एक दुर्घटना के चलते बन गए ‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया’, लोगों को हेलमेट बांटने के लिए बेच दिया अपना घर

By शोभित शील
February 07, 2022, Updated on : Thu Feb 10 2022 04:04:22 GMT+0000
एक दुर्घटना के चलते बन गए ‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया’, लोगों को हेलमेट बांटने के लिए बेच दिया अपना घर
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अपने एक खास दोस्त की सड़क हादसे में हुई मौत ने राघवेंद्र कुमार को इस कदर प्रभावित किया कि उन्होने यह प्रण ले लिया कि वे अब उनके दोस्त की तरह किसी भी अन्य व्यक्ति के साथ उस तरह की दुर्घटना नहीं होने देंगे। राघवेंद्र कुमार को आज लोग ‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से भी पहचानते हैं।


राघवेंद्र कुमार के अनुसार सड़क हादसे में उनके दोस्त की जान जाने का मुख्य कारण उस समय दोस्त के सिर पर हेलमेट का ना होना था। 2014 में घटी उस दुर्घटना के बाद से ही राघवेंद्र लगातार अपने मिशन के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जहां वे लोगों को हेलमेट बांटने का काम करते हैं।


बिहार के मधुबनी से आने वाले राघवेंद्र के लिए उस दिन सब कुछ बदल गया जब साल 2014 को उनके खास दोस्त कृष्ण कुमार की नोएडा एक्सप्रेसवे पर हुई एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। तब से राघवेंद्र लगातार सड़कों पर बिना हेलमेट वाले बाइकर्स को हेलमेट बांटने का काम कर रहे हैं।

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मिशन के लिए बेच दिया अपना घर

राघवेंद्र ने इतने सालों में देश के 22 से अधिक राज्यों में 50 हज़ार से भी अधिक बाइक सवारों को हेलमेट बांटने का काम किया है। इतना ही नहीं, राघवेंद्र इसी के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों के बीच जागरूकता को बढ़ाने का भी काम करते हैं।


अपने इस मिशन को पूरा करने के लिए राघवेंद्र ने कई बड़े फैसले भी लिए। उन्होने अपने इस खास मिशन को फंड करने के लिए नोएडा स्थित अपना फ्लैट बेच दिया, इसी के साथ उन्होने अपनी पैतृक संपत्ति भी बेच दी है। अपने मिशन के लिए समर्पित राघवेंद्र ने अपनी नौकरी कई सालों पहले ही छोड़ दी थी।

नहीं मिली कोई आर्थिक मदद

मीडिया से बात करते हुए राघवेंद्र ने बताया है कि उन्हें राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लेकर देश के केंद्रीय मंत्रियों तक सभी से ट्विटर पर उनके काम को लेकर सराहना मिली है, लेकिन उनकी आर्थिक मदद के लिए अब तक कोई भी आगे नहीं आया है। वे अपने इस मिशन को आगे ले जाने के लिए अपनी पत्नी के गहनों को भी गिरवी रख चुके हैं। राघवेंद्र के अनुसार, वे अपनी आखिरी सांस तक इस मिशन के लिए काम करते रहना चाहते हैं।


इतना ही नहीं, राघवेंद्र जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में भी उनकी मदद करते हैं। वे ऐसे बच्चों को मुफ्त में पुरानी किताबें बांटने का काम करते हैं। ये किताबें राघवेंद्र हेलमेट के बदले में लोगों से मांगते हैं। 


राघवेंद्र के अनुसार, देश को सड़क दुर्घटना के मामले में सुरक्षित बनाने के लिए देश के युवाओं का साक्षर होना बेहद आवश्यक है। राघवेंद्र ने ‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया फाउंडेशन’ नाम के एक एनजीओ की भी स्थापना की है, इसके साथ वे अपने इस मिशन को और भी तेजी के साथ देश के हर कोने तक ले जाना चाहते हैं।


Edited by Ranjana Tripathi

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