$ 1.9 बिलियन वैल्यू के साथ Digit Insurance बना साल 2021 का पहला इंडियन यूनिकॉर्न

अपने लेटेस्ट फंडिंग राउंड के साथ Digit Insurance की वैल्यू 1.9 बिलियन डॉलर हो गयी है। इंश्योर-टेक स्टार्टअप ने चार साल की अवधि में यूनिकॉर्न बनने का मुकाम हासिल किया।
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बेंगलुरु स्थित इंशेयोर-टेक स्टार्टअप Digit Insurance वर्ष 2021 के लिए प्रतिष्ठित 1 बिलियन डॉलर और इससे अधिक की निजी कंपनियों के प्रतिष्ठित यूनिकॉर्न क्लब में प्रवेश करने वाला पहला भारतीय स्टार्टअप बन गया है।


कंपनी के एक बयान के अनुसार, शुक्रवार को घोषित लेटेस्ट इन्वेस्टमेंट राउंड के बाद जनरल इंश्योरेस स्टार्टअप Digit Insurance की वैल्यू 1.9 बिलियन डॉलर हो गयी है। अक्टूबर 2019 में अपने आखिरी फंड में, इसने 817 मिलियन डॉलर जुटाए थे। इसने चार साल की अवधि के बाद यूनिकॉर्न होने का मुकाम प्राप्त किया।

कामेश गोयल, फाउंडर और चैयरमेन, Digit Insurance

कामेश गोयल, फाउंडर और चैयरमेन, Digit Insurance

बीमा उद्योग के दिग्गज कामेश गोयल द्वारा 2016 में स्थापित बेंगलुरु मुख्यालय वाला स्टार्टअप, इसके निवेशक Fairfax Holdings - प्रेम वत्स के नेतृत्व में एक कनाडाई आधारित निवेश पावरहाउस, द्वारा समर्थित है।


इस स्टार्टअप में निवेश करने वाले अन्य निवेशकों में A91 Partners, Faering Capital, और TVS Capital शामिल हैं।


Digit Insurance ने 2017 में अपने ऑपरेशन का शुभारंभ किया, जो स्मार्टफोन-सक्षम स्व-निरीक्षण और ऑडियो दावों जैसी सेवाओं के साथ सामान्य बीमा खरीदने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठाता है।


स्टार्टअप के अनुसार, यह अप्रैल और दिसंबर 2020 के बीच 31.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ $ 186 मिलियन का प्रीमियम कमा रहा है। इसके पास 1.5 करोड़ ग्राहक आधार होने का दावा है।


Digit ने यह भी दावा किया कि उसने FY21 की तीनों तिमाहियों में मुनाफा कमाया है।


फाउंडर कामेश गोयल के पास जनरल इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस सेगमेंट दोनों में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। Digit की स्थापना करने से पहले, वह H8 - Asset Management और US Life Insurance और Allianz Insurance के हेड थे।


COVID-19 महामारी के दौरान, स्टार्टअप ने IRDAI के सैंडबॉक्स पहल के तहत एक निश्चित लाभ कवर लॉन्च किया।


वर्ष 2020 भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए विशेष रूप से अनुकूल नहीं रहा है, जिसे महामारी और फंड फ्लो के संदर्भ में दिया गया है। हालांकि, यूनिकॉर्न्स की वृद्धि में कोई बाधा नहीं थी। इस साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम से 11 नये यूनिकॉर्न्स देखे गए, जो फिनटेक, एडटेक, कंज्यूमर इंटरनेट और कंटेंट जैसे क्षेत्रों में हैं।