FY23 की पहली छमाही में IPO से आई 32% कम राशि, क्या घट गया क्रेज?

By yourstory हिन्दी
September 29, 2022, Updated on : Thu Sep 29 2022 12:33:10 GMT+0000
FY23 की पहली छमाही में IPO से आई 32% कम राशि, क्या घट गया क्रेज?
देश में अब तक के सबसे बड़े IPO LIC की अप्रैल-सितंबर 2022 की छमाही में IPO से जुटाई गई कुल राशि में हिस्सेदारी 58 प्रतिशत रही.
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चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली छमाही में 14 कंपनियों की तरफ से लाए गए आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (IPO) से 35,456 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं. यह आंकड़ा एक साल पहले की समान अवधि में आईपीओ से जुटाई गई राशि की तुलना में 32 प्रतिशत कम है. प्राइम डेटाबेस की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 की पहली छमाही आईपीओ के लिहाज से ज्यादा अच्छी नहीं रही है. इस दौरान कुल 14 कंपनियां अपना आईपीओ लेकर आईं, जिनके जरिये 35,456 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई.


एक साल पहले की समान अवधि में कुल 25 आईपीओ के माध्यम से 51,979 करोड़ रुपये जुटाए गए थे. इस सुस्ती के बावजूद चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में आईपीओ गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है. रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार नियामक सेबी की तरफ से 71 आईपीओ प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है, जिनके जरिये 1,05,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है.

43 IPO प्रस्ताव SEBI के पास विचाराधीन

इनके अलावा 70,000 करोड़ रुपये मूल्य के 43 अन्य प्रस्ताव अभी SEBI के पास विचाराधीन हैं. इस तरह कुल 114 आईपीओ लाने की तैयारियां चल रही हैं, जिनमें से 10 निर्गम नए दौर की प्रौद्योगिकी कंपनियों के हैं. इन प्रौद्योगिकी कंपनियों ने करीब 35,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा हुआ है.

LIC ने संभाल लिया

हालांकि, प्राइम डेटाबेस की रिपोर्ट कहती है कि पहली छमाही में आईपीओ परिदृश्य और भी सुस्त नजर आ सकता था. इसे भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के आईपीओ ने संभाल लिया जिसमें अकेले ही 20,557 करोड़ रुपये जुटाए गए थे. देश में अब तक के सबसे बड़े आईपीओ LIC की अप्रैल-सितंबर 2022 की छमाही में आईपीओ से जुटाई गई कुल राशि में हिस्सेदारी 58 प्रतिशत रही.


प्राइम डेटाबेस समूह के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने एक नोट में कहा कि पहली छमाही में सार्वजनिक इक्विटी से जुटाई गई कुल राशि सिर्फ 41,919 करोड़ रुपये रही है, जो एक साल पहले की समान अवधि के 92,191 करोड़ रुपये की तुलना में 55 प्रतिशत कम है. अप्रैल-सितंबर 2022 के दौरान एलआईसी के अलावा डेल्हीवरी और रेनबो चिल्ड्रंस के आईपीओ को भी निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली. डेल्हीवरी के निर्गम से 5,235 करोड़ रुपये और रेनबो चिल्ड्रंस के निर्गम से 1,581 करोड़ रुपये जुटाए गए थे.


Edited by Ritika Singh