इस पैराएथलीट ने व्हीलचेयर पर तय की 213 किलोमीटर की दूरी, बनाया विश्व रिकॉर्ड!

By शोभित शील
January 19, 2022, Updated on : Wed Jan 19 2022 09:11:32 GMT+0000
इस पैराएथलीट ने व्हीलचेयर पर तय की 213 किलोमीटर की दूरी, बनाया विश्व रिकॉर्ड!
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बीते पैराओलंपिक में देश के पैराएथलीट खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नामा ऊंचा किया था, हालांकि पैराएथलीट ओलंपिक से इतर भी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। हाला ही में एक पैराएथलीट ने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर देश का नाम एक बार फिर से रोशन कर दिया है।


ये पैराएथलीट कमल कांत नायक हैं, जिन्होने अपनी मैनुअल व्हीलचेयर पर 24 घंटे में 213 किलोमीटर की दूरी तय की है। इस दूरी को तय करने के साथ ही कमल कांत गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज़ करवाने की ओर बढ़ गए हैं।

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गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड के लिए आवेदन को पुख्ता करने के लिहाज से कमल कांत की इस मैराथन को लेकर तैयारियां भी की गईं थी, जहां आयोजन की निगरानी को ध्यान में रखते हुए कुल 8 कैमरे लगाए गए थे, इसी के साथ वहां पर जीपीआरएस सिस्टम्स भी लगाए गए थे।

इसके पहले ये था रिकॉर्ड

कमल कांत से पहले व्हीलचेयर के द्वारा तय की अधिकतम दूरी का रिकॉर्ड पुर्तगाल के मारियो ट्रिनाडे के नाम था। मारियो ने साल 2007 में व्हीलचेयर पर 182.4 किलोमीटर की दूरी तय कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मारियो ने यह कारनामा पुर्तगाल के विला रियल स्थित स्टेडियम में किया था।


अब कमल कांत ने मारियो का पिछला रिकॉर्ड बड़े अंतर से तोड़ दिया है। पुरी के रहने वाले कमलाकांत ने बीते शनिवार मास्टर कैंटीन स्क्वायर से राजमहल स्क्वायर साइकिल ट्रैक पॉइंट पर अपनी इस मैराथन को पूरा किया है, जिसके लिए उन्होने 24 घंटे का समय लिया है।

बदलेगी लोगों की धारणा

विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद मीडिया से बात करते हुए कमल कांत ने बताया है कि इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद वे काफी खुश हैं और इसी के साथ उन्होने उनकी इस ऐतिहासिक यात्रा में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद भी दिया है।


कमल कांत के अनुसार उनके इस रिकॉर्ड के बाद अब दिव्यांग लोगों के प्रति लोगों की धारणा बदलेगी। आगे बढ़ते हुए कमलाकांत अब पेरिस ओलंपिक क्वालिफाइ करने के लक्ष्य के साथ अपनी तैयारियों पर फोकस कर रहे हैं। इस मैराथन के लिए कमल कांत को खेल और युवा मामलों के विभाग के साथ ही एक एनजीओ से भी मदद हासिल हुई थी।

लगाए गए थे कैमरे

गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड के लिए आवेदन को पुख्ता करने के लिहाज से कमल कांत की इस मैराथन को लेकर तैयारियां भी की गईं थी, जहां आयोजन की निगरानी को ध्यान में रखते हुए कुल 8 कैमरे लगाए गए थे, इसी के साथ वहां पर जीपीआरएस सिस्टम्स भी लगाए गए थे।


कमल कांत ने अपनी इस मैराथन के दौरान चार चरणों में कुल दो घंटे का ब्रेक लिया है। आयोजकों ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि अब जल्द ही कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारियों को भेजा जाएगा।


Edited by Ranjana Tripathi

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