नतीजों से पहले ही गिरे जोमैटो के शेयर, नुकसान के अनुमान ने निवेशकों को डराया

By Anuj Maurya
August 01, 2022, Updated on : Mon Aug 01 2022 12:15:22 GMT+0000
नतीजों से पहले ही गिरे जोमैटो के शेयर, नुकसान के अनुमान ने निवेशकों को डराया
पहले से ही लाल निशान में कारोबार कर रहे जोमैटो का शेयर अब और गिर गया है. कंपनी के तिमाही नतीजों ने इस पर दबाव बढ़ा दिया है.
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शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से Zomato का शेयर एक हॉट टॉपिक बना हुआ है. ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि हाल-फिलहाल में इससे जुड़ी कई खबरें आई हैं. कभी भारतपे के को-फाउंडर अश्नीर ग्रोवर ने इस पर टिप्पणी की तो कभी जीरोधा के फाउंडर नितिन कामत ने डराने वाला ट्रेंड उजागर किया. 23 जुलाई को ही कंपनी के प्री-आईपीओ वाले शेयरों का लॉक-इन पीरियड भी खत्म हुआ है. पिछले दिनों में जोमैटो का शेयर तेजी से गिरा है. हालांकि, कंपनी की तरफ से कर्मचारियों को 1-1 रुपये में करीब 4.66 करोड़ शेयर दिए जाने की खबर से शेयर थोड़ा संभला, लेकिन फिर से इसमें गिरावट दिखने लगी है. दरअसल, आज यानी 1 अगस्त को जोमैटो के तिमाही नतीजों के चलते इसका शेयर दबाव में आ गया.

नतीजों से पहले ही गिरा जोमैटो का शेयर

जोमैटो के शेयरों में नतीजे आने से पहले ही गिरावट देखी जाने लगी. यूं लगा मानो लोगों को पहले से ही पता हो कि कंपनी को इस बार भी नुकसान ही होगा. यही वजह रही कि जोमैटो का शेयर सेंसेक्स पर सुबह खुला तो सपाट, लेकिन फिर उसमें गिरावट आनी शुरू हो गई. बाजार बंद होने तक जोमैटो का शेयर करीब 1.07 फीसदी गिरकर 46.30 रुपये के स्तर पर बंद हुआ. दरअसल, पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि नुकसान घटेगा तो लेकिन कंपनी को मुनाफा नहीं होगा.

आईपीओ ने लिस्टिंग के दिन बना दिए थे 18 करोड़पति

जोमैटो का आईपीओ एक-दो या तीन नहीं बल्कि 40 गुना से भी अधिक सब्सक्राइब हुआ था. इसका मतलब है कि हर एक शेयर के लिए 40 से भी ज्यादा दावेदार. पिछले साल 14 जुलाई को यह आईपीओ खुला था और 27 जुलाई को लिस्ट हुआ था. लिस्टिंग के दिन ही शेयर में निवेश करने वाले 18 लोग करोड़पति बन गए थे. शेयर का इश्यू प्राइस 76 रुपये था, लेकिन शेयर करीब 115 रुपये पर लिस्ट हुआ. अब यह शेयर इश्यू प्राइस से भी नीचे गिर चुका है. 26 जुलाई का बंद भाव 41.65 रुपये रहा.

लोगों को पसंद नहीं आई जोमैटो की ग्रोफर्स से डील

Zomato ने इसी साल ग्रोफर्स को खरीदने की योजना का खुलासा किया था. जून के महीने में यह डील 4447 करोड़ रुपये में फाइनल भी हो गई. डील के बाद ग्रोफर्स का नाम भी बदलकर ब्लिंकइट कर दिया गया. नाम के साथ-साथ कंपनी में कई बदलाव भी हुए. भले ही जोमैटो ने इस डील को बहुत ही शानदार समझा था, लेकिन लोगों को शायद यह डील पसंद नहीं आई. तभी तो, इस डील के बाद से कंपनी के शेयरों में गिरावट और अधिक बढ़ गई.

जोमैटो का अजीब ट्रेंड, शेयर गिरता है तो लोग जमकर करते हैं खरीदारी

हाल ही में जोमैटो के शेयरों का एक चार्ट जीरोधा के फाउंडर नितिन कामत ने शेयर किया था. इस चार्ट में दिखाया गया था कि जब-जब जोमैटो के शेयर में गिरावट आती है, तो इसके शेयरों में पैसा लगाने वाले या यूं कहें कि इसके निवेशकों की संख्या उम्मीद से भी ज्यादा तेजी से बढ़ने लगती है. नितिन कामत के अनुसार ऐसा ही ट्रेंड यस बैंक और रिलायंस अनिल धीरूबाई अंबानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों के साथ भी देखने को मिला था. अब सवाल ये उठता है कि क्या जोमैटो का हाल भी यस बैंक जैसा हो जाएगा?