Exotic India: भारत के कला और शिल्प को दुनिया तक पहुंचाने का था इरादा, आज 40 करोड़ है कंपनी का टर्नओवर

By Ritika Singh
January 04, 2023, Updated on : Mon Jan 30 2023 17:13:12 GMT+0000
Exotic India: भारत के कला और शिल्प को दुनिया तक पहुंचाने का था इरादा, आज 40 करोड़ है कंपनी का टर्नओवर
कंपनी को 24 वर्ष पहले अगस्त 1998 में तीन भाइयों विपिन, नितिन और कपिल गोयल ने शुरू किया था.
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भारत की कला, चित्रकला, शिल्प, हस्तशिल्प, वास्तुकला...के कायल दुनियाभर में हैं. इन प्राचीन धरोहरों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ इन्हें सहेजना और आने वाली पीढ़ियों को इसके बारे में बताना भी जरूरी है. भारत की प्रसिद्ध कला, शिल्प, हस्तशिल्प और आध्यात्मिक गहराई को सभी के लिए सुलभ बनाने और इन्हें पूरी दुनिया तक पहुंचाने के एक इरादे से शुरुआत हुई एक कंपनी Exotic India की.


Exotic India का मुख्यालय दिल्ली में है. कंपनी को 24 वर्ष पहले अगस्त 1998 में तीन भाइयों विपिन, नितिन और कपिल गोयल ने शुरू किया था. वर्तमान में इसका टर्नओवर 40-50 करोड़ रुपये के बीच है और कंपनी लगातार ग्रो कर रही है. योर स्टोरी हिंदी ने Exotic India के को-फाउंडर कपिल गोयल के साथ कंपनी के अब तक के सफर और फ्यूचर प्लान्स पर डिटेल में बातचीत की.

पेश से इंजीनियर हैं तीनों भाई

कपिल गोयल ने बातचीत में बताया कि वे तीनों भाई पेशे से इंजीनियर हैं. उनकी पैदाइश और पढ़ाई लिखाई दिल्ली में हुई. कपिल गोयल के दादा अध्यापक थे और उनके पिता एक टेक्सटाइल मर्चेंट थे. उनका काम होलसेल का था. 1991 में कपिल के बड़े भाई ने अपनी इंजीनियरिंग खत्म करने के बाद दिल्ली में स्टील की फैक्ट्री लगाई. बाद में दूसरे बड़े भाई ने भी कारोबार को जॉइन किया और स्टील ट्रेडिंग, ऑयल ट्रेडिंग में भी आए. उसके बाद 1998 में ​कपिल ने अपना एमबीए पूरा करने के बाद भाइयों को कारोबार में जॉइन कर लिया.

कैसे हुई Exotic India की शुरुआत

कपिल के मुताबिक, उनके दोनों बड़े भाइयों को आर्ट में काफी दिलचस्पी थी. लिहाजा उन्होंने आइडिया दिया कि Exotic India के नाम से बिजनेस शुरू किया जाए और उसकी मदद से भारत के हैंडीक्राफ्ट्स और आर्ट्स को पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाए. तीनों भाइयों को यह पसंद आया और इस मकसद के साथ कंपनी की शुरुआत हुई. कपिल के भाइयों की कुछ आर्टिस्ट्स के साथ जान पहचान थी. तो सबसे पहले उनकी पेंटिंग्स को बिक्री के लिए पेश किया गया. कपिल बताते हैं कि 3-4 महीनों तक कोई रिस्पॉन्स ​नहीं मिला. लेकिन फिर ऑर्डर आने शुरू हो गए.

आज क्या-क्या बिक रहा आज

कंपनी की शुरुआत केवल पेंटिंग्स से हुई थी लेकिन आज यह पेंटिंग्स के साथ-साथ स्टैच्यू, ज्वैलरी, कपड़े, किताबों, ऑडियो-वीडियो आइटम्स, होम एंड लिविंग से जुड़े आइटम जैसे फर्नीचर, कुशन कवर, लाइटिंग, पूजा का मंदिर, शीशे आदि की भी बिक्री कर रही है. शुरुआत में पेमेंट चेक से लिया जाता था, बाद में अन्य विकल्पों को जोड़ा गया. इतना ही नहीं कुछ​ शिपमेंट बिना पेमेंट के भी किए गए ताकि कस्टमर बनाए जा सकें. सबसे ज्यादा बिक्री किताबों की होती है. धर्म और संस्कृति से संबंधित कई ऐसी किताबें हैं, जो केवल Exotic India के पास ही मौजूद हैं. दुनिया भर से किताबों के लिए ऑर्डर आते हैं. इसके अलावा मूर्तियों की भी काफी बिक्री होती है.

सभी पुराने कारोबार कर दिए बंद

कपिल गोयल ने बताया कि Exotic India को शुरू करने के दो साल के अंदर उनके परिवार ने सभी पुराने कारोबारों को बंद कर दिया. कंपनी के साथ वर्तमान में 100 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं और इसका पूरे भारत में आर्टिस्ट्स का एक नेटवर्क है. करीब 5000 से ज्यादा कारीगर कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हीं से सामान बनवाया और खरीदा जाता है. कौन सा सामान कब और कितनी मात्रा में खरीदा जााएगा, यह डिमांड पर निर्भर करता है.

क्यूरेटेड है मौजूद कलेक्शन

कपिल का कहना है कि Exotic India के माध्यम से बिकने वाली एक-एक चीज हैंडपिक्ड होती है. कंपनी खोजने में मुश्किल वस्तुओं का एक क्यूरेटेड कलेक्शन उपलब्ध कराती है. कंपनी का मानना है कि उसके ग्राहकों को क्वालिटी आइटम्स मिलने चाहिए, साथ ही उनमें आर्ट का एलिमेंट भी रहना चाहिए. 6 माह पहले ही कंपनी ने ​अपना मार्केट प्लेस लॉन्च किया है. जो आर्टिस्ट अच्छा काम कर रहे हैं या कर सकते हैं, कंपनी उनकी पहचान कर उन्हें अपना कैटलॉग वेबसाइट पर अपलोड करने का विकल्प देती है. उसमें से जो भी प्रॉडक्ट कंपनी को पसंद आते हैं, उसे लाइव कर दिया जाता है. अपने मार्केटप्लेस के अलावा कंपनी, ऐमजॉन के माध्यम से भी बिक्री करती है. प्रतिमाह Exotic India के पास 10-15 हजार ऑर्डर आते हैं. इसका कस्टमर बेस 3-4 लाख का है.

हाल ही में खुला है रिटेल स्टोर

कंपनी की कुल बिक्री में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 70-80 प्रतिशत है. दिल्ली के कीर्ति नगर में कंपनी ने हाल ही में अपना रिटेल स्टोर भी खोला है, जो 9000 वर्ग फीट में फैला हुआ है. एक साल के अंदर कंपनी को मिलने वाले ऑर्डर्स में 80 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. कपिल ने बताया कि कंपनी ने अभी तक बाहर से कोई फंडिंग नहीं ली है. सारा पैसा कंपनी के फाउंडर्स का लगाया हुआ ही है.

क्या हैं फ्यूचर प्लान्स

फ्यूचर प्लान्स के बारे में पूछे जाने पर कपिल गोयल ने बताया कि उनके और उनके भाइयों के बच्चे भी इसी बिजनेस को जॉइन कर चुके हैं. कंपनी की ग्रोथ अच्छी है और आगे भी इसके अच्छे रहने की पूरी संभावना है. इसलिए भविष्य में भी पूरा फोकस इसी कारोबार को आगे बढ़ाने पर रहेगा. आगे चलकर बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई में और रिटेल स्टोर खोले जाएंगे. भारत में इन चार जगहों से कंपनी को सबसे ज्यादा ऑर्डर मिलते हैं. इसके अलावा और कारीगरों को साथ लिया जाएगा. कपिल गोयल ने बताया कि भारत में लगभग 80 लाख कारीगर हैं. इस लिहाज से कंपनी से जुड़े कारीगर, संख्या के हिसाब से केवल शुरुआत भर है. इस संख्या को आगे बढ़ाने के लिए और काम किए जाने का प्लान है.