यूक्रेन मसले पर UN में भारत ने पहली बार वोटिंग में लिया हिस्सा, रूस के खिलाफ वोट किया

अपने रुख के अनुसार रूस ने आमंत्रण के खिलाफ मतदान किया जबकि चीन हमेशा की तरह अनुपस्थित रहा. हालांकि, प्रोसिजरल मैटर होने के कारण रूस का मत वीटो के रूप में नहीं माना जाएगा.

यूक्रेन मसले पर UN में भारत ने पहली बार वोटिंग में लिया हिस्सा, रूस के खिलाफ वोट किया

Thursday August 25, 2022,

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यूक्रेन के मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में हुई कई बैठकों में हुए मतदान से अनुपस्थित रहने के बाद पहली बार भारत ने उस मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया है जिसका रूस विरोध कर रहा था. रूस के रुख के खिलाफ मतदान करते हुए बुधवार को भारत ने सुरक्षा परिषद के 12 अन्य सदस्यों के साथ मिलकर रिमोट वीडियो लिंक से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलिदिमीर जेलेंस्की को भाषण देने के लिए आमंत्रित किया.

अपने रुख के अनुसार रूस ने आमंत्रण के खिलाफ मतदान किया जबकि चीन हमेशा की तरह अनुपस्थित रहा. हालांकि, प्रोसिजरल मैटर होने के कारण रूस का मत वीटो के रूप में नहीं माना जाएगा.

बैठक शुरू होने के साथ ही रूस के स्थायी प्रतिनिधि वैसिली बेंजिया ने जेलेंस्की के वीडियो लिंक अरेंजमेंट पर आपत्ति जताई और मांग की कि वे काउंसिल चैंबर में व्यक्तिगत तौर पर आकर वोट की मांग करें. हालांकि, काउंसिल के अन्य सदस्यों ने इसका समर्थन नहीं किया और रूस अलग-थलग पड़ गया.

एक डिप्लोमैटिक सोर्स ने इस मतदान की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि यह पहली बार है कि यूक्रेन के मसले पर पहली बार भारत मतदान से अनुपस्थित नहीं रहा और पश्चिमी देशों के साथ मतदान में हिस्सा लिया. सोर्स ने कहा कि बुधवार का वोट उन मुद्दों से बिल्कुल अलग था, जिन पर भारत ने परहेज किया था और वे अधिक महत्वपूर्ण थे। यह मतदान वीडियो लिंक के माध्यम से केवल जेलेंस्की को शामिल होने या नहीं शामिल होने को लेकर था.

UNSC बैठक में बोलते हुए भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने यूक्रेन विवाद को लेकर भारत के तटस्थ रुख को दोहराया. हालांकि, युद्ध में यूक्रेन में हताहत हुए लोगों की संख्या और दुनिया पर पड़ने वाले उसके प्रभाव के बारे में बात करते हुए कंबोज ने रूस का नाम नहीं लिया.

बता दें कि, UNSC में यह बैठक ऐसे दिन पर हुई जब 24 अगस्त को यूक्रेन अपने स्वतंत्रता दिवस मना रहा था. इसके साथ ही बुधवार को ही यूक्रेन पर रूसी हमले को 6 महीने पूरे हो गए. रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमले की शुरुआत की थी.

वोटिंग के बाद वीडियो लिंक के माध्यम से बोलते हुए जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि दुनिया की सुरक्षा इस बात पर तय करती है कि रूसी हमले को किस तरह से हैंडल किया जाता है. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन का क्षेत्र दुनिया का भविष्य तय करेगा. हमारी स्वतंत्रता आपकी सुरक्षा है.


Edited by Vishal Jaiswal