital) और कुणाल शाह सहित अन्य एंजेल निवेशकों की भागीदारी थी.


Varaha कई तरह के क्लाइमेट एक्शन प्रोजेक्ट्स के साथ कार्बन मार्केट्स का आधुनिकीकरण कर रहा है, जो एडवांस रिमोट सेंसिंग एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और बायोमास/मृदा मॉडलिंग के माध्यम से जांचे जाते हैं. Varaha वर्तमान में 6 भारतीय राज्यों में काम कर रहा है और उन्होंने कई इंस्टीट्यूशंस के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

इसलिए हुई शुरुआत

वैश्विक स्तर पर, 50 करोड़ से अधिक छोटे किसान जलवायु परिवर्तन से प्रभावित हैं. फिलहाल, ग्रीनहाउस गैस (GHG) का उत्सर्जन कम करने और कार्बन पृथक्करण में अलगाव करने की कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए  छोटे किसानों को कोई वित्तीय प्रोत्साहन नहीं मिलता है.


Varaha हाई क्वालिटी वाले कार्बन क्रेडिट बनाकर रिजनरेटिव एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेस का पालन करने के लिए छोटे किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है जो उनकी ऑपरेशनल कॉस्ट को कम करते हुए उनकी आय में वृद्धि करते हैं.

फाउंडिंग टीम के पास एगटेक सेक्टर का अनुभव

गुरुग्राम और बेंगलुरु में स्थित, Varaha की स्थापना 2022 में मधुर जैन, अंकिता गर्ग और विशाल कुचानूर द्वारा की गई थी. Varaha की फाउंडिंग टीम को इस सेक्टर के बारे में गहरा ज्ञान है और उनके पास इस इंडस्ट्री में कई दशकों का अनुभव है. IIM-अहमदाबाद के पूर्व छात्र मधुर ने पहले एक ग्लोबल एग्रीकल्चर-टेक्नोलॉजी (एगटेक) फर्म की भारतीय शाखा के लिए डिजिटल व्यवसाय का नेतृत्व किया था, और प्रेसिजन एग्रीकल्चर फॉर डेवलपमेंट में भारत के कंट्री डायरेक्टर थे.


अंकिता भी IIM अहमदाबाद की पूर्व छात्रा हैं, पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलॉजी में MS की हैं. वह इससे पहले बायर क्रॉप साइंस (Bayer Crop Science) के लिए काम करती थीं. वहीं, विशाल ने पहले फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट, क्रॉपइन (CropIn) और गोल्डमैन सैक्स के साथ इंजीनियरिंग लीडरशिप रोल्स में काम किया था.

यह भी पढ़ें
Axis Bank के सीईओ ने क्यों कहा- ‘हमारे पास पैसे ही नहीं थे’

Edited by Vishal Jaiswal