इस महिला आंत्रप्रेन्योर के फैशन ज्वैलरी ब्रांड ने कोरोना महामारी में भी कमाया 1.2 करोड़ का रेवेन्यू

By Rekha Balakrishnan
May 20, 2021, Updated on : Mon May 24 2021 03:49:08 GMT+0000
इस महिला आंत्रप्रेन्योर के फैशन ज्वैलरी ब्रांड ने कोरोना महामारी में भी कमाया 1.2 करोड़ का रेवेन्यू
Binni’s Wardrobe एक फैशन ज्वैलरी ब्रांड है, जिसे श्रद्धा शर्मा त्रिपाठी ने शुरू किया है। यह ब्रांड एथनिक, ट्राइबल, सेमी-एथनिक और कंटेम्पररी फैशन ज्वैलरी में एक्सक्लूसिव यूनिक हैंडमेड डिजाइन पेश करता है।
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श्रद्धा शर्मा त्रिपाठी ने एक स्टेम सेल बैंक में प्रोडक्ट मैनेजर की अच्छी खासी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर 2015 में एक उद्यमी बनने का फैसला किया और एक फैशन ज्वैलरी ब्रांड, बिन्नीज वॉर्डरोब (Binni’s Wardrobe) की स्थापना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा से बायो टेक्नोलॉजी में बीएससी और नागपुर यूनिवर्सिटी से माइक्रोबायोलॉजी में मास्टर डिग्री किया हुआ है।

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मुंबई में रहने वाली श्रद्धा अपने परिवार में पहली पीढ़ी की उद्यमी हैं। श्रद्धा ने देखा कि फैशन ज्वैलरी इंडस्ट्री में ऐसे बहुत से सेलर्स हैं, जो विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आभूषणों को बेच रहे हैं। हालांकि उन्हें एक ऐसा भी प्लेटफॉर्म या विकल्प नहीं दिखा, जहां ग्राहक अपने ऑर्डर में किसी भी तरह के बदलाव के लिए कह सके।


श्रद्धा कहती हैं, 

“विक्रेताओं का अपने ब्रांड की एक अलग पहचान बनाने पर ध्यान केंद्रित नहीं था और वे सिर्फ विभिन्न ट्रेडिंग पोर्टलों पर बिक्री कर रहे थे। इसे देखकर मुझे लगा कि मुझे यहां कुछ करना चाहिए और इसने मुझे अपना खुद का उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया, जिसमें इन सभी बिंदुओं पर ध्यान दिया गया हो।"


इससे पहले उन्होंने काफी रिसर्च किया और इस दौरान राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के दूरदराज के शहरों में स्थित पारंपरिक कारीगरों से जाकर मिलीं, जिन्होंने आभूषण बनाने में उनकी मदद की। इसने उन्हें एक सप्लाई चेन बनाने में भी मदद मिली, जहां वह कम इन्वेंट्री में भी अधिक बदलाव के साथ काम कर सकती थीं। उन्होंने मैन पावर, कच्चे माल और डिजाइनिंग में भी निवेश किया। इसमें लगभग तीन साल लगे और 2018 में जाकर बिन्नीज वार्डरोब का संचालन शुरू हुआ।

अनोखे और एक्सक्लूसिव डिजाइन

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वह कहती हैं, "बिन्नीज वार्डरोब का आज पूरा ध्यान ग्राहकों को ऑर्डर में लचीलापन मुहैया कराते हुए अनोखे और एक्सक्लूसिव डिजाइन पेश करना है। यदि ग्राहक अपने ज्वैलरी में किसी तरह की बदलाव चाहता है, जैसे- हार की लंबाई, मोतियों का रंग आदि। तो उसकी जरूरत के मुताबिक बदलाव किए जाते हैं।"


