गौतम अडानी की तरफ से NDTV खरीदने के मामले में आया नया ट्विस्ट, क्या सेबी का आदेश बिगाड़ देगा प्लानिंग?

एनडीटीवी ने कहा है कि आरआरपीआर लिमिटेड में हिस्सेदारी के लिए सेबी की मंजूरी जरूरी है. अडानी ग्रुप ने इसे खारिज कर दिया है. जानिए क्या है पूरा मामला.

गौतम अडानी की तरफ से NDTV खरीदने के मामले में आया नया ट्विस्ट, क्या सेबी का आदेश बिगाड़ देगा प्लानिंग?

Friday August 26, 2022,

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गौतम अडानी की तरफ से मीडिया कंपनी एनडीटीवी (NDTV) के अधिग्रहण में एक नया ट्विस्ट आ गया है. एनडीटीवी ने कहा था कि वीपीसीएल (VPCL) को एनडीटीवी की होल्डिंग कंपनी आरआरपीआर लिमिटेड (RRPR Holding Private Ltd.) में हिस्सेदारी लेने के लिए सेबी की मंजूरी जरूरी है. अडानी ग्रुप की कंपनी वीपीसीएल ने इस दलील को बेबुनियाद करार दिया है. अडानी समूह ने एनडीटीवी के उस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि आरआरपीआर उस आदेश का हिस्सा नहीं है, जिसमें प्रणव रॉय और राधिका रॉय के प्रतिभूति बाजार में कारोबार पर रोक लगाई गई थी.

क्या कहा है अडानी एंटरप्राइजेज ने?

अडानी इंटरप्राइजेज ने कहा है कि आरआरपीआर सेबी के 27 नवंबर 2020 को जारी किए गए आदेश में पक्षकार नहीं है. ऐसे में यहां जिस पाबंदी का जिक्र एनडीटीवी की तरफ से किया जा रहा है, वह आरआरपीआर पर लागू नहीं होती. आरआरपीआर की तरफ से नोटिस के मुताबिक दायित्वों को पूरा करना सेबी के आदेश का उल्लंघन नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे प्रणव रॉय या राधिका रॉय की प्रतिभूतियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से कुछ लेना-देना नहीं है. यही वजह है कि वीपीसीएल आआरपीआर की इस बात से सहमत नहीं है कि शेयरों के आवंटन के लिए सेबी की मंजूरी चाहिए. बता दें कि सेबी की तरफ से लगाई गई पाबंदी की सीमा 26 नवंबर 2022 को खत्म होगी.

गौतम अडानी ले चुकी है 29 फीसदी हिस्सेदारी

देश के सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी (Gautam Adani) ने मीडिया हाउस एनडीटीवी (NDTV) में करीब 29 फीसदी हिस्सेदारी ले ली है और 26 फीसदी हिस्सेदारी का ओपन ऑफर (Open Offer) जारी कर दिया है. यानी अगर उनके पास ये 26 फीसदी भी आ जाते हैं तो नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (New Delhi Television Ltd.) यानी एनडीटीवी पर गौतम अडानी का मालिकाना हक हो जाएगा.

पहले जानिए क्या है मामला

मंगलवार, 23 अगस्त को विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड यानी वीपीसीएल (VPCL) के पास एनडीटीवी की 29.2 फीसदी हिस्सेदारी चली गई. यह मुमकिन हुआ कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के चलते, जिन्हें लोन के बदले एनडीटीवी की होल्डिंग कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड ने जारी किया था. वीपीसीएल गौतम अडानी की ही कंपनी है, इसलिए अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने एनडीटीवी में 29.2 फीसदी हिस्सेदारी ले ली है. इस पर एनडीटीवी का कहना है कि इस बारे में कंपनी या उसके फाउंडर्स से कोई बात नहीं की गई है. ऐसे में इस अधिग्रहण को होस्टाइल टेकओवर (Hostile Takeover) यानी जबरन किया गया अधिग्रहण माना जा रहा है.

कैसे हुआ ये टेकओवर?

गौतम अडानी की कंपनी है अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) और एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (AMNL) इसी की मीडिया कंपनी है. मंगलवार को अडानी ग्रुप ने घोषणा की कि अडानी एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी कंपनी अडानी मीडिया नेटवर्क्स ने वीपीसीएल का अधिग्रहण कर लिया है. वीपीसीएल का मालिकाना हक इससे पहले एमिनेंट नेटवर्क्स एंड नेक्स्टवेव टेलिवेंचर्स के पास था.


वीपीसीएल के पास एनडीटीवी की होल्डिंग कंपनी आरआरपीआर के कन्वर्टिबल डिबेंचर्स थे, जिसे कंपनी ने लोन के बदले जारी किया था. कन्वर्टिबल डिबेंचर्स ऐसे वॉरंट होते हैं, जिनसे डेट यानी कर्ज को इक्विटी में बदला जा सकता है. ये डिबेंचर्स 2009-10 में 404 करोड़ रुपये के लोन के बदले लिए गए थे. वीपीसीएल ने इन डिबेंचर्स को ही इक्विटी में बदल दिया है. एनडीटीवी ने भी यही कहा है कि वीपीसीएल ने आरआरपीआर में 99.50 फीसदी हिस्सेदारी को कंट्रोल करने के अधिकार का इस्तेमाल किया है. हालांकि, उनका कहना है कि ऐसा करने से पहले प्रमोटर्स को बताया जाना चाहिए था.


भारत के सिक्योरिटीज कानून के अनुसार अगर कोई कंपनी किसी दूसरी लिस्टेड कंपनी में 25 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी लेती है तो उसे 26 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी लेने के लिए ओपन ऑफर लाना होता है. यही वजह है कि वीपीसीएल के जरिए आरआरपीआर में 29.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद एएमएनएल ने अतिरिक्त 26 फीसदी के लिए ओपन ऑफर जारी किया है. यह ऑफर 294 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से जारी किया गया है, जो मंगलवार को एनडीटीवी के बंद भाव 376 रुपये से करीब 28 फीसदी डिस्काउंट का रेट है.

किसकी कितनी हिस्सेदारी?

इस पूरी डील में लोगों के मन में एक बड़ा सवाल ये है कि आखिर किसके पास कितनी हिस्सेदारी है. सबसे पहले बात करते हैं प्रमोटर्स की. आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के पास कंपनी के 29.18 फीसदी शेयर हैं. इसके अलावा 16.32 फीसदी शेयर राधिका रॉय के पास हैं, जबकि 15.94 फीसदी शेयर प्रणय रॉय के पास हैं. इसके अलावा एफआईआई के पास करीब 14.7 फीसदी की हिस्सेदारी है. वहीं लगभग 24 फीसदी शेयर पब्लिक के पास हैं.

एनडीटीवी के शेयरों में लगा अपर सर्किट

एनडीटीवी को गौतम अडानी खरीदने वाले हैं, इस खबर से भले ही कंपनी के प्रमोटर्स चिंता में हैं, लेकिन पब्लिक में खुशी की लहर सी दौड़ गई है. तीन दिन से लगातार कंपनी के शेयरों में अपर सर्किट लग रहा है. बुधवार को शुरू हुआ सिलसिला शुक्रवार तक जारी है और तीनों दिन शेयरों में 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा है. आज कंपनी का शेयर 427.95 रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है.