Flipkart के को-फाउंडर बिन्नी बंसल ने कंपनी के बोर्ड से दिया इस्तीफा

फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला वॉलमार्ट को अपने शेयर बेचकर ईकॉमर्स कंपनी से पूरी तरह बाहर निकलने के कुछ महीनों बाद लिया है.

Flipkart के को-फाउंडर बिन्नी बंसल ने कंपनी के बोर्ड से दिया इस्तीफा

Sunday January 28, 2024,

3 min Read

फ्लिपकार्ट (Flipkart) के को-फाउंडर और पूर्व सीईओ बिन्नी बंसल (Binny Bansal) ने वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है. ईकॉमर्स दिग्गज ने YourStory से ख़बर की पुष्टि की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंसल अब अपने नए ईकॉमर्स वेंचर OppDoor पर फोकस करेंगे.

बंसल ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "मुझे पिछले 16 वर्षों में फ्लिपकार्ट समूह की उपलब्धियों पर गर्व है. फ्लिपकार्ट एक मजबूत स्थिति में है, एक मजबूत नेतृत्व टीम और आगे बढ़ने का स्पष्ट रास्ता है, और इस विश्वास के साथ, मैंने कंपनी छोड़ने का फैसला किया है, यह जानते हुए कि कंपनी सही स्थिति में है.“

उन्होंने कहा, "मैं टीम को शुभकामनाएं देता हूं क्योंकि वे ग्राहकों के लिए अनुभव बदलना जारी रखेंगे और मैं व्यवसाय का एक मजबूत समर्थक बना रहूंगा."

बंसल का पद छोड़ने का निर्णय वॉलमार्ट को अपने शेयर बेचकर ईकॉमर्स कंपनी से पूरी तरह बाहर निकलने के महीनों बाद आया है. इससे पहले, YourStory ने बताया था कि बंसल ने कंपनी की स्थापना से लेकर बाहर निकलने तक 1-1.5 अरब डॉलर कमाए.

सचिन और बिन्नी बंसल ने 2007 में फ्लिपकार्ट की सह-स्थापना की. एक अपार्टमेंट से काम करते हुए, दोनों ने अपने ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर किताबें बेचकर, अमेज़ॅन की तर्ज पर भारत में कंपनी की शुरुआत की. बिन्नी ने जनवरी 2016 तक फ्लिपकार्ट के सीओओ के रूप में कार्य किया, जिसके बाद उन्हें सीईओ के रूप में पदोन्नत किया गया.

सीईओ और फ्लिपकार्ट बोर्ड के सदस्य कल्याण कृष्णमूर्ति ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “हम पिछले कई वर्षों में बिन्नी की साझेदारी के लिए आभारी हैं, क्योंकि फ्लिपकार्ट समूह विकसित हुआ है और नए व्यवसायों में प्रवेश कर रहा है. व्यवसाय के बारे में उनकी अंतर्दृष्टि और गहरी विशेषज्ञता बोर्ड और कंपनी के लिए अमूल्य रही है."

उन्होंने कहा, "फ्लिपकार्ट एक बड़े आइडिया और कड़ी मेहनत का नतीजा है, जिसे भारत की दुकानों को बदलने के लिए प्रतिबद्ध टीमों द्वारा बनाया गया है. हम बिन्नी को अपने अगले वेंचर के लिए शुभकामनाएं देते हैं और भारत के रिटेल इकोसिस्टम में उनके द्वारा किए गए गहरे प्रभाव के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं.“

2018 में, वॉलमार्ट ने लगभग 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट में 77% हिस्सेदारी हासिल कर ली, जो अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है.

लेह हॉपकिंस, कार्यकारी उपाध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय रणनीति और विकास और क्षेत्रीय सीईओ-एशिया और वालमेक्स, और फ्लिपकार्ट बोर्ड सदस्य, ने कहा, "व्यवसाय के संस्थापक के रूप में, बिन्नी ज्ञान और अनुभव का एक अनूठा संयोजन प्रदान करते हैं. हम भाग्यशाली रहे हैं वह 2018 में वॉलमार्ट के निवेश के बाद से बोर्ड में बने हुए हैं और हमें उनकी सलाह और अंतर्दृष्टि से बहुत फायदा हुआ है."

हाल ही में, वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की ईकॉमर्स महत्वाकांक्षाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने के प्रयास में निवेशक टाइगर ग्लोबल के 1.4 अरब डॉलर के शेष शेयर भी खरीदे थे.

फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद सचिन बंसल उससे बाहर हो गए थे.

बिन्नी टेक्नोलॉजी पर केंद्रित वीसी फर्म 021 Captial में निवेशक हैं. उन्होंने अब तक 92 निवेश किए हैं, जिनमें ACKO, Unacademy और Yulu शामिल हैं.

(Translated by: रविकांत पारीक)