जातीय जनगणना के मुद्दे पर आज 'भारत बंद', जानिए क्या है संगठनों की मुख्य मांगें

भारत बंद के चलते बुधवार को बैंक के कामकाज और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं. परिवहन सेवाओं, कार्यालय, स्कूल और कॉलेज के संचालन पर इसका कोई असर न पड़ने की संभावना है.

जातीय जनगणना के मुद्दे पर आज 'भारत बंद', जानिए क्या है संगठनों की मुख्य मांगें

Wednesday May 25, 2022,

2 min Read

ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एम्प्लाइज फेडरेशन (BAMCEF) ने 25 को देश में भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है. अन्य पिछड़ी जातियों (OBCs) के लिए जाति आधारित जनगणना कराने को लेकर सरकार के इनकार के खिलाफ इस बंद का आह्वान किया गया है. बहुजन मुक्ति पार्टी का भी इस बंद में समर्थन है. यह फेडरेशन प्राइवेट सेक्टर में SCs/STs/OBCs के लिए रिजर्वेशन के नॉन इंप्लीमेंटेशन, चुनावों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन्स के इस्तेमाल समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर विरोध कर रही है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा 25 मई के भारत बंद को बहुजन क्रांति मोर्चा, नेशनल परिवर्तन मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, भारतीय युवा मोर्चा और कुछ अन्य संगठनों से भी समर्थन मिला हुआ है.

संगठनों की कुछ प्रमुख मांगें

- OBCs की जाति आधारित जनगणना

- चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल को खत्म करना

- एससी/एसटी/ओबीसी के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण

- एनआरसी/सीएए/एनपीआर को लागू न करना

- टीकाकरण को अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा

- किसानों को एमएसपी की गारंटी देने वाला नया कानून

- पुरानी पेंशन योजना की बहाली

- मध्य प्रदेश और ओडिशा पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में अलग से निर्वाचक मंडल

- पर्यावरण संरक्षण के नाम पर होने वाले विस्थापन से आदिवासी आबादी का संरक्षण

- कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान बने श्रम कानूनों से श्रमिकों की सुरक्षा