स्टार्टअप्स की रैंकिंग में बिहार फिसड्डी, गुजरात ने एक बार फिर मारी बाजी

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यहां राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग 2021 जारी की. इसमें गुजरात को लगातार तीसरी बार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का दर्जा मिला.

स्टार्टअप्स की रैंकिंग में बिहार फिसड्डी, गुजरात ने एक बार फिर मारी बाजी

Tuesday July 05, 2022,

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नये उद्यमियों के लिए स्टार्टअप परिवेश विकसित करने में बिहार और लद्दाख का प्रदर्शन इस बार भी सबसे खराब रहा जबकि गुजरात और कर्नाटक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में उभरे हैं.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यहां राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग 2021 जारी की. इसमें गुजरात को लगातार तीसरी बार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का दर्जा मिला.

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तैयार की गई रैंकिंग में यह बात सामने आई.

मेघालय को छोटे राज्यों में सर्वेश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला पाया गया. एक करोड़ से कम आबादी वाले राज्यों को छोटा राज्य माना गया है.

केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर को शीर्ष प्रदर्शन करने वालों के रूप में वर्गीकृत किया गया है.

कुल 24 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों ने इस कवायद में हिस्सा लिया. उन्हें पांच श्रेणियों में स्थान दिया - 1) सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले, 2) शीर्ष प्रदर्शन करने वाले, 3) नेतृत्वकर्ता, 4) आकांक्षी नेतृत्वकर्ता और 5) उभरता स्टार्टअप परिवेश.

रैंकिंग उभरते उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप परिवेश विकसित करने के लिए की गई पहल पर आधारित है. इसमें पंजाब, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश और गोवा को नेतृत्वकर्ता की श्रेणी में रखा गया.

आकांक्षी नेतृत्वकर्ता की श्रेणी में छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़, पुडुचेरी और नगालैंड शामिल हैं.

रैंकिंग के अनुसार, उभरते स्टार्टअप परिवेश की श्रेणी में सबसे निचले राज्यों की श्रेणी में आंध्र प्रदेश, बिहार, मिजोरम और लद्दाख को शामिल किया गया.

विशेषज्ञों ने कहा कि अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए बिहार जैसे राज्यों को अधिक सुधार करने की आवश्यकता है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में भी बिहार लगातार सबसे नीचे वाले राज्यों में आ रहा है.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग द इंडियन इकॉनमी (CMIE) के अनुसार, जुलाई में बिहार में बेरोजगारी की दर 14 फीसदी थी जो कि राष्ट्रीय औसत का दोगुना थी.

इन राज्यों का मूल्यांकन सात क्षेत्रों में किए गए सुधार के आधार पर हुआ. इन क्षेत्रों में संस्थागत समर्थन, नवाचार को बढ़ावा देना, बाजार तक पहुंच और वित्त पोषण सहायता जैसे 26 कार्य बिंदु शामिल थे.

गोयल ने सभी संबंधित पक्षों से कहा कि स्टार्टअप परिवेश के लिहाज से भारत इस समय दुनिया में तीसरे स्थान पर है और उसे दुनिया में शीर्ष बनाना है. उन्होंने इसके लिए जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव दिया.