उत्तर प्रदेश में पहली से आठवीं तक के छात्रों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा

कक्षा 1-8 के विद्यार्थियों को नियमानुसार अगली कक्षा में प्रवेश दिया जायेगा. इन छात्रों को रिपोर्ट कार्ड दिए जाएंगे जिसमें वार्षिक परीक्षाओं और मूल्यांकन के आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा.

बेसिक एजुकेशन काउंसिल के तहत आने वाले यूपी के स्कूलों में नो रिटेंशन पॉलिसी के तहत कक्षा 1-8 के सभी छात्रों को बिना किसी परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा.

यह निर्णय राज्य के लाखों स्कूल जाने वाले छात्रों को प्रभावित करेगा और आरटीई अधिनियम के तहत उल्लिखित मानदंडों के अनुसार आया है.

बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित सभी परिषदीय विद्यालयों एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कक्षा 1 से 8 तक के किसी भी छात्र की प्रोन्नति बंद नहीं की जायेगी.

कक्षा 1-8 के विद्यार्थियों को नियमानुसार अगली कक्षा में प्रवेश दिया जायेगा. इन छात्रों को रिपोर्ट कार्ड दिए जाएंगे जिसमें वार्षिक परीक्षाओं और मूल्यांकन के आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा.

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का प्रावधान है. अधिनियम किसी भी परिस्थिति में इस कक्षा के स्कूली छात्रों के प्रतिधारण पर रोक लगाता है.

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि परिषद के अधीन संचालित परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कक्षा 1 से 8 तक के किसी भी छात्र का प्रमोशन नहीं रोका जायेगा.

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने कहा कि राज्य सरकार की कोई रिटेंशन पॉलिसी नहीं है, जिसके तहत कोई भी बच्चा फेल नहीं होगा. उन्होंने आगे बताया कि यह आदेश आरटीई अधिनियम के अनुसार आया है और हर साल लागू किया जाता है.

उन्होंने कहा, "इसका उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें निर्बाध गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अगली कक्षाओं में पदोन्नत करके प्रोत्साहित करना है."

वार्षिक परिणाम घोषित होने के दिन स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक भी होगी. मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं और तैयार रिपोर्ट कार्ड एक ही समय में छात्रों और अभिभावकों को दिखाए जाएंगे.

आदेश के अनुसार, छात्रों को पूर्ण अंक और 100 अंकों के सापेक्ष अंकों को परिवर्तित करके अंक प्राप्त होंगे. विजय किरण ने कहा कि शिक्षक पिछले साल जारी आदेश का हवाला देकर छात्रों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगे. ये रिपोर्ट कार्ड स्कूल के प्राचार्यों द्वारा छात्रों को उपलब्ध कराए जाएंगे.

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