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अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस: मिलिए उन बेटियों से जिन्होंने छोटी उम्र में शुरु किया स्टार्टअप

अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर हम आपको उन बालिकाओं से मिलवाने जा रहे हैं जिन्होंने छोटी उम्र में स्टार्टअप शुरू किए और दूसरों के लिये प्रेरणा बनीं.

अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस: मिलिए उन बेटियों से जिन्होंने छोटी उम्र में शुरु किया स्टार्टअप

Wednesday October 11, 2023 , 6 min Read

आज, 11 अक्टूबर, को अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस (International Girl Child Day) मनाया जा रहा है. इस दिन को मनाने का खास उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला सशक्तीकरण के बारे में बताना है. जिससे वो अपने सामने आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना कर सकें और अपनी जरूरतों के साथ ही अपने सपनों को भी पूरे कर सकें.

तो चलिए अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर हम आपको उन बालिकाओं से रूबरू करवाते हैं जिन्होंने छोटी उम्र में स्टार्टअप शुरू किए और ख्याती पाई.

विनुशा एमके - Four Seasons Pastry

चेन्नई की कक्षा 5 की छात्रा विनुशा एमके, फोर सीजन्स पेस्ट्री (Four Seasons Pastry) की मालकिन है, जो चार मौसमों से प्रेरित कपकेक पेश करती है.

विनुशा एमके

विनुशा एमके

विनुशा एमके की लिंक्डइन प्रोफाइल देखने पर जो खास बात नज़र बताती है वह है कि उम्र महत्वाकांक्षा के लिए कोई रोक नहीं है. उनके पास खुद का रजिस्टर्ड ब्रांड, फोर सीजन्स पेस्ट्री और अपने क्रेडिट के लिए पोर्टेबल बेकिंग किट का आइडिया है.

उनके फेसबुक पेज पर हाल ही में किए गए कई एफबी लाइव्स का पता चलता है, जिसमें अमूल इंडिया के साथ किये गए एक लाइव वीडियो को चार लाख से अधिक बार देखा गया है. उन्हें अभिनेता कमल हासन के एफबी पेज, मियाम पर एक एफबी लाइव में फीचर किया गया है.

विनुशा बताती है, जब वह नौ साल की थी तब चेन्नई के अमृता विद्यालय की छात्रा अपने जन्मदिन पर अपनी माँ के लिए केक बनाना चाहती थी. YouTube वीडियो, और एक दोस्त की मदद से, वह अपनी माँ को आश्चर्यचकित करने में सफल रही. जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके पास टैलेंट है और इसे और आगे ले जाना चाहती है.

“वे मुझे कई आंत्रप्रेन्योर्स के सेशंस में ले गए और मुझे उनकी कहानियां सुनाईं. अपना खुद का ब्रांड बनाने के बारे में सोचा - अपने माता-पिता की मदद से - मेरे दिमाग इसको लेकर घर बन गया और इस तरह से फोर सीजन्स पेस्ट्री का जन्म हुआ,” वह कहती हैं.

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मैत्री आनंद - Bag Buddy

मैत्री आनंद, जो अब 12 साल की है, ने उद्यमशीलता (आंत्रप्रेन्योरशिप) की राह पर चलना शुरू किया, जब वह सिर्फ छह साल की थी.

चेन्नई के नवदिशा मॉन्टेसरी स्कूल की 12 वर्षीय छात्रा मैत्री आनंद द्वारा स्थापित, Bag Buddy फंक्शनल स्विमिंग बैग प्रदान करता है जो तैराकी के प्रति उत्साही लोगों को संगठित रहने में मदद करता है.

मैत्री आनंद

मैत्री आनंद

"मैं हमेशा देर से चल रही थी और यह ज्यादातर मेरे स्विमिंग गियर की वजह से होता था. मेरे पास एक बैग नहीं था जो मुझे सब कुछ व्यवस्थित रखने में मदद करे. लेकिन मुझे बाजार में ऐसा कुछ भी नहीं मिला जो कार्यात्मक और आसान हो, ” वह बैग बडी को डिजाइन करने और विकसित करने के पीछे की कहानी के बारे में कहती है, एक स्विमिंग बैग जो तैराकों के लिए एक वरदान है.

मैत्री ने मदद और प्रेरणा के लिए Young Entrepreneurs Academy (YEA!) कक्षा का रुख किया. और, बैग बडी के विचार को क्रिस्टलीकृत किया गया.

उनके बैग में एक अनूठी डिजाइन है, जो यूएसपी है और इसे दूसरों से अलग बनाती है. इसमें सामान रखने के लिए छह छोटे कम्पार्टमेंट्स हैं और एक बड़ा है जिसमें कपड़े में रखे जाते हैं. बैग में फ्री में एक वाटरप्रूफ बैग शामिल है; इसका उपयोग गीले तैराकी परिधानों को रखने के लिए किया जा सकता है. यह 100 प्रतिशत वाटरप्रूफ बनाने के लिए एक आंतरिक टेप के साथ आता है और 700 रुपये में बेचा जाता है.

मैत्री अपनी वेबसाइट और इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से बैग की मार्केटिंग करती है.

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मानवी श्रॉफ - The Charis Club

मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल की छात्रा मानवी श्रॉफ द्वारा शुरू किए गए द चैरिस क्लब (The Charis Club) का उद्देश्य मौज-मस्ती, संवादात्मक तरीकों से युवा लोगों के बीच सामाजिक कार्यों में भाग लेने की कला को विकसित करना है.

मानवी श्रॉफ

मानवी श्रॉफ

द चैरीस क्लब की कहानी तब शुरू हुई जब मानवी सुधा मूर्ति की किताब, A Lesson in Life from a Beggar पढ़ रही थी. वह कहती है, उस दिन से, उसे यकीन था कि वह दुनिया में बदलाव लाना चाहती हैं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है. अगले दिन वह अपने YEA क्लास में गई और अपने टीचर्स की मदद से अपने विचार को वास्तविकता में ढालना शुरू कर दिया.

इस कॉनसेप्ट के बारे में बताते हुए, मानवी कहती हैं, “द चैरीस क्लब का उद्देश्य युवाओं को मस्ती से भरे, जनरल जेड तरीके से समाज को बेहतर बनाने की कला को विकसित करना है. हम मेंबर्स द्वारा किए गए एनुअल और इवेंट-स्पेसीफिक कंट्रीब्यूशंस का उपयोग करते हुए, पर्यावरण और सामाजिक कारणों को टारगेट करने वाली मंथली इवेंट्स का आयोजन करते हैं.”

"चैरिस क्लब ने बच्चों को उनके सामाजिक जीवन से दूर होने के बिना इन गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति देकर दोनों समूहों की समस्याओं को हल किया. दूसरी ओर, एनजीओ, चैरिस क्लब के साथ भागीदारी करके, उत्साही और प्रतिबद्ध स्वयंसेवकों तक पहुँच प्राप्त करते हैं जो उनके काम में मदद करता है."

बदले में, प्रतिभागियों को पुरस्कार और मान्यताएं मिलती हैं.

वह कहती हैं, "हम ओपन सॉर्स फिलोसॉफी में विश्वास करते हैं, दूसरों को अपने स्वयं के छोटे सोशल वेंचर शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जिससे एक गुणक प्रभाव पैदा होता है."

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अनाया त्रिवेदी, अविका जैन, और क्यारा पलोड़ - Hampology

तीन टीनएजर्स - अनाया त्रिवेदी और अविका जैन (15 साल) और क्यारा पलोड़ (14 साल), में एक बात समान है - क्रिएटिविटी, गिफ्टिंग और डेकोरेशन के लिए जुनून.

Hampology की को-पाउंडर्स अनाया त्रिवेदी, अविका जैन और क्यारा पलोड़

यह तिकड़ी मुंबई में उनकी Young Entrepreneurs Academy (YEA!) क्लास में मिली, और एक विचार आया जिस पर तुरंत विचार किया गया. अनाया और अविका, ओबेरॉय इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा 10 की छात्राएं, और जमनाबाई नरसी स्कूल की कक्षा 9 की छात्रा क्यारा ने हैम्पोलॉजी (Hampology) की शुरुआत की, जो एक स्टार्टअप है जो हर अवसर के लिए कई तरह के हैम्पर्स प्रदान करता है.

अविका कहती हैं, “जब भी हमने पहले कभी ऑनलाइन गिफ्ट देने वाली वेबसाइट का उपयोग करने की कोशिश की, तो हमने महसूस किया कि गिफ्ट्स को पर्सनलाइज करने का कोई ऑप्शन नहीं था. हमें निश्चित संख्या में ऑप्शंस में से चयन करना था. हैम्पोलॉजी शुरू करने के लिए यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरणा थी.”

फ्लैक्सीबल कस्टमाइजेशन और दो-दिन में डिलीवरी के साथ तीनों टीनएजर्स ने इसे सरल बनाने का लक्ष्य रखा हैं.

अनाया कहती हैं, “बर्थडे हैम्पर्स से लेकर स्किनकेयर तक, ब्यूटी से लेकर फूड तक, हम अपने ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से पर्सनलाइजेशन कर सकते हैं.”

क्यारा कहती है, “शुरुआती दिनों के दौरान, हमने मार्केट रिसर्च, प्राइमरी इंटरव्यूज का आयोजन किया, और लगभग 100 उत्तरदाताओं से प्रतिक्रिया प्राप्त की जिसने हमें मूल्य निर्धारण रणनीति के साथ मदद की. हमने प्रतियोगियों के मूल्य निर्धारण का भी मूल्यांकन किया और अनुमान लगाया कि हम एक समान मूल्य सीमा को बनाए रख सकते हैं, लेकिन एक बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं. हमारे ऑर्डर्स में से नब्बे प्रतिशत प्रीपेड हैं; अन्य लोगों ने डिलीवरी लेते समय पेमेंट किया है."

पहले तीन महीनों में, हैम्पोलॉजी ने ग्राहकों की रुचि देखी और कुल 60 ऑर्डर प्राप्त किए. पिछले 12 महीनों में, उन्होंने विभिन्न अवसरों के लिए लगभग 300 हैम्पर्स बेचे हैं और 4.5 लाख रुपये से अधिक का रेवेन्यू कमाया है.

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