यह एथनिक, ट्राइबल, सेमी-एथनिक और कंटेम्पररी फैशन ज्वैलरी में एक्सक्लूसिव यूनिक हैंडमेड डिजाइन पेश करता है। स्टैंडर्ड नेकलेस सेट और झुमके के अलावा, यह एक्सेसरीज रेंज के तहत पैर की अंगुली के छल्ले, चूड़ियों और कंगन, मांग में पहने जाने वाला टीका, कमर बैंड, नाक पिन आद की एक पूरी रेंज मुहैया कराती है। श्रद्धा कहती हैं कि प्रत्येक उत्पाद में उस स्थान की झलक होती है, जहां से उसे बनाने वाला कारीगर आता है या फिर कच्चा माल मंगाया गया है।


श्रद्धा बिन्नीज वार्डरोब की मूल संस्थापक हैं। हालांकि बाद में उनके पति एसके भी उनके साथ जुड़ गए और अब वह ब्रांड के ओवरसीज कार्यों को देखते हैं। वहीं श्रद्धा ज्वैलरी की डिजाइन, सप्लाई चेन, लागत नियंत्रण और बिक्री के बाद के कार्यों को देखती हैं। श्रद्धा के पास कोर ऑपरेशन के लिए 5-6 सदस्यों की एक बेहद छोटी टीम है, जिसके साथ वह यह सब संभालती हैं।


बिन्नीज वार्डरोब आज मिंत्रा, एजियो, मिरॉ, वर्ल्ड ऑर्ट कम्यूनिटी, झरोनका सहित कई अन्य ई-कॉमर्स साइटों पर उपलब्ध है। ब्रांड से 50 से अधिक कारीगर और उनके परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। बिन्नीज वार्डरोब अपने प्रोडक्ट अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके और यूएई जैसे एनआरआई आबादी वाले देशों के ग्राहकों को भी भेजती है।

एक नए प्रोडक्ट को लॉन्च करने की तैयारी

अभी तक इस ब्रांड में श्रद्धा ने अपना ही पैसा लगाया है। उन्होंने सिर्फ 20,000 रुपये से इसकी शुरुआत की थी। कोरोना महामारी बावजूद पिछले वित्त वर्ष में इसकी आमदनी 1.2 करोड़ रुपये से अधिक की रही थी। हालांकि श्रद्दा ने परिचालन खर्चों से जुड़ी जानकारियों का खुलासा नहीं किया।

वह कहती हैं, “महामारी के दौरान, फुटफॉल कम हो गया है लेकिन हम बहुत चिंतित नहीं हैं। हम इस क्षणिक मंदी का इस्तेमाल अपनी प्रक्रियाओं को मजबूत करने, अपनी नए प्रोडक्ट को लॉन्च करने की योजना बनाने और अपने चैनलों का विस्तार करने के लिए कर रहे हैं। निकट भविष्य में हमारी योजना अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बड़ा बनाने की है। वहीं लंबी अवधि में हम लोगों की इकलौती मनपसंद फैशन एक्सेसरीज ब्रांड बनना चाहते हैं।"

श्रद्धा कहती हैं कि स्थानीय स्तर पर ऐसे बहुत सारे कारोबारी या विक्रेता हैं, जो अपने पारंपरिक या पारिवारिक बिजनेस पृष्ठभूमि से हैं और इस क्षेत्र में कूदकर यहां के अवसरों को भुनाना चाहते हैं। हालांकि वो सिर्फ वॉयला ब्रांड को ही अपना कॉम्पिटिशन मानती हैं। 


कंपनी ने शुरुआत से अभी तक 160 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ दर्ज की है। फैशन ज्वैलरी बाजार की साइज करीब 40,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। श्रद्धा का मानना है कि उनके उत्पाद की मांग, डिजाइन और ग्राहक के अच्छे अनुभव कुछ ऐसे कारक हैं, जिससे कंपनी को ग्रोथ हासिल करने में मदद मिली है। 


वहीं बाकी महिला उद्यमियों को एक व्यावहारिक सलाह देना चाहती हैं।


वह कहती हैं, "नवाचार, रचनात्मकता और विशिष्टता हमेशा कामयाबी दिलाएगी। जिन विचारों को आप लागू करना चाहते हैं, उस मामले में हमेशा अपनी दिल की सुनें।"


Edited by Ranjana Tripathi