BYJU’s के फाउंडर रविंद्रन को अपने कर्मचारियों से माफी क्यों मांगनी पड़ी?

By Vishal Jaiswal
November 01, 2022, Updated on : Tue Nov 01 2022 05:11:58 GMT+0000
BYJU’s के फाउंडर रविंद्रन को अपने कर्मचारियों से माफी 
क्यों मांगनी पड़ी?
जून में 2500 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद इसी महीने BYJU'S अगले छह महीनों में पांच प्रतिशत यानी लगभग 2,500 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है. हालांकि, अब केरल और कर्नाटक में कर्मचारियों को जबरदस्ती इस्तीफा देने का दबाव बनाने का आरोप लग रहा है.
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देशभर में करीब 50 हजार लोगों को रोजगार देने वाली दिग्गज एजुकेशनल-टेक्नोलॉजी (एडटेक) कंपनी BYJU'Sबायजू पर अपने कर्मचारियों को जबरन और हड़बड़ी में नौकरी से निकाले जाने का आरोप लग रहा है.


दरअसल, जून में 2500 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद इसी महीने BYJU'S अगले छह महीनों में पांच प्रतिशत यानी लगभग 2,500 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है. हालांकि, अब केरल और कर्नाटक में कर्मचारियों को जबरदस्ती इस्तीफा देने का दबाव बनाने का आरोप लग रहा है.


ऐसे में, बायजू के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बायजू रवींद्रन ने कंपनी में अटपटे तरीके से छंटनी के लिए कर्मचारियों से माफी मांगी है. उन्होंने सफाई देते हुए कहा है कि कार्य में दोहराव से बचने और एक काम के लिए अतिरिक्त लोगों को कम करने के लिए 2,500 नौकरियों में कटौती की आवश्यकता थी.


रवींद्रन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि प्रतिकूल वृहद आर्थिक कारकों ने बायजू को स्थिरता और पूंजी कुशल वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर किया है. उन्होंने कहा, ‘‘हम चालू वित्त वर्ष में समूह स्तर पर लाभ में होने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रहे हैं.’’


सीईओ ने कहा कि कंपनी 2,500 कर्मचारियों या संख्या के पांच प्रतिशत की छंटनी कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रक्रिया उतनी सहज नहीं है जितनी हम चाहते थे. मैं आपसे क्षमा चाहता हूं. हालांकि, हम इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से और कुशलता से समाप्त करना चाहते हैं लेकिन हम इसे जल्दी नहीं करना चाहते हैं.’’

केरल से कारोबार समेटने की तैयारी का आरोप

इस हफ्ते कई मीडिया रिपोर्ट में ऐसी खबरें सामने आईं जिसमें बायजू पर आरोप लगाया गया वह केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित टेक्नोपार्ट ऑफिस में काम करने वाले 170 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का दबाव बना रही है.


इसके बाद केरल के तिरुवनन्तपुरम टेक्नोपार्क सेंटर में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने राज्य के सामान्य शिक्षा और श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी की चौखट पर दस्तक दी. जिसके बाद उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया. कुछ खबरों में यह भी कहा गया कि कंपनी केरल से अपना कारोबार समेटने की तैयारी कर रही है.

कर्नाटक में नौकरी छोड़ने के लिए डाला जा रहा दबाव

कर्नाटक राज्य आईटी/आईटीइएस कर्मचारी संघ, केआईटीयू का कहना है कि बायजू अपने बेंगलुरु हेडक्वार्टर में स्टाफ की छंटनी कर रहा है. केआईटीयू के सचिव सूरज निधियंगा ने मीडिया को बताया कि बायजू के कर्मचारियों से जबरन इस्तीफा लिया जा रहा है. कंपनी का मानव संसाधन विभाग कर्मचारियों से जबरदस्ती इस्तीफा लेने में लगा है. हालांकि, कंपनी की ओर से छंटनी से संबंधित कोई लिखित सूचना नहीं मिली है. पिछले एक सप्ताह से एचआर विभाग, कर्मचारियों को बुलाकर स्वेच्छा से इस्तीफा देने को कह रहा है.

छंटनी नहीं, केवल रिलोकेशन

केरल छोड़ने की खबरों से इनकार करते हुए कंपनी ने कहा था कि लाभदायक विकास के लिए चल रहे संगठनात्मक पुनर्गठन' के हिस्से के रूप में, यह तिरुवनंतपुरम में टेक्नोपार्क में अपना ऑफिस बंद कर रहा था, ताकि 'फालतू खर्च' को कम किया जा सके. इसके अलावा, कंपनी ने यहां की टीम, लगभग 140 सदस्यों को, बेंगलुरु आने का ऑफर दिया है.


कंपनी ने कहा था कि कोई छंटनी नहीं हो रही है, यह केवल रिलोकेशन है. यदि कोई कर्मचारी किसी भी कारण से रिलोकेट नहीं करना चाहता है, तो उसे उचित एग्जिट पैकेज मिलेगा. इस पैकेज में विस्तारित स्वास्थ्य बीमा लाभ, विस्थापन सेवाएं, उद्यान अवकाश और अगले 12 महीनों के भीतर भारत भर में BYJU'S के किसी भी सेंटर में पुनर्नियुक्ति का अवसर शामिल है.