IPO की लिस्टिंग वाले दिन ही Zomato ने 18 लोगों को बना दिया था करोड़पति, अब निवेशकों को हुआ 96 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान

By Anuj Maurya
July 25, 2022, Updated on : Tue Jul 26 2022 05:03:12 GMT+0000
IPO की लिस्टिंग वाले दिन ही Zomato ने 18 लोगों को बना दिया था करोड़पति, अब निवेशकों को हुआ 96 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान
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जोमैटो (Zomato) का आईपीओ (IPO) तो आपको याद ही होगा. ये वही आईपीओ है जिसने लिस्टिंग के दिन ही 18 लोगों को करोड़पति बना दिया था. ये खबर उस वक्त मीडिया में आग की तरह फैली थी. देखते ही देखते जोमैटो हर अखबार और टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियों में छा गया. 76 रुपये के इश्यू प्राइस वाला ये शेयर 115 रुपये पर लिस्ट हुआ था और देखते ही देखते आने वाले दिनों में 169.10 रुपये के उच्चतम स्तर तक चला गया.


यहां तक तो कंपनी के निवेशक बहुत खुश थे, लेकिन फिर शुरू हुआ गिरावट का दौर, जो लगातार जारी रहा. इस हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन सोमवार को जोमैटो का शेयर करीब 14 फीसदी गिरकर 46 रुपये के अपने ऑल टाइम लो के लेवल तक पहुंच गया है.

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

जोमैटो के शेयर में सोमवार को आई इस बड़ी गिरावट की वजह है इसके शेयरों का लॉक-इन पीरियड खत्म होना. दरअसल, आईपीओ लाने से पहले जोमैटो के कर्मचारियों और कुछ अन्य शेयर होल्डर्स को भी इसके शेयर बेचे गए थे. उन्हें यह शेयर बहुत ही तगड़े डिस्काउंट के साथ मिले थे. ऐसे में उनके शेयरों का करीब 1 साल का लॉक-इन पीरियड था, जो 23 जुलाई 2022 को खत्म हो गया है. इसके खत्म होते ही निवेशकों में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि अगर ये शेयर बेचे गए तो जोमैटो के शेयरों की कीमत और गिर जाएगी, जिससे काफी नुकसान हो सकता है. हालांकि, प्री-आईपीओ जोमैटो में पैसा लगाने वालों के लिए जोमैटो के शेयर का इश्यू प्राइस 20 रुपये से भी कम था, यानी वह अभी भी दोगुने से अधिक के फायदे में हैं.

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1.33 लाख करोड़ रुपये से 36,500 करोड़ का दर्द भरा सफर

जोमैटो का आईपीओ आने के बाद लोगों ने इस स्टार्टअप में दिल खोलकर भरोसा जताया और एक के बाद एक लोग इसके शेयरों को खरीदते चले गए. मांग इतनी बढ़ी कि शेयरों का भाव 169 रुपये को भी पार कर गया. इस तरह जोमैटो एक वक्त में 1.33 लाख करोड़ रुपये की कंपनी बन गई थी. हालांकि, आज की तारीख में इस कंपनी की मार्केट कैप सिर्फ 36,500 करोड़ रुपये बची है. यानी निवेशकों को करीब 96,600 करोड़ रुपये का तगड़ा नुकसान हुआ है. इस शेयर की कीमत अपने ऑल टाइम हाई से करीब 72 फीसदी गिर चुकी है. वहीं इश्यू प्राइस (76 रुपये) की बात करें तो यह शेयर अब तक 38 फीसदी गिर चुका है.

लिस्टिंग के दिन ही 18 निवेशकों को बनाया करोड़पति

जोमैटो का आईपीओ एक-दो या तीन नहीं बल्कि 40 गुना से भी अधिक सब्सक्राइब हुआ था. इसका मतलब है कि हर एक शेयर के लिए 40 से भी ज्यादा दावेदार. पिछले साल 14 जुलाई को यह आईपीओ खुला था और 27 जुलाई को लिस्ट हुआ था. लिस्टिंग के दिन ही शेयर में निवेश करने वाले 18 लोग करोड़पति बन गए थे. शेयर का इश्यू प्राइस 76 रुपये था, लेकिन शेयर करीब 115 रुपये पर लिस्ट हुआ. अब यह शेयर इश्यू प्राइस से भी नीचे गिर चुका है. 25 जुलाई का बंद भाव 47.60 रुपये रहा.

शेयर बाजार के कौन से शेयर गिरे, किसमें आई तेजी?

पिछले 6 सत्रों से तेजी दिखा रहे शेयर बाजार में इस हफ्ते के पहले ही दिन गिरावट देखने को मिली. 195 अंकों की गिरावट के साथ खुला सेंसेक्स शाम को 306 अंकों की गिरावट के साथ 55,766 अंकों के स्तर पर बंद हुआ. वहीं दूसरी ओर 57 अंकों गिरावट के साथ खुला निफ्टी 88.45 अंक गिरकर 16,631 अंकों के स्तर पर बंद हुआ.


महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 3.8 फीसदी गिरा, जबकि मारुति के शेयर 2.4 फीसदी टूटे. कोटक महिंद्रा बैंक ने शनिवार के नतीजे जारी किए थे, जिसके बाद सोमवार को उसमें 1.74 फीसदी की गिरावट देखी गई. इनके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, नेस्ले और बजाज फिनसर्व जैसे शेयर करीब 1 फीसदी गिरे हैं.


वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील 2.6 फीसदी उछला है. साथ ही इंडइंड बैंक, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, विप्रो, एल एंड टी और एनटीपीसी जैसे शेयरों में भी तेजी देखने को मिली.