10 में से 8 UPI ट्रांजेक्शन पर PhonePe और Google Pay का एकछत्र राज, बना संसद का मुद्दा

By रविकांत पारीक
July 14, 2022, Updated on : Thu Jul 14 2022 09:37:21 GMT+0000
10 में से 8 UPI ट्रांजेक्शन पर PhonePe और Google Pay का एकछत्र राज, बना संसद का मुद्दा
PhonePeऔर Google Pay UPI बाजार में सबसे बड़े खिलाड़ियों के रूप में उभरे हैं और देश में हर महीने होने वाले 80% से अधिक ट्रांजेक्शन के लिए जिम्मेदार हैं. लेकिन देश के कुछ सांसद इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है. जानिए क्यों?
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यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface - UPI) भारत सरकार की सबसे सफल पहलों में से एक बन गया है और इसने पैसे भेजना और प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान बना दिया है.


PhonePeऔर Google Pay UPI बाजार में सबसे बड़े खिलाड़ियों के रूप में उभरे हैं और देश में हर महीने होने वाले 80% से अधिक ट्रांजेक्शन के लिए जिम्मेदार हैं. लेकिन देश के कुछ सांसद इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है. जानिए क्यों?

UPI में एकछत्र राज

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित विभिन्न दलों के कई सांसद PhonePe और Google Pay के इस एकछत्र राज को मुद्दा बनाकर संसद में आवाज़ उठाने के लिए कमर कस रहे हैं.


जबकि 50 से अधिक थर्ड-पार्टी UPI ऐप हैं, लेकिन PhonePe और Google Pay दोनों मिलकर 81% से अधिक के लिए जिम्मेदार हैं. और अगर ट्रांजेक्शन वैल्यू की बात करें तो यह 84% है.

विदेशी संस्थाओं का प्रभुत्व

एक और मुद्दा जो संसद के आगामी मानसून सत्र और संबंधित संसदीय पैनल की बैठकों के दौरान सदस्यों द्वारा उठाए जाने की उम्मीद है, वह यह है कि इस बाजार में विदेशी संस्थाओं के बड़े खिलाड़ियों का दबदबा है.


फोनपे Walmart की कंपनी है, और Google Pay इंटरनेट की दिग्ग्ज कंपनी Google की है. दूसरी बड़ी UPI ऐप्स में से एक Amazon Pay है, जो Amazon के पास है.

मार्केट कैप पर NPCI की गाइडलाइंस

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India - NPCI) ने पहले PhonePe, Google Pay, Paytm और इनके जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स के लिए गाइडलाइंस जारी की थी. इसमें कहा गया था कि कोई एक थर्ड-पार्टी ऐप बाजार हिस्सेदारी का 30% से अधिक होल्ड नहीं कर सकती. NPCI - नियामक संस्था है, जो यूपीआई संचालन की देखरेख करती है.


आपको बता दें कि NPCI द्वारा जारी गाइडलाइंस जनवरी 2023 से लागू होने वाली हैं. हालांकि, PhonePe, और Google Pay कथित तौर पर समय सीमा बढ़ाने के लिए पैरवी कर रहे हैं क्योंकि वे बाजार हिस्सेदारी को लेकर इन गाइडलाइंस का पालन करने में सक्षम नहीं होंगे.