दस संकेत जिनसे पता चल सकेगा आपके घर और दफ्तर में वास्तु दोष है या नहीं

वास्तु ऊर्जा एक अत्यंत सूक्ष्म ऊर्जा है, जिसका हमारे जीवन पर गहरा और दूरगामी प्रभाव पड़ता है। अगर आपके आसपास यह ऊर्जा सही मात्रा और दिशा में उपलब्ध हो तो आपके जीवन में इसका सकारात्मक असर होता है। इस असीम ऊर्जा को हम साक्षात देख तो नहीं पाते हैं लेकिन इसे अनुभव किया जा सकता है।


यह ऊर्जा अल्ट्रासाउंड और माइक्रोवेव तरंगों से भी ज्यादा सूक्ष्म होती है। जिसका प्रभाव देर से होता है पर गहरा होता है। हालांकि जब यह ऊर्जा सही दिशा में नहीं होती है तो हमें इसके दुष्परिणाम भी उठाने होते हैं।


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फोटो साभार: param homes


इस लेख में हम समझने की कोशिश करेंगे कि वास्तु कैसे हमारे जीवन को प्रभावित करता है और घर या ऑफिस में वास्तु दोष होने के क्या लक्षण और संकेत हैं ? 

1. ताजगी महसूस न होना

आप रोजाना रात को 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेते हैं और आपकी दिनचर्या भी ठीक है। इसके बावजूद भी आप खुद को ऊर्जावान महसूस नहीं करते हैं। सुबह उठते ही थकावट और कमजोरी सी महसूस होती है। किसी काम में मन नहीं लगता है। चाय और कॉफी पीने से भी ताजगी का एहसास नहीं होता है, तो हो सकता है कि यह वास्तु दोष के कारण हो रहा है। 

2. आरामदायक जोन से बाहर न निकल पाना

कई बार हम अपने आरामदायक जोन से इतने अभ्यस्त हो चुके होते हैं कि उससे बाहर नहीं निकल पाते है। मौजूदा व्यापार या व्यवसाय में लगातार नुकसान सहने या उसमें भविष्य न दिखने पर भी हम उसे छोड़ने का साहस नहीं जुटा पाते हैं। व्यक्तिगत या सार्वजनिक जीवन में किसी से कटु संबंध होने पर भी उस रिश्ते से बाहर नहीं आ पाते हैं। इस स्थिति में हमारे अंदर जीवन में कुछ नया करने की ऊर्जा और प्रेरणा का अभाव हो जाता है। हम कठोर निर्णय नहीं ले पाते हैं।  

3. तरक्की ठप हो जाना

कई लोग अपने काम में कुशल होते हैं और काम नियत समय पर पूरी ईमानदारी और पूर्णता के साथ करते हैं, लेकिन ऑफिस में बॉस से कभी उस काम की सराहना नहीं मिलती है, प्रोमोशन नहीं मिलता है। व्यापार करते हैं तो सब कुछ सही दिशा में होने पर भी तरक्की नहीं होती है। नौकरी या व्यापार में हर बार अच्छे अवसर हाथ से निकल जाते हैं और ऐसे लोग हमेशा पीछे रह जाते हैं। कई बार ऐसा वास्तु दोष के कारण होता है। 

4. वित्तीय स्थिरता का अभाव 

एक अच्छी नौकरी या अच्छा व्यवसाय है। हर महीने अच्छी खासी आमदनी होती है। घर परिवार का कोई जरूरी काम रुकता नहीं है। जीवन सही से चल रहा है, लेकिन पैसे नहीं बचते हैं। कोई बड़ा काम नहीं हो पाता है। भविष्य के लिए कोई निवेश नहीं हो पाता है।  हर महीने कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है जो सारी वित्तीय योजनाओं पर पानी फेर देता है।

5. बिना कारण अस्वस्थ्य रहना 

कुछ लोग बिना किसी कारण के निरंतर बीमार रहते हैं। छोटी-मोटी बीमारियां भी उन्हें परेशान करती है। डॉक्टर न कोई बीमारी बताता है न कोई उपचार सुझा पाता है। ऐसी स्थिति में शरीर और मन-मस्तिष्क सभी बुझा-बुझा सा रहने लगता है। उनमें ऊर्जा और जोश का अभाव रहता है। वह खुलकर जिंदगी नहीं जी पाते हैं। कई अवसर पर ये किसी गंभीर वास्तु दोष के लक्षण होते हैं।



6. हर बार गलत लोग ही मिलते हैं

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका हमेशा गलत लोगों से वास्ता पड़ जाता है। व्यापार और व्यवसाय में अच्छे लोग नहीं मिलते हैं। सभी लोग सिर्फ उनसे फायदा उठाते हैं। दोस्त हो तो दगाबाजी कर देता है, किसी से प्रेम हो तो वह बेवफाई कर देता है। रिश्तेदार ऐसे मिलते हैं जो स्वार्थी निकल जाते हैं। संबंधों में इन्हें हमेशा नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि वह ऐसे लोगों के प्रति ही आकर्षित होते हैं। कई बार यह वास्तु दोष के कारण होता है। 

7. व्यापार या व्यवसाय में बाधाएं आना

वास्तु दोष के कारण कई बार कारोबार या व्यवसाय में बाधाएं आ जाती हैं और कई महीनों तक सफलता हम से दूर रहती है। कई बार ऐसा बाजार या बाहरी तत्वों के कारण होता है, लेकिन यह समय निराशा से भर जाता है। कुछ समझ में नहीं आता कि कैसे इस परिस्थिति से बाहर निकलें। 

8. जिंदगी में खुशी और उत्साह की कमी 

जीवन में सब कुछ है पैसा है, प्यार है। अच्छा घर है, खाना है और अच्छे कपड़े हैं। बड़ी सी गाड़ी है। सोसायटी में रुतबा और इज्जत भी है। ऊपर से जीवन भरपूर नजर आता है पर अन्दर ही अन्दर कुछ परेशानी रहती है। एक अधूरेपन का एहसास मन में बैठ गया है। कुछ समझ में नहीं आता है, बस जीवन अच्छा नहीं लगता है। जोश और उत्साह ठंडा पड़ गया है। किसी काम में खुशी नहीं मिलती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो होशियार हो जाएं। ऐसी परिस्थितियां अक्सर बड़े वास्तु दोष की तरफ इशारा करती हैं।

9. पारिवारिक संबंधों में तनाव 

कभी-कभी जीवन में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं कि एक-एक कर रिश्तों में दरारें पड़ने लगती है। मतभेद सुलझ नहीं पाते और दूरियां बढ़ती चली जाती है। छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव हो जाता है। आपको कोई नहीं समझता है। आपके हर बात का गलत मतलब निकाल लिया जाता है। आपसी संबंधों में आप कुछ अच्छा भी करने जाते हैं तो वह बुरा हो जाता है। इसका कारण भी वास्तु दोष हो सकता है। 

10. व्यर्थ की चिंताओं से घिर जाना 

कई बार जिंदगी में ऐसे हालात पैदा हो जाते हैं कि इंसान तरह-तरह की चिंताओं के बोझ से दब जाता है। उसका सारा कार्य व्यापार प्रभावित होने लगता है। उसे सब कुछ असंभव सा लगने लगता है।


अगर आपमें इनमे से कोई लक्षण प्रकट हो तो समझ जाएं कि घर या ऑफिस में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा के कारण ऐसा हो रहा है। इनके निवारण के लिए सर्वप्रथम आपको शांत चित्त होकर, इस ऊर्जा से अवगत होना होगा। यह भी वास्तु दोषों के कारण होता है।