स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता सुनिश्चित करने में सतत विकास लक्ष्य-6 की क्या भूमिका है?

By yourstory हिन्दी
December 15, 2022, Updated on : Mon Jan 30 2023 13:40:32 GMT+0000
स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता सुनिश्चित करने में सतत विकास लक्ष्य-6 की क्या भूमिका है?
SDG के 17 लक्ष्यों में 6वां सतत विकास लक्ष्य (SDG-6 या वैश्विक लक्ष्य-6) सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छता से संबंधित है. आधिकारिक शब्द के तहत कहा गया है कि सभी के लिए जल और स्वच्छता की उपलब्धता और सतत प्रबंधन सुनिश्चित करें.
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सतत विकास लक्ष्य (SDG) या ‘2030 एजेंडा’ बेहतर स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और सबके लिए शांति और समृद्ध जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी से कार्रवाई का आह्वान करता है. वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसे एक सार्वभौमिक आह्वान के रूप में अपनाया गया था. 17 सतत विकास लक्ष्य और 169 उद्देश्य सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के अंग हैं.


17 एसडीजी मानते हैं कि एक क्षेत्र में कार्रवाई से दूसरे क्षेत्र में परिणाम प्रभावित होंगे, और यह कि विकास को अवश्य ही प्रभावित होना चाहिए. सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करें. एक प्रणालीगत सोच दृष्टिकोण वैश्विक स्थिरता के लिए आधार है.


SDG के 17 लक्ष्यों में 6वां सतत विकास लक्ष्य (SDG-6 या वैश्विक लक्ष्य-6) सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छता से संबंधित है. आधिकारिक शब्द के तहत कहा गया है कि सभी के लिए जल और स्वच्छता की उपलब्धता और सतत प्रबंधन सुनिश्चित करें.


सतत विकास लक्ष्य 6 में 8 लक्ष्य और 11 संकेतक हैं जिनका उपयोग लक्ष्यों की दिशा में प्रगति की निगरानी के लिए किया जाएगा.

6 आउटकम ओरिएंटेड लक्ष्य:

1. सुरक्षित और अफोर्डेबल पेयजल

2. खुले में शौच को समाप्त करना और स्वच्छता तक पहुंच प्रदान करना

3. पानी की गुणवत्ता में सुधार करना

4. जल्द की बर्बादी को रोकना और उनका दोबारा इस्तेमाल सुनिश्चित करना,

5. जल-उपयोग दक्षता में वृद्धि करना और मीठे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना

6. एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन (IWRM) को लागू करना, पानी से संबंधित पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा करना और उसे बहाल करना

लक्ष्यों को प्राप्त करने के दो साधन:

1. विकासशील देशों को जल और स्वच्छता सहायता का विस्तार करना

2. जल और स्वच्छता प्रबंधन में स्थानीय जुड़ाव का समर्थन करना

एक चौथाई देश ही लक्ष्य हासिल करने के करीब

विश्व स्वास्थ्य संगठन और जल मामलों के लिये यूएन एजेंसी (UN-Water) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि 45 प्रतिशत देश वर्ष 2030 के अंत तक, पेयजल के लक्ष्य को हासिल करने के मार्ग पर अग्रसर हैं, लेकिन केवल एक-चौथाई देशों द्वारा ही साफ़-सफ़ाई लक्ष्य हासिल किये जाने की सम्भावना है. रिपोर्ट दर्शाती है कि इन योजनाओं और रणनीतियों को लागू करने के लिए 75 प्रतिशत से अधिक देशों के पास पर्याप्त धन नहीं है.

77.1 करोड़ लोगों के पास स्वच्छ पेयजल का अभाव

दरअसल, 2000 के बाद से 2 अरब लोगों ने सुरक्षित रूप से प्रबंधित जल तक पहुंच प्राप्त की है. इसका मतलब है कि उन्हें उनके स्थान पर, जरूरत पड़ने पर संदूषण से मुक्त पानी उपलब्ध हुआ. 2020 में, 5.8 अरब लोगों ने सुरक्षित रूप से प्रबंधित जल का उपयोग किया और 2 अरब लोगों ने बुनियादी सेवाओं का उपयोग. हालांकि, 77.1 करोड़ लोगों के पास अभी भी एक बुनियादी स्तर की जल की उपलब्धता का अभाव है.

SDG-6 पर कई लक्ष्य निर्भर

SDG-6 में प्रगति से स्वास्थ्य SDG-3 में सुधार होगा और स्कूल में उपस्थिति में सुधार होगा, ये दोनों ही गरीबी को कम करने में योगदान करते हैं. अप्रैल 2020 में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा था कि आज सतत विकास लक्ष्य-6 बुरी तरह से पटरी से उतर गया है और यह 2030 एजेंडा की प्रगति, मानवाधिकारों की प्राप्ति और चारों ओर शांति और सुरक्षा की उपलब्धि में बाधा बन रहा है.

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Edited by Vishal Jaiswal