वायु प्रदुषण से बचाने वाले स्टार्टअप Dharaksha Ecosolution की कहानी

Dharaksha Ecosolutions का बायोडिग्रेडेबल प्रोडक्ट प्रदूषण कम कर धरती को बचाएगा

वायु प्रदुषण से बचाने वाले स्टार्टअप Dharaksha Ecosolution की कहानी

Wednesday February 15, 2023,

3 min Read

हमारी भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में वायु प्रदुषण एक बड़ी परेशानी बन चुका है. कभी-कभी तो घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है. कोरोना महामारी के बाद तो इसका रिस्क और भी बढ़ गया है. आज हम आपको मिलवाते हैं एक ऐसे स्टार्टअप से जो आपको इस बड़ी परेशानी से निजात दिलाएगा.

यहां हम आपको बता रहे हैं स्टार्टअप धरक्षा इकोसलूशन (Dharaksha Ecosolutions) के बारे में.

धरक्षा इकोसलूशन बायोडिग्रेडेबल और सस्टेनेबल विकल्प्स के जरिए प्रदूषण को कम करने की दिशा में काम कर रहा है. यानि अब वायु प्रदुषण के असर को कम किया जा सकेगा. अब खुली हवा में सांस लेना आसान होगा.

स्टार्टअप प्रोडक्ट्स की एक सस्टेनेबल और स्केलेबल लाइन बनाने के लिए बायोटेक्नोलॉजी और फाइनेंसियल मॉडलिंग तकनीक का इस्तेमाल करता है. पराली को जलाये जाने से वायु प्रदूषण पर बहुत बुरा असर पड़ता है.

स्टार्टअप फसल के बाद बचे हुए वेस्ट में मशरुम उगाता है. कंपनी ने फंगी की एक ख़ास प्रजाति को अलग किया है जिसका इस्तेमाल वो धान की फ़सल से बचे हुए कचरे पर करती है जिससे सबस्ट्रेट को मजबूती मिलती है. पौधों की जड़ों में माईसेलियम नामक पदार्थ होता है, जिससे सबस्ट्रेट और संगठित हो जाता है. इस पूरे प्रोसेस से एक ऐसा बायोकम्पोस्ट तैयार होता है, जिसकी प्रॉपर्टीज थर्मोकोल से मिति हैं.

कंपनी का कहना है पारंपरिक थर्मोकोल की तुलना में ये बायोकम्पोस्ट 60 दिनों में पूरी तरह से बायोडिग्रेड होता है, जबकि पारंपरिक थर्मोकोल को 4,000 साल लगते हैं. कंपनी एक साल में लगभग 5 लाख टन polystyrene बनाती है.

फाउंडर्स का कहना हैं कि इस पूरी रिसर्च में हमें 18 महीने का समय लगा. हमारा फाइनल प्रोडक्ट परंपरागत थर्माकोल (पॉलीस्टाइरीन) की तुलना में वाटर-प्रूफ और कम लागत वाला है.

कंपनी के को-फाउंडर अर्पित धूपर ने महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है. इंजीनियरिंग के बाद अर्पित ने आई.आई.टी दिल्ली से डिजाईन ऑफ़ मैकेनिकल एलिमेंट में मास्टर्स किया.

धरक्षा इकोसलूशन से पहले, अर्पित क्लीनटेक स्टार्टअप चक्र इनोवेशन में चीफ टेक्निकल ऑफिसर के तौर पर काम कर चुके हैं. कंपनी के दूसरे को-फाउंडर आनंद बोध इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं. आनंद चक्र इनोवेशन, यूज्ड कार लीजिंग फर्म पंपम्पम, और वीडियो बनाने वाली सॉफ्टवेयर कंपनी स्टोरीएक्सप्रेस के साथ काम कर चुके हैं.

यह स्टार्टअप YourStory की साल 2022 की Tech30 लिस्ट का हिस्सा है.

YourStory हर साल अपने सिग्नेचर इवेंट TechSparks में आपके लिए कई हज़ारों में से चुनकर लाता है Tech30 लिस्ट में ऐसे 30 स्टार्टअप जो देश को बदल देने के साथ साथ अरबों की कंपनियां बनने की ताकत रखते हैं.

Tech30 ने बीते 11 साल में 330 से ज्यादा स्टार्टअप्स को प्रोफाइल कर उनके बारे में दुनिया को बताया है, 35,000 से ज्यादा नौकरियां देने में मदद की है, 300 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा की फंडिंग इसकी मदद से आई है और 675 से भी ज्यादा युवा फाउंडर्स को हमने कुछ कर दिखाने की ताकत दी है. Tech30 लिस्ट का हिस्सा रहे 5 ऐसे स्टार्टअप हैं जो यूनिकॉर्न बन चुके हैं. यानी उनका वैल्यूएशन 100 करोड़ डॉलर से ज्यादा है और ये सिलसिला अभी रुका नहीं है.


Edited by Prateeksha Pandey