2030 तक भारत की GDP में 2% तक हो सकती है 5G की हिस्सेदारी: रिपोर्ट

By रविकांत पारीक
November 16, 2022, Updated on : Wed Nov 16 2022 08:15:21 GMT+0000
2030 तक भारत की GDP में 2% तक हो सकती है 5G की हिस्सेदारी: रिपोर्ट
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Nasscom और Arthur D Little की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक भारत की जीडीपी में 5G नेटवर्क तकनीक का योगदान लगभग 2% बढ़कर 180 अरब डॉलर होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार में बढ़ती पैठ, क्षेत्रीय सुधार, उपयोगकर्ता अनुभव में सुधार, सेवाओं का तेजी से रोलआउट जैसी बातें विकास में योगदान देंगी.


प्रमुख क्षेत्रों में, ऊर्जा और उपयोगिताएँ 5G के प्रमुख चालक होंगे, जो अनुमानित 180 बिलियन डॉलर क्षमता का लगभग 30% योगदान देंगे, इसके बाद 20% पर खुदरा, 15% पर स्वास्थ्य सेवा और 10% पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर होगा. ऊर्जा क्षेत्र के लिए, 5G स्मार्ट मीटरिंग, स्मार्ट ग्रिड अवसर से वृद्धि देखी जा रही है. स्वास्थ्य सेवा में, ऑनलाइन परामर्श, रोबोटिक सर्जरी, क्लाउड-बेस्ड पेशेंट (मरीज) प्रोफाइलिंग और वियरेबल्स से पैठ आने की उम्मीद है. दूसरी ओर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और स्मार्ट फैक्ट्रियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 5G की पैठ बढ़ने की उम्मीद है.


रिपोर्ट में यह भी उम्मीद है कि 5G 2030 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर रेवेन्यू क्षमता को सक्षम करेगा.


रिपोर्ट में कहा गया है, "नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (National Optical Fibre Network - NOFN) जैसी नीतियां, जो देश में सभी 2.5 लाख (250,000) ग्राम पंचायतों को जोड़ने की योजना बना रही हैं, पहुंच और सामर्थ्य बढ़ाकर भारत की 5G अपनाने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करेंगी." इसमें आगे कहा गया है, "ग्राहक क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों में तेजी से 5G अपनाने के साथ-साथ काफी आक्रामक रोलआउट योजना भी आक्रामक विकास को सक्षम करेगी."


वर्तमान में, भारत में 1.1 बिलियन टेलीकॉम यूजर्स हैं, जो दुनिया में दूसरे स्थान पर है. इसमें से 74 करोड़ 4G यूजर्स हैं. यूजर्स को 4G से 5G में शिफ्ट करने के लिए, टेलीकॉम ऑपरेटर्स को सेवाओं की कीमत किफायती रखनी होगी. रिपोर्ट में कहा गया है, "यह (किफायती 5G मूल्य निर्धारण) स्पेक्ट्रम निवेश की वसूली और ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) से संबंधित मुनाफे को चलाने वाले ऑपरेटरों के लिए एक चुनौती हो सकती है."


2025 तक, टेलीकॉम ऑपरेटरों का ARPU मौजूदा 162 रुपये से बढ़कर 335 रुपये होने की उम्मीद है. पिछले चार वर्षों में, ARPU 13% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है.


रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन की बढ़ती पैठ, ओटीटी खपत में उल्लेखनीय वृद्धि, डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स डिजिटाइजेशन को चलाने वाले कुछ प्रमुख कारक हैं, जो इंडस्ट्री के ARPU को बढ़ा रहे हैं.