7 साल की यह छोटी बच्ची संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में करेगी भारत का प्रतिनिधित्व

7 साल की यह छोटी बच्ची संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में करेगी भारत का प्रतिनिधित्व

Friday April 26, 2019,

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लिसिप्रिया

वह केवल सात साल की है, लेकिन उसकी विलक्षण प्रतिभा को देखकर आप हैरान हो जाएंगे। मणिपुर की रहने वाली लिसिप्रिया कंगुजम को दुनिया के एक बड़े मंच पर बोलने के लिए आमंत्रित किया गया है। लिसिप्रिया स्विट्जरलैंड में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जिनेवा में आयोजित होने वाले ग्लोबल प्लेटफॉर्म फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन 2019 के छठे सत्र में भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार है।


लिसिप्रिया एपीएसी क्षेत्र के बच्चों का प्रतिनिधित्व करेंगी और संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ 3,000 अन्य प्रतिनिधियों और 140 देशों के प्रतिभागियों को संबोधित करेंगी। सत्र में, वह प्राकृतिक प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली क्षति / आपदाओं को कम करने के लिए योजनाओं और तरीकों के बारे में बोलेंगी।


इस साल इस आयोजन की थीम है, 'रेजिलिएंट डिविडेंड: टुवर्ड्स सस्टेनेबल एंड इनक्लूसिव सोसाइटीज'। यह कार्यक्रम स्विट्जरलैंड सरकार के साथ संयुक्त राष्ट्र कार्यालय द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसे 13 से 17 मई तक आयोजित किया जाएगा। कक्षा दो में पढ़ने वाली लिसिप्रिया अभी अंतर्राष्ट्रीय युवा समिति (IYC) में बाल आपदा जोखिम न्यूनीकरण समर्थतक के रूप में काम कर रही हैं।


आपदा प्रबंधन के मुद्दे पर लिसिप्रिया ने कहा, 'जब मैं भूकंप, बाढ़ और सुनामी के कारण टीवी पर लोगों को पीड़ित और मरते हुए देखती हूं तो मैं डर जाती हूं। मैं रोती हूं जब मैं देखती हूं कि बच्चों को अपने माता-पिता को खोते हुए या आपदाओं के कारण लोग बेघर हो रहे हैं। मैं सभी से इस काम में दिमाग और जुनून से जुड़ने का आग्रह करती हूं, ताकि हम सभी के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण हो सके।'


इस कार्यक्रम में सरकारी और अंतरसरकारी संगठन, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की हिस्सेदारी होगी। रेड क्रॉस के राष्ट्रीय सोसायटी और रेड क्रिसेंट संगठन जैसे समूह भी इस कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब लिसिप्रिया को किसी अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया हो। 2018 में उसे मंगोलिया के उलानबटार में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर 2018 एशिया मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था, जो 3 से 7 जुलाई तक आयोजित किया गया था। लिसिप्रिया ने सिर्फ 7 साल की उम्र में आठ देशों का दौरा किया है और कई जगहों पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।


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