कर्ज में डूबे ऑटो ड्राइवर की लगी 25 करोड़ रुपये की लॉटरी, 22 साल से आजमा रहा था किस्मत

By yourstory हिन्दी
September 19, 2022, Updated on : Mon Sep 19 2022 15:25:43 GMT+0000
कर्ज में डूबे ऑटो ड्राइवर की लगी 25 करोड़ रुपये की लॉटरी, 22 साल से आजमा रहा था किस्मत
लॉटरी के जीते हुए 25 करोड़ रुपयों में से कर का भुगतान करने के बाद अनूप को 15 करोड़ रुपये के आसपास मिलेंगे. इसमें 10 फीसदी एजेंसी का कमिशन और 30 फीसदी टैक्स कटेगा. अनूप ने कहा है कि वह ओणम बंपर लॉटरी से मिले पैसों से सबसे पहले अपना कर्ज चुकाएंगे और इसके बाद वह अपने परिवार के घर बनाएंगे.
Clap Icon0 claps
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Clap Icon0 claps
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

केरल में एक ऑटो रिक्शा चालक ने रविवार को 25 करोड़ रुपये की ओणम बंपर लॉटरी जीती है. यहां श्रीवराहम के रहने वाले अनूप ने लॉटरी जीतने से एक दिन पहले शनिवार को लॉटरी टिकट (टी-750605) खरीदा था.


अनूप ने जिस एजेंसी से लॉटरी टिकट खरीदा था, वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को उन्होंने बताया कि ‘टी-750605’ उसकी पहली पसंद नहीं था. उन्होंने कहा कि उन्होंने जो पहला टिकट खरीदा था, वह उन्हें पसंद नहीं आया था इसलिए उन्होंने दूसरा टिकट लिया और उस पर जीत हासिल हुई.

एक दिन पहले मंजूर हुआ था 3 लाख का कर्ज, मलेशिया जाने की थी तैयारी

मजेदार बात यह भी है कि एक दिन पहले ही उनका तीन लाख रुपये कर्ज का आवेदन मंजूर हुआ था. वह शेफ के तौर पर काम करने के लिए मलेशिया जाने की तैयारी कर रहे थे.


मलेशिया यात्रा और कर्ज के बारे में अनूप ने कहा, “बैंक ने आज कर्ज के लिए कॉल किया तो मैंने बता दिया कि मुझे अब ऋण की जरूरत नहीं है. अब मैं मलेशिया भी नहीं जाऊंगा.”

22 साल से खरीद रहे हैं लॉटरी टिकट

उन्होंने कहा कि वह पिछले 22 साल से लॉटरी टिकट खरीद रहे हैं और अब तक उन्हें कुछ सौ रुपये से लेकर अधिकतम पांच हजार रुपये तक मिले थे.


उन्होंने कहा, “मुझे जीतने की आशा नहीं थी इसलिए मैं टीवी पर लॉटरी के नतीजे नहीं देखता था. लेकिन जब मैंने अपना फोन देखा तो पता चला कि मैं जीत गया हूं. मुझे विश्वास नहीं हुआ और मैंने अपनी पत्नी को दिखाया. उसने कहा कि यह जीतने वाला नंबर है.”


अनूप ने कहा, “फिर भी मुझे शंका थी इसलिए मैंने लॉटरी बेचने वाली महिला को टिकट का चित्र भेजा. उसने इसकी पुष्टि की कि वह जीत वाला नंबर था.” उन्होंने कहा है कि वह आगे भी लॉटरी टिकट्स खरीदना जारी रखेंगे.

टैक्स डिडक्ट कर 15.75 करोड़ रुपये मिलेंगे

लॉटरी के जीते हुए 25 करोड़ रुपयों में से कर का भुगतान करने के बाद अनूप को 15 करोड़ रुपये के आसपास मिलेंगे. इसमें 10 फीसदी एजेंसी का कमिशन और 30 फीसदी टैक्स कटेगा. अनूप ने कहा है कि वह ओणम बंपर लॉटरी से मिले पैसों से सबसे पहले अपना कर्ज चुकाएंगे और इसके बाद वह अपने परिवार के घर बनाएंगे.

पिछले साल भी ऑटो रिक्शा चालक ने जीती थी लॉटरी

इस साल की तरह पिछले साल भी ओणम बंपर लॉटरी एक ऑटो रिक्शा चालक ने ही जीती थी. कोच्चि के पास स्थित मराडु के रहने वाले जयपालन पीआर ने पिछले साल 12 करोड़ रुपये की लॉटरी जीती थी. पिछले साल कुल 54 लाख टिकट बिके थे.


इस साल ओणम बंपर लॉटरी का दूसरी प्राइज मनी 5 करोड़ रुपये की थी. वहीं, 10 अन्य लोगों की 1-1 करोड़ रुपये की लॉटरी लगी है.

ओणम बंपर लॉटरी की फर्स्ट प्राइज का नंबर गोर्की भवन में आयोजित हुए लकी ड्रॉ में राज्य के वित्त मंत्री केएन बालागोपालन ने चुना था.

सरकार को हुई 300 करोड़ से अधिक की कमाई

ओणम बंपर लॉटरी केरल स्टेट लॉटरीज डिपार्टमेंट आयोजित कराती है. इस बार इसके कुल 67.50 लाख टिकट छापे गए थे. पहले सिर्फ 65 लाख टिकट छापे गए थे लेकिन हाई डिमांड के कारण बाद में 2.5 लाख टिकट और छापे गए. इसमें से 18 सितंबर को दोपहर 2 बजे लकी ड्रॉ खुलने से पहले तक करीब 65 लाख से अधिक टिकट बिक गए थे.


ओणम बंपर लॉटरी टिकट की कीमत 500 रुपये है. प्रति टिकट 400 रुपये सरकार के पास पहुंचते हैं. लॉटरी टिकट की भारी बिक्री के कारण सरकार को 300 करोड़ रुपये अधिक कमाई हुई है. वहीं, 1000 टिकट बेचने पर एक एजेंट को कुल 99.69 रुपये मिलते हैं.

केरल में लॉटरी का इतिहास

केरल में पहली बार साल 1967 में पेपर लॉटरी के लिए सरकार द्वारा अलग डिपार्टमेंट बनाया गया था जो कि देश में पहली बार था. पहला लॉटरी टिकट 1 रुपये का बेचा गया था और उसकी इनाम राशि 50 हजार रुपये थी. पहला लकी ड्रॉ 26 जनवरी, 1968 को खुला था.


डिपार्टमेंट एक सप्ताह में सात साप्ताहिक लॉटरी और प्रत्येक माह के लिए एक मासिक लॉटरी के साथ हर साल 6 बम्पर लॉटरी आयोजित करता है. तिरुवनंतपुरम के विकास भवन में स्थित एक निदेशालय और एर्नाकुलम में एक संयुक्त निदेशक कार्यालय होने के अलावा, इसका कोझीकोड में क्षेत्रीय उप निदेशक ऑडिट कार्यालय के अलावा 14 जिला लॉटरी कार्यालय और 21 उप लॉटरी कार्यालय हैं.


सरकार के सचिव, कर विभाग, केरल सरकार, विशेष रूप से सरकार द्वारा लॉटरी आयोजित करने और राज्य के भीतर अन्य राज्य लॉटरी की बिक्री को विनियमित करने के लिए नियुक्त प्राधिकरण है.


केरल के बाद कई अन्य राज्यों ने अपना खुद का लॉटरी टिकट बेचना शुरू कर दिया. हालांकि, केरल राज्य की लॉटरी गरीब और असहाय एजेंटों के कल्याण की सुरक्षा के लिए किए गए सक्रिय उपायों के साथ रिवेन्य जनरेशन, रोजगार क्रिएशन, विश्वसनीयता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के मामले में शीर्ष पर बनी हुई है.


Edited by Vishal Jaiswal

हमारे दैनिक समाचार पत्र के लिए साइन अप करें