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मनपसंद केक नहीं मिला तो पति-पत्नी ने शुरू कर दिया स्टार्टअप, अब मनचाहा बेकरी प्रोडक्ट एक क्लिक दूर

s ibrahim
30th Apr 2016
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जो खाने के शौकीन होते हैं वह अपने मन पसंद खाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. कहते हैं कि स्वाद का जुनून कुछ भी करवाता है. मीलों सफर करवाता है, नए दोस्त बनवाता है और नए विचार भी पैदा करवाता है. खाने का शौक इसी तरह से तन्मय शंकर और ज्योति शंकर के लिए स्टार्ट अप का विचार लेकर आया. Thebakerymart.com की कहानी बड़ी रोचक है. एक दिन ज्योति और उनके पति तन्मय पास के ही स्टोर से केक ऑन लाइन ऑर्डर कर रहे थे लेकिन उन्हें मन पसंद केक नहीं मिला. अपने मन का केक नहीं मिलने पर ज्योति और उनके पति को निराशा हाथ लगी. लेकिन उन्हें इसी बहाने एक स्टार्ट अप का आइडिया दिमाग में आया और उन्होंने ने Thebakerymart.com की नींव रख डाली. को-फाउंडर ज्योति शंकर ने योर स्टोरी को बताया, 

"हर वो बेकर जो बेहतर और टेस्टी केक बनाता है और लोग उनके टेस्ट के बारे में नहीं जानते हैं उनके लिए मैं एक मार्केट प्लेस बनाना चाहती हूं। किसी मार्केट में अगर कोई बेकर काफी फेमस है तो हम उसे अपने प्लेटफॉर्म http://www.thebakerymart.com के साथ लाकर उनके प्रोडक्ट्स को हजारों क्लाइंट्स तक पहुंचने का मौका मुहैया कराना चाहते हैं।"
<h3>आईफोन के आकार का केक </h3>

आईफोन के आकार का केक 



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ज्योति बताती हैं, 

“उस वक्त हमें एहसास हुआ कि क्यों न हम ऑनलाइन मार्केट तैयार करे ऐसे यूजर्स के लिए जो अपने निकटतम बेकरी स्टोर से बेकरी उत्पाद खरीद सके. हम ग्राहक और ऐसे बेकरी वालों के बीच का अंतर कम करना चाहते थे जो ऑनलाइन व्यापार के बारे में थोड़ी भी जानकारी नहीं रखते थे.“


<h3> तन्मय और ज्योति</h3>

 तन्मय और ज्योति



ज्योति बताती हैं, 

"thebakerymart.com में कस्टमर के लिए एक रेटिंग सेक्शन होगा जिसमें कस्टमर के द्वारा मिली रेटिंग ये तय करेगा कि किसी बेकर को मार्केट प्लेस वाले सेक्शन में क्या स्थान मिले। मतलब साफ है कि उस बेकर को ज्यादा रेटिंग मिलेंगी जिसका केक कस्टमर को सबसे ज्यादा पसंद आएगा।"

लोगों के बीच http://www.thebakerymart.com के डिजाइनर केक के क्रेज पर ज्योति बताती हैं कि अगर हमें 100 केक का ऑर्डर मिलता है तो इसमें से महज 10 फसदी रेग्युलर केक होते हैं बाकि 90 फीसदी डिजाइनर केक का ऑर्डर होता है।


ज्योति शंकर

ज्योति शंकर


अपने स्टार्ट अप की शुरुआत के पहले दोनों ने मार्केट सर्वे किया और कई वेंडरों से बातचीत की और उनकी समस्या समझने की कोशिश की. दोनों को मार्केट सर्वे करने से यह पता चला कि वेंडर ऑनलाइन दुनिया के बारे में जानते तो हैं लेकिन वे तकनीक सैवी या फिर इंटरनेट स्मार्ट नहीं हैं जिससे उनका केक ऑनलाइन बिक सके और वे अपना बाजार ऑनलाइन तैयार कर सकें. ज्योति और तन्मय ने अपने विचार को बिजनेस में तब्दील करन का काम शुरू किया. सह संस्थापक ज्योति और तन्मय कहते हैं, 

“हमारी वेबसाइट का लक्ष्य सभी केक वेंडरों के लिए जहां वे अपने केक ऑनलाइन बेच सके और अपने स्टोर की ब्रांडिंग कर सकें. इसके अलावा हम बेकरी वेंडर और यूजर्स के बीच के अंतर को कम करना चाहते हैं."


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केक की कीमतें उसमें इस्तेमाल सामग्री के आधार पर तय होती है, एक बार अगर आपने केक का ऑर्डर बुक कर दिया तो आप अपने मन माफिक डिजाईन में इसे बनाने का ऑर्डर दे सकते हैं। को-फाउंडर ज्योति इस डिजाईन को हर कीमत पर संभव करने की कोशिश करती हैं ताकि आपकी और आपके बच्चों की केट पार्टी मजेदार बन सके।


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thebakerymart.com फिलहाल बीटा मॉडल चला रही है और दिल्ली एनसीआर में केक की ऑनलाइन डिलिवरी कर रही है. फिलहाल पूरे कारोबार पर ज्योति नजर रख रही हैं और साइट मैनेजमेंट से लेकर वेंडर मैनेजमेंट और ऑपरेशंस तक का काम भी संभाल रही हैं. तन्मय ज्योति की मदद साइट स्ट्रक्चर और तकनीक संबंधों में मदद करते हैं. फिलहाल कंपनी हर महीना औसतन 300 किलोग्राम का ऑर्डर पूरा कर रही है. कंपनी को ज्यादातर ऑर्डर क्रिएटिव डिजाइन और अनोखे केक वाले आइडिया के लिए मिलता है. अपने मिशन को लेकर आगे बढ़ रही ज्योति वर्क-लाइफ बैलेंस पर बात करते हुए कहती है कि काम तो जरुरी है लेकिन घरेलू जिम्मेदारियों और अपनी चार साल की बच्ची को काफी वक्त देना पड़ता है। हालांकि इस सबके बीच ताल-मेल बिठाते हुए ज्योति thebakerymart.com को एक वर्ल्ड क्लास प्लेटफॉर्म बनाना चाहती हैं और उनके इस मिशन में उनके पति और thebakerymart.com के को-फाउंडर तन्मय शंकर हर कदम उनके साथ हैं।

 

वेबसाइट- thebakerymart.com


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