भारतीय मूल के डॉक्टर की मदद से इंटरनेशनल फ्लाइट में हुई बेबी की डिलिवरी

By yourstory हिन्दी
February 07, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:18 GMT+0000
भारतीय मूल के डॉक्टर की मदद से इंटरनेशनल फ्लाइट में हुई बेबी की डिलिवरी
धरती की सतह से 35,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही फ्लाइट में भारतीय मूल डॉक्टर ने करवाई डिलिवरी...
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आपने चलती ट्रेन, बस या गाड़ी में बच्चे की डिलिवरी के बारे में सुना होगा, लेकिन हाल ही में फ्लाइट में बेबी की डिलिवरी का मामला सामने आया है। मामला बीते साल 17 दिसंबर का है जब भारतीय मूल के एक डॉक्टर सिज हेमल ने पेरिस से न्यूयॉर्क जा रही एक फ्लाइट में महिला की सुरक्षित डिलिवरी करवाई।

जॉ, सिज और नवजात को जन्म देने वाली महिला

जॉ, सिज और नवजात को जन्म देने वाली महिला


27 वर्षीय सिज क्लीवलैंड क्लीनिक के यूरॉलजी और किडनी इंस्टीट्यूट में यूरॉलजी रेजिडेंट हैं। वे नई दिल्ली अपने एक दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए आए थे। इसके बाद अमेरिका वापस जाते वक्त उनकी फ्लाइट पेरिस से होकर जाने वाली थी।

आपने चलती ट्रेन, बस या गाड़ी में बच्चे की डिलिवरी के बारे में सुना होगा, लेकिन हाल ही में फ्लाइट में बेबी की डिलिवरी का मामला सामने आया है। मामला बीते साल 17 दिसंबर का है जब भारतीय मूल के एक डॉक्टर सिज हेमल ने पेरिस से न्यूयॉर्क जा रही एक फ्लाइट में महिला की सुरक्षित डिलिवरी करवाई। 41 साल की बैंकर टोइन ऑगुडिपे फ्लाइट से पेरिस से न्यूयॉर्क जा रही थीं। उन्हें फ्लाइट में ही दर्द हुआ। एयरहोस्टेस को जब यह बात पता चली तो उन्होंने बाकी यात्रियों से मदद मांगी। फ्लाइट में ही डॉक्टर सिज बैठे थे। वे मदद के लिए आगे आए और बेबी की डिलिवरी में मदद की।

27 वर्षीय सिज क्लीवलैंड क्लीनिक के यूरॉलजी और किडनी इंस्टीट्यूट में यूरॉलजी रेजिडेंट हैं। वे नई दिल्ली अपने एक दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए आए थे। इसके बाद अमेरिका वापस जाते वक्त उनकी फ्लाइट पेरिस से होकर जाने वाली थी। लंबा सफर होने की वजह से वे फ्लाइट में ही सोने की कोशिश कर रहे थे कि अचानक मेडिकल इमर्जेंसी की सूचना मिली। फ्लाइट में ही फ्रांस की एक शिशु रोग विशेषज्ञ सुजैन भी सफर कर रही थीं।

द इंडिपेंडेंट के मुताबिक फ्लाइट ग्रीनलैंड के दक्षिणी तट से गुजर रहा था इसलिए इमर्जेंसी लैंडिंग भी नहीं हो सकती थी। ग्रीनलैंड तट को पार करने में लगभग दो घंटे लग जाते इसलिए फ्लाइट में ही डिलिवरी करवाने का इंतजाम किया गया। गर्भवती महिला टोइन को सबसे पहले फर्स्ट क्लास में ले जाया गया। डॉ. सिज हेमल ने बताया कि दस मिनट में ही डिलिवरी होने वाली थी इसलिए उन्होंने सुजैन के साथ मिलकर डिलिवरी करने की योजना बनाई। टोइन को कंबल से ढंक दिया गया। यूरोलॉजी के विशेषज्ञ सिज ने बताया कि उन्हें लगा कि शायद महिला को किडनी की समस्या है, लेकिन बाद में पता चला कि नहीं ऐसा नहीं है।

फ्लाइट उस वक्त धरती की सतह से 35,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी। इतनी ऊंचाई पर दोनों डॉक्टरों ने मिलकर डिलिवरी संपन्न कराई। सिज ने बताया कि लगभग 30 मिनट के बाद एक स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ। टोइन ने बताया कि दोनों डॉक्टरों ने बड़े आराम से डिलिवरी करवाई। उन्हें अहसास भी नहीं हुआ कि वह हॉस्पिटल में नहीं बल्कि फ्लाइट में हैं। न्यूयॉर्क में लैंडिंग के बाद टोइन को सीधे अस्पताल पहुंचाया गया। जहां बाद में उनकी और उनके बेबी की हालत एकदम अच्छी पाई गई। इन दिनों वह न्यूजर्सी में अपने घर पर आराम कर रही हैं। लेकिन डॉक्टर सिज का सफर अभी खत्म नहीं होना था इसलिए उन्होंने क्लीवलैंड की फ्लाइट पकड़ी और अपने गंतव्य स्थान के लिए निकल गए।

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