स्टील कारोबार से बाहर निकलने की तैयारी में अनिल अग्रवाल! Electrosteel के लिए तलाश रहे खरीदार

By yourstory हिन्दी
November 15, 2022, Updated on : Tue Nov 15 2022 05:40:07 GMT+0000
स्टील कारोबार से बाहर निकलने की तैयारी में अनिल अग्रवाल! Electrosteel के लिए तलाश रहे खरीदार
Vedanta ग्रुप अब अपने मुख्य कारोबार खनन व इंडस्ट्रियल बिजनेस पर फोकस करना चाहता है और बैलेंस शीट में उधार कम करना चाहता है.
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अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) की अगुवाई वाले वेदांता ग्रुप Vedanta Group ने स्टील कंपनी Electrosteel Steels Limited को बेचने का फैसला किया है. इस कंपनी को ग्रुप ने 4 साल पहले खरीदा था. इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ग्रुप अब अपने मुख्य कारोबार खनन व इंडस्ट्रियल बिजनेस पर फोकस करना चाहता है और बैलेंस शीट में उधार कम करना चाहता है. मार्च अंत तक वेदांता ग्रुप पर 11.7 अरब डॉलर का कर्ज था.


रिपोर्ट में कहा गया कि वेदांता समूह ने आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील (AMNS), टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड जैसी स्टील कंपनियों और वित्तीय निवेशकों के एक चुनिंदा समूह से संपर्क किया है. हालांकि टाटा स्टील की ओर से इकनॉमिक टाइम्स को बताया गया है कि कंपनी अभी किसी अधिग्रहण पर विचार नहीं कर रही है. मामले की खबर रखने वालों का कहना है कि आर्सेलर मित्तल के सीईओ आदित्य मित्तल जैसे टॉप एग्जी​क्यूटिव्स ने भी हाल के हफ्तों में वेदांता समूह के अधिकारियों के साथ साइट का दौरा किया है.

5,320 करोड़ में खरीदी थी वेदांता ने

साल 2018 में वेदांता ने टाटा स्टील को हराकर इलेक्ट्रोस्टील को खरीदने में बाजी मारी थी. सौदा 5,320 करोड़ रुपये का रहा था. लेनदारों द्वारा बीमार स्टील निर्माता इलेक्ट्रोस्टील को दिवाला प्रक्रिया में ले जाने के बाद इसे बेचा गया था. इलेक्ट्रोस्टील दूसरी स्टील कंपनी थी, जिसके मामले में दिवाला प्रक्रिया पूरी हुई. इससे पहले अप्रैल 2018 में दिवाला प्रक्रिया के तहत टाटा स्टील ने भूषण स्टील को अपने नियंत्रण में लिया था.


इलेक्ट्रोस्टील को खरीदने के बाद वेदांता ने कहा था कि यह अधिग्रहण उसके मौजूदा लौह अयस्क कारोबार का पूरक होगा क्योंकि इस्पात निर्माण क्षमताओं के वर्टिकल इंटीग्रेशन में महत्वपूर्ण इफीशिएंसीज पैदा करने की क्षमता है. इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स, इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स की सहायक कंपनी थी. नियंत्रण पाने के बाद वेदांता ने कंपनी को डीलिस्ट कर दिया.

वेदांता लिमिटेड 95.5% की मालिक

वेदांता लिमिटेड, इलेक्ट्रोस्टील में 95.5% मालिक है. वेदांता लिमिटेड (वीडीएल) तेल व गैस, जस्ता, सीसा, चांदी, एल्यूमीनियम, लौह अयस्क, स्टील और बिजली व्यवसायों में प​रिचालन करती है. लंदन मुख्यालय वाली वेदांता रिसोर्सेज (VRL), वेदांता लिमिटेड की पेरेंट कंपनी है और इसमें 69.7% की मालिक है।. अग्रवाल का फैमिली इन्वेस्टमेंट व्हीकल Volcan, वेदांता रिसोर्सेज में 100% मालिक है. कंपनी के पोर्टफोलियो में पिग आयरन, टीएमटी बार, बिलेट, डक्टाइल आयरन पाइप और वायर रॉड शामिल हैं.


Electrosteel Steels की 2018 में 2.51 मिलियन टन की नियोजित स्टील बनाने की और 1.5 मिलियन टन की कमीशंड क्षमता थी. वेदांता के तहत, कंपनी ने बोकारो और गोवा में बड़े पैमाने पर विस्तार और बेल्लारी, कर्नाटक में एक ग्रीनफ़ील्ड इकाई शुरू की है. कंपनी ने गर्म धातु क्षमता को मौजूदा 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) से बढ़ाकर 3 MTPA करने के लिए 34.8 करोड़ डॉलर कैपेक्स निवेश की घोषणा की है. इसके इस वित्तीय वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है. लौह अयस्क के 12 MTPA के साथ मार्जिन एक्सपेंशन के लिए वैल्यू एडेड उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया गया है.



Edited by Ritika Singh