Year Ender 2022: को-फाउंडर्स के 5 हाई प्रोफाइल इस्तीफे, जो बने मीडिया की सुर्खियां

By Anuj Maurya
December 31, 2022, Updated on : Mon Jan 02 2023 06:42:38 GMT+0000
Year Ender 2022: को-फाउंडर्स के 5 हाई प्रोफाइल इस्तीफे, जो बने मीडिया की सुर्खियां
साल 2022 में जोमैटो से लेकर भारतपे तक के को-फाउंडर्स ने इस्तीफा दिया. इन इस्तीफों की चर्चा मीडिया में खूब हुई. अश्नीर ग्रोवर का इस्तीफा तो किसी हाई-वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं रहा.
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ये साल स्टार्टअप्स (Startup) के लिए भी बहुत खास रहा. सरकार ने भी स्टार्टअप्स को खूब बढ़ावा दिया. कई नए-नए स्टार्टअप भी शुरू हुए. हालांकि, इसी बीच बहुत सारे स्टार्टअप से कुछ हैरान करने वाली खबरें भी आईं. किसी स्टार्टअप से उसके को-फाउंडर ने इस्तीफा दे दिया, तो किसी कंपनी में फाउंडर और को-फाउंडर पर गंभीर आरोपों के बाद उन्हें कंपनी छोड़नी (Co-Founders Resignation) पड़ी. ये इस्तीफे भी ऐसे-वैसे नहीं थे, बल्कि बड़े-बड़े स्टार्टअप के हाई-प्रोफाइल इस्तीफे थे. इनमें जोमैटो (Zomato) से लेकर भारतपे (Bharatpe) तक के को-फाउंडर्स के इस्तीफे शामिल हैं. आइए जानते हैं 2022 के 5 हाई-प्रोफाइल इस्तीफों के बारे में.

1- जोमैटो के को-फाउंडर ने दिया इस्तीफा

ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) के को-फाउंडर मोहित गुप्ता (Mohit Gupta) ने नवंबर के महीने में इस्तीफा दे दिया था. गुप्ता करीब 5 साल पहले जोमैटो में शामिल हुए थे. मई 2020 में गुप्ता जोमैटो के को-फाउंडर बने थे. उन्हें फूड डिलीवरी बिजनेस के CEO पोस्ट से प्रमोशन दिया गया था. उनसे पहले जोमैटो से राहुल गंजू और सिद्धार्थ झावर जैसे बड़े अधिकारी भी इस्तीफा दे चुके थे.


गुप्ता ने अपनी टीम को भेजे एक संदेश में कहा था, "जोमैटो से आगे बढ़ने का फैसला कर रहा हूं ताकि जीवन में अन्य अज्ञात मौकों की तलाश कर सकूं, जो उन्हें जिंदगी में मिलती है. पिछले कुछ वर्षों में मैंने दीपी (दीपिंदर गोयल) को और अधिक परिपक्व और आत्मविश्वासी लीडर बनते हुए देखा है जो अब आप सभी के साथ व्यवसाय को उज्‍जवल भविष्य की ओर ले जाने में पूरी तरह सक्षम हैं."

2- अश्नीर ग्रोवर ने भारतपे से दिया इस्तीफा

मई में भारतपे के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर अश्नीर ग्रोवर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने यह इस्तीफा कई हफ्तों तक फंड की कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर उनके और मैनेजमेंट के बीच चले विवाद के बाद दिया था. कंपनी ने उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर को भी निकाल दिया था. दरअसल जनवरी की शुरुआत में आए एक ऑडियो क्लिप में ग्रोवर कथित तौर पर कोटक महिंद्रा बैंक के एक कर्मचारी को फोन पर धमकाते हुए सुनाई दिए थे. वह नायका के आईपीओ के दौरान शेयर आवंटन में बैंक की तरफ से गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए सुनाई दिए थे.

3- अश्नीर के बाद फाउंडर भाविक का भी इस्तीफा

अश्नीर ग्रोवर के बाद भारतपे के फाउंडर भाविक कोलडिया ने भी यूनिकॉर्न फिनटेक कंपनी से इस्तीफा दे दिया. भारतपे के प्रवक्ता ने कहा था कि कंपनी में कोलडिया का कान्ट्रैक्ट पीरियड 31 जुलाई, 2022 को समाप्त हो गया. उन्होंने अब भारतपे के बाहर किसी अन्य असाइनमेंट पर अपना समय बिताने की इच्छा जाहिर की है. कोलडिया ने साल 2018 में शाश्वत नकरानी के साथ भारतपे की स्थापना की थी. दोनों के पास कंपनी की 50 फीसदी हिस्सेदारी थी. उस समय नकरानी आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई करते थे. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो भारतपे के साथ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के साथ मतभेदों के कारण कोलडिया ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया.

4- स्पोर्ट्सकीड़ा के पोरुष जैन ने दिया इस्तीफा

स्पोर्ट्स पोर्टल स्पोर्ट्सकीड़ा के फाउंडर पोरुष जैन (Porush Jain) ने नजारा टेक्नोलॉजी के मालिकाना हक वाले स्टार्टअप स्पोर्ट्सकीड़ा से 16 नवंबर 2022 को इस्तीफा दे दिया था. वह कंपनी में डायरेक्टर और सीईओ की भूमिका पर अपनी सेवाएं दे रहे थे. 2009 में पोरुष जैन ने श्रीनिवास राउजी कड़प्पा के साथ मिलकर स्पोर्ट्स पर न्यूज और ओपिनियन देने की वेबसाइट स्पोर्ट्सकीड़ा की शुरुआत की थी. इस वेबसाइट पर हर महीने करीब 7 करोड़ एक्टिव यूजर्स रहते हैं. जैन ने कंपनी छोड़ते वक्त कहा था कि वह एक नया बिजनेस या फिर एक एनजीओ शुरू कर सकते है. उनका ये भी कहा था कि वह एक एंजेल इन्वेस्टर या मेंटर की भूमिका में भी आ सकते हैं. उन्होंने ट्रैवल और गार्डनर बनने की इच्छा भी जताई थी.

5- अंकिती बोस ने जिलिंगो को कहा अलविदा

जिलिंगो की को-फाउंडर और सीईओ अंकिती बोस ने इसी साल मई के महीने में कंपनी को अलविदा कह दिया. कुछ वित्तीय अनियमितताओं की वजह से अंकिती बोस को कंपनी छोड़नी पड़ी. अंकिती बोस और ध्रुव कपूर ने मिलकर 2015 में इस फैशन फर्म की शुरुआत की थी. यह रिटेलर्स को टेक्नोलॉजी ऑफर करती है और क्लोदिंग के लिए मैन्युफैक्चरिंग की सुविधा देती है. अंकिती बोस बिजनेस ऑपरेशन, सेल्स, मार्केटिंग और एडमिनिस्ट्रेशन देखती थीं, जबकि ध्रुव कपूर टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट हैंडल करते थे. को-फाउंडर में कंपनी के विजन को लेकर विवाद होने लगे, जिसके बाद तमाम दिक्कतें सामने आने लगीं